हिंदुस्तान, कानपुर के स्थानीय संपादक विश्वेश्वर कुमार की तानाशाही से नाराज होकर हिंदुस्तान, फर्रुखाबाद से सात लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे की शुरुआत कल ब्यूरो चीफ चंद्रपाल सिंह सेंगर के द्वारा तब की गई जब उन्हें स्थानीय संपादक विश्वेश्वर कुमार ने मौखिक रूप से इस्तीफा देने का फरमान सुना दिया. चंद्रपाल सिंह सेंगर की गलती ये थी कि उन्होंने हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर द्वारा घोषित की गई नीतियों के खिलाफ हो रहे काम का स्थानीय संपादक के यहां विरोध जताया था.
इस विरोध जताने को बजाय सकारात्मक तरीके से लेने की जगह स्थानीय संपादक का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने सेंगर से फोन पर ही इस्तीफा इस्तीफा इस्तीफा कह डाला. सेंगर ने भी आव देखा न ताव, विश्वेश्वर के मुंह पर इस्तीफा दे मारा. गलत नीतियों के खिलाफ लड़ रहे अपने ब्यूरो चीफ के इस्तीफे से प्रेरित होकर सेंगर के अधीनस्थ छह कर्मियों ने भी आज अपना इस्तीफा दे दिया. इनके नाम हैं- सौरभ कटियार, दिनेश चौहान, अमित शर्मा, विनय सिंह और अजय प्रताप सिंह. बिजनेस एसोसिएट प्रदीप चौहान ने भी इस्तीफा दे दिया. इस तरह कुल सात लोगों के इस्तीफे के बाद हिंदुस्तान का फर्रुखाबाद ब्यूरो पूरी तरह खाली हो गया है. एक के बाद एक कुल सात इस्तीफे से विश्वेश्वर कुमार के होश उड़ गए. उन्होंने हालात संभालने के लिए कानपुर से सर्वेश मिश्रा को फर्रुखाबाद भेजा. पर सर्वेश के संभाले भी हालात संभल नहीं पा रहे.
आखिर ऐसा क्या हुआ कि फर्रुखाबाद में सात लोगों ने इस्तीफा दे डाला? इसकी पड़ताल जब भड़ास4मीडिया ने की तो पता चला कि विश्वेश्वर कुमार अपने चहेते एक रिपोर्टर की गल्तियों को सुनने के लिए बिलकुल तैयार नहीं थे और जब उस रिपोर्टर की शिकायत सेंगर ने की तो वे उखड़ गए और उल्टे ब्यूरो चीफ को ही इस्तीफा देने का फरमान सुना दिया. फर्रुखाबाद में क्राइम रिपोर्टर के पद पर सुनील दुबे तैनात थे. दुबे ने विश्वेश्वर कुमार को राजी करके अपना तबादला फर्रुखाबाद के कायमगंज तहसील में करा लिया. बताते हैं कि ब्यूरो चीफ सेंगर इसके लिए राजी नहीं थे. पर दुबे ने अपनी पहुंच स्थानीय संपादक तक बना रखी थी, इसलिए वो मनचाही पोस्टिंग पाने में सफल रहा. कायमगंज तहसील में ही दुबे की पत्नी बीडीसी सदस्य है. एक रोज हिंदुस्तान अखबार में सुनील दुबे की पत्नी की तरफ से सपा प्रत्याशी अजीत कजरिया के पक्ष में विज्ञापन छप गया. ऐसा करना हिंदुस्तान के प्रधान संपादक शशि शेखर की घोषित नीतियों के खिलाफ था.
शशि शेखर ने लखनऊ में बैठक कर सभी को निर्देश दिया था कि कोई भी रिपोर्टर किसी भी प्रत्याशी के पक्ष-विपक्ष में नहीं दिखेगा-लिखेगा. पर कायमगंज में तो हिंदुस्तान का रिपोर्टर खुलेआम सपा प्रत्याशी का पक्ष अपनी पत्नी के नाम पर ले रहा था. इसी बात की शिकायत सेंगर ने विश्वेश्वर कुमार से की थी. उन्होंने स्थानीय संपादक को बताया कि कायमगंज में प्रधान संपादक के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. पर सेंगर की बात सुने जाने की जगह उन्हें इस्तीफा दे देने को कह दिया. फिलहाल हिंदुस्तान के एचआर की टीम फर्रुखाबाद में डेरा डाले है और हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिशें जारी हैं.
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