शरद पवार जितनी बार बयान देते हैं उतनी बार चीजों के दाम बढ़ जाते हैं

Nadim S. Akhter : शरद पवार, क्रिकेट, चीनी और प्याज— एनसीपी के मुखिया शरद पवार कह रहे हैं कि राहुल गांधी के साथ वह काम नहीं कर सकते. एक बार फिर से पुरानी मुद्रा में आ गए हैं ताकि सत्ता मिली तो ज्यादा से ज्यादा हिस्सा खुद के लिए झपट सकें. आप भूले नहीं होंगे जब सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने खुद की पार्टी, एनसीपी बना ली थी लेकिन जब सत्ता की मलाई सामने आई तो पवार को उसी सोनिया गांधी से कोई एलर्जी नहीं हुई. यूपीए में शामिल हो गए.

दरअसल शरद पवार ने कृषि मंत्री रहते देश का कितना नुकसान किया है, इसकी जांच होनी चाहिए. उनका ध्यान अपने मंत्रालय पर कम और क्रिकेट पर ज्यादा रहता है. वह जितनी बार बयान देते हैं, उतनी बार चीजों के दाम बढ़ जाते हैं. पहले चीनी के दाम बढ़ाए और अब प्याज. साफ कह देते हैं कि इतने दिनों से पहले दाम कम नहीं होंगे और लूट-माफिया सक्रिय हो जाता है. असहाय मनमोहन सिंह की सरकार देखती रहती है.

अब पवार को राहुल गांधी से ऐतराज है. फिर किसी नए 'डील' की भूमिक तैयार हो रही है. लेकिन वो कहते हैं ना कि सूत ना कपास और जुलाहों में लट्ठमलट्ठ. पहले राहुल गांधी और शरद पवार का गठबंधन यानी यूपीए अगले लोकसभा चुनावों में सरकार बनाने लायक नंबर तो ले आएं, साथ काम करने की बात तो बाद में आती है. कौन जाने, पब्लिक आप दोनों को साथ काम करने का मौका ही ना दे.

पत्रकार नदीम एस. अख्तर के फेसबुक वॉल से.

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