विधायक ने फोटोग्राफर को इसलिए पीटा कि उसने सोते हुए फोटो खींच लिया था

गुवाहाटी। ऐसा लगता है कि विधानसभा या विधायकों को कवर करने के लिए जाने वाले फोटोग्राफरों को अपने साथ सुरक्षा गार्ड लेकर जाना होगा। कम से कम मेघालय विधानसभा में एक विधायक द्वारा फोटोग्राफर की जम कर पिटाई तो इसी तरह का संकेत दे रहा है।

असल में कहानी यह है कि सोमवार को मेघालय विधानसभा के प्रांगण में फोटो पत्रकार वाल्टन लिटन पर विधायक फाउन्डर स्ट्रोंग काजी ने इसलिए हमला कर दिया कि इस फोटोग्राफर ने शुक्रवार को विधानसभा में सोते हुए इनका फोटो ले लिया था। जिससे बौखलाए विधायक ने सोमवार को जब उक्त फोटोग्राफर को देखा तो अपना आपा खो बैठे और उस पर लात-घूंसे से हमला करने के बाद बेचारे फोटोग्राफर का कैमरा भी तोड़ दिया।

ज्ञात हो की फाउन्डर स्ट्रोंग काजी शिलांग के मौलाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वह इस फोटो पत्रकार से इस बात पर नाराज थे कि उसने शुक्रवार को विधानसभा सत्र के दौरान सोते हुए उनका फोटो खींच लिया था। जनता के इस प्रतिनिधि ने खुले आम बेचारे फोटोग्राफर को लात-घूंसों से इतना मारा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलावस्था में उसे शिलांग सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इधर, घटना क्षुब्ध पत्रकारों ने दोषी विधायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिलांग प्रेस क्लब तथा कुछ गैर सरकारी संगठनों के अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष चार्ल्स प्यून्ग्रूप एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा की है। मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमले किसी पर भी हो सकते हैं। मीडिया एवं नेताओं को रिस्क उठानी पड़ती है लेकिन इस तरह के हमले निंदनीय हैं तथा इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। गैर सरकारी संगठनों ने भी मीडिया पर हमले को निंदनीय बताते हुए आरोपी विधायक के खिलाफ सख्ती बरते जाने पर जोर दिया।

शिलांग प्रेस क्लब, मेघालय पत्रकार संघ के अलावा मेघालय संपादकों और प्रकाशकों के एसोसिएशन ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के मद्देनजर कानूनी कार्रवाई सहित कानून बनाए जाने पर जोर दिया है। इससे पूर्व पत्रकार संघ ने विधानसभा के उपाध्यक्ष चार्ल्स पय्न्ग्रूप के साथ मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के पास भी इस विधायक के खिलाफ शिकायत पत्र भेज कर करवाई करने की मांग की है। विधायक द्वारा फोटोग्राफर की पिटाई की निंदा करते हुए गुवाहाटी प्रेस क्लब के कार्यालय सचिव डीएन सिंह ने कहा कि आज की राजनीति गुंडों और बाहुबलियों के हाथों में गिरफ्त हो गई है। और इसका सबसे बड़ा उदाहरण मेघालय के विधायक द्वारा फोटोग्राफर की अमानवीय तरीके से पिटाई है।

गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.

 

 
 

 

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