”वेश्या और पत्रकार, दोनों खुद को बाजार में बेचते हैं, एक शरीर बेचती है, दूसरा जमीर”

Ashish Maharishi : वेश्‍या और पत्रकार में क्‍या कोई अंतर है। दोनों ही खुद को बाजार में बेचते हैं। एक शरीर बेचती है तो दूसरा अपना जमीर

        Satyendra Tiwari Khoob kahi. jamir bechne vaale ab jyaadaa hi dikhte he.
 
        Rajat Abhinav जैसे हर महिला वेश्या नहीं होती,वैसे ही हर पत्रकार अपना जमीर नहीं बेचता है.
 
        Sanjay Kareer जलील ही करना है तो कम से कम तुलना तो सही करो …
   
        Sanjay Kareer और यह भ्रम भी दूर कर लो कि हर बार सही ही सोचते हो …
    
        Siddhartha Shankar Gautam aashish ji, kam se kam patrakaarita dharm chodkar hi zahar ugalte, khud ke liye to apshabdon ka prayog na karein..
     
        Shashikant Mishra its not faier
      
        Ashish Maharishi संजय जी, यह एक विचार है, सही या गलत, इसे लोगों को खुद तय करने दीजिए
       
        Ashish Maharishi प्रिय सिदार्थ अभी मैंने अपना जमीर बेचा नहीं है। बचा हुआ है। कईयों ने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाए
        
        Ankit Tiwari achha laga sunkar ki patrkar ka apna koi zameer hota hai..
         
        Siddhartha Shankar Gautam ya to aapne zameer nahi becha ya aap swyam ko patrakaar na maate huye bheedchaal ka hissa maante hain anyatha apne hi peshe ko nikrisht peshe se jodkar nahi dekhte..
         
        Ashish Maharishi वेश्‍या तो मजबूरी में जिस्‍म बेचती है लेकिन कई पत्रकार ऐसे हैं जो जानबूझ कर बिक जाते हैं।
         
        Sanjay Kareer अपने आप को पाक साफ करार देना और दूसरों के बारे में ऐसे विचार रखना क्‍या दर्शाता है.. क्‍या आप सबको जानते हैं ?
         
        Sanjay Kareer क्‍या सब धान 5 रुपए पसेरी बिकते हैं ?
         
        Ashish Maharishi सजंय जी मैं कई दलालों को जानता हूं
         
        Sanjay Kareer तब हिम्‍मत दिखाएं और उनके नाम लेकर कहिए… हिम्‍मत नहीं ह‍ै तो कहिए कि कुछ पत्रकार ऐसे हैं… सब पर तोहमत लगाने का लायसेंस आपके पास नहीं है… यह उल्‍लू गान करने के लिए और बहुत से लोग बैठे हैं.. उन्‍हें करने दीजिए
         
        Rajesh Dubey माननीय, आपने जोश में तुलना ही गलत कर दी है, वेश्‍या शरीर बेचकर घर और अपना गुजर बसर करती है पर कई पत्रकार है जो कि र्प्रतिबद्व होकर काम कर रहे है आप उन सब पत्रकारों का मजाक उडाया
         
        Sanjay Kareer दूसरी बात जिस्‍म बेचने और जमीर बेचने में जमीन आसमान का अंतर है…
         
        Ashish Maharishi राजेश सर, सभी के लिए नहीं कहा है। सिर्फ दलाल पत्रकारों के लिए यह लाइन है
         
        Siddhartha Shankar Gautam ye sirf patrakaarita me hi nahi varan har peshe me sambhav hai, iske liye aap poori jamaat ko katghare me nahi khada kar sakte, ya to aap frastet ho chuke hain ya maatra facebookiyaa uplabdhi kii chakachaund aapko swyam ko bada samaaj sudhaarak hone ka dambh karaati hai, kripya a.c. kamron me baithkar swyam ko siddh na samjhein, gandagi samaaj me har aor hai, kam se kam apne peshe se to pyar kijiye, yadi aisa hi raha to aap jald hi facebookiya paridrishya se ojhal ho jaayenge..
         
        Sanjay Kareer ये कमेंट मैंने कहीं और भी किया है… पत्रकारों (या मीडिया) से ही सदाचरण की उम्‍मीद क्‍यों की जाती है? पूरा समाज, हर तबका, सरकारी से लेकर निजी सेक्‍टर तक जहां जैसा मौका मिलता है लूट कर निकल लेता है… तो पत्रकार क्‍या एलियन हैं… वे भी तो इसी समाज का हिस्‍सा हैं। वे ऐसा कुछ करते हैं तो नैतिकता का पाठ पढ़ाने और सीख देने वालों के साथ कोसने वालों का पूरा कोरस चल पड़ता है… अजीब हिपॉक्रेसी है…
         
        Kaushal Verma agar aap ek patrakar hokar aisa comparison kar rahe hain to apko sharm ani chahiye.. mai apke is kathan ka jamkar bhartsna karti hun!! Shame !!
         
        Sanjay Bengani वैश्या फिर भी ठीक है
         
        Gyan Tripathi Sach bola bhai
         
        Harsh Vardhan Ojha ‎200% right
         
        Dharmendra Rai Hindustaan me 94 pratisat neta,90 percen patrakaar,80 pratishat babu BHRAST hai.RTI ke dwara sabse jada blacmailing patrakaar hi kar rahe hain……
         
        Virjesh Singh एक गंभीर समानता भी है। दोनों का शोषण होता है। बेचने-खरीदने का मामला होने के नाते ऐसा होना संभव हो जाता है। वैसे केवल जमीर बेचकर पत्रकारिता कितने दिन चलेगी……..।
         
        Dharmendra Tripathi औरों की छोडिए आप क्‍या बेचते हो ये बताइए बस …

दैनिक भास्कर से जुड़े पत्रकार आशीष महर्षि के फेसबुक वॉल से साभार.

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