विजया भारती और ओंकारेश्वर पांडेय एक हुए, विवाद-झगड़ा खत्म

विजया भारती लोकगायिका हैं और वरिष्ठ पत्रकार ओंकारेश्वर पांडेय की पत्नी हैं. पिछले दिनों उन्होंने अपने पति पर कई सारे आरोप लगाए. उन्होंने महुआ चैनल तक पर अपने पति पर खुलेआम कई आरोप लगाए. उन्होंने खुद के जान को खतरा बताया. यहां तक कहा कि उन्हें जबरन पागलखाने में भर्ती कराने की साजिश चल रही है. भड़ास समेत कई वेबसाइटों और शुभचिंतकों ने विजया भारती को मदद दिलाने के लिए उनकी पीड़ा को आवाज दी, मंच प्रदान किया.

पर अब जब सबको पता चल रहा है कि मियां-बीवी राजी हो गए, एक हो गए हैं तो सबको अप्रत्याशित खुशी महसूस हो रही है, साथ में यह नसीहत भी कि मियां-बीवी के झगड़े में टांग फंसाने वाले आखिर में बुद्धू बन जाते हैं और मियां-बीवी सुलह करके फिर एक हो जाते हैं. नीचे विजया भारती का वो स्टेटस व तस्वीर जिसे उन्होंने अपने वॉल पर पोस्ट किया है.

Vijaya Bharti : Namaskar, Maine apna "Valentine Day" is bar Bhopal me celebrate kiya. Bhopal ke "Samanvay Bhawan" me 15 Feb. 2013 ko mera Musical Performance bhi tha.


विजया भारती के उपरोक्त स्टेटस व फोटो के पत्रकार मयंक सक्सेना ने शेयर करते हुए ये लिखा है-

Mayank Saxena : इसको देखिए…और बस सोचते रहिए कि आखिर हम ग़लत थे या सही…समझना ही मुश्किल है…और सोचना भी कि किसकी मदद के लिए आगे आया जाए, और किसके लिए नहीं…क्या अगली बार विजया जी की मदद के लिए या समर्थन में कोई आगे आएगा…मैं हैरान हूं…और असमंजस में भी कि आखिर हम कब परेशान हो, कब नहीं…और सरोकार से जुड़ने में किस तरह प्रतिष्ठा बचाए रखी जाए… (जिन साथियों को विजया भारती प्रकरण याद हो, उनके लिए…) …आप सब कुछ कहें…

मयंक के स्टेटस पर आए कुछ कमेंट यूं हैं…

Mayank Saxena : क्या ये भी महिला विमर्श का मुद्दा नहीं कि आखिर कैसे बार बार एक महिला किस मजबूरी में उसका दमन करने वाले पुरुष के ही साथ रहना चाहती है…और अगर ऐसा नहीं है तो क्या हम हर बार किसी की मदद के लिए आगे आने से पहले किसी जासूस से जांच करवाएं कि किसी पुरुष के खिलाफ़ शिकायत सच है या झूठ…
 
Abhishek Srivastava : यह तस्‍वीर नौ घंटे पहले की है, जबकि एक और नोटिफिकेशन चमक रहा है… Vijaya became friends with Onkareshwar Pandey.
3 hours ago (???!!!)
 
Bunty Tripathi : वो इतनी सशक्त महिला होकर गर ये जुल्म सह रही है तो कौन साहस देगा हमारे समाज में उन महिलाओं को जो खुद को बेसहारा समझती है
 
Nikhil Anand Giri : हर आदमी में होते हैं दस-बीस आदमी, जिसको भी देखना हो कई बार देखना..
 
Avinash Das : यह मिलना सुखद है। दंपती को उनके बेहतर भविष्‍य के लिए शुभकामनाएं दें।

Mayank Saxena : कि आखिर कैसे बार बार एक महिला किस मजबूरी में उसका दमन करने वाले पुरुष के ही साथ रहना चाहती है… Avinash Das
 
Avinash Das स्त्रियां क्षमा करना जानती हैं… इस तस्‍वीर को देख कर उनके लिए मंगलकामना करें… जख्‍म न कुरेदें।

Ravindra Ranjan : स‌ोच स‌े आगे
 
Abhishek Srivastava : Avinash Das सही लाइन है, पूर्ण समर्थन

Sheeba Aslam Fehmi : Mayank ye aapke sath chauthi baar hua hai shayad… aapki pasopesh samajh sakti hun, mujhe yaad hai pichhle November aap Vijaya ji k liye kitne pareshan they.
 
Ajay Sinha : we should not waste our precious time for such a stupid person…
 
Arvind Srivastava : subah ka bhoola sham ko ghar vapas aaye usey bhoola nahi kahte
 
Ajay Sinha : usse bhool jana hi behtar hai
 
Rukmini Sen : Ajay Sinha lets not call someone stupid without knowing all the details. In a case like this it is important to let the lady take her decisions. We should just be there for her. This must not be easy for her. We don't know what she really went through.
 
Janardan Yadav : 2003 का गरहा सम्मेलन भोजपुरी का…. मैं प्रत्याषदर्शी था ॥विजया जी के…मनोविज्ञान उसी समय आभास हुआ था मुझे…….


ओंकारेश्वर और विजया के बीच क्या विवाद था, जानने के लिए यहां क्लिक करें- मियां बीवी का झगड़ा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *