शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अलीगढ़ के डीएम के खिलाफ जांच के आदेश

सैनिकों की शहादत पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अलीगढ़ के डीएम राजीव रौतेला के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जांच के आदेश दे दिये गये हैं. राजीव रौतेला ने पिछले सितम्बर माह में शहीद सैनिकों और उनके परिवार वालों के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी. उनके खिलाफ जांच का आदेश सामाजिक कार्यकत्री एवं आरटीआई एक्टिविस्ट लखनऊ की उर्वशी शर्मा की शिकायत पर दिया गया है.

अलीगढ़ के डीएम ने पिछले महीने एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए कहा था कि हमारा देश विलाप करने वाला देश है. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि सिपाही का काम देश की रक्षा करना है. अगर वो सेवा करते हुए अपने प्राणों को त्याग देता है तो परिवार कहता है कि जब तक नेता नहीं आयेंगे, जब तक पचास लाख नहीं मिलेंगे, पेट्रोल पंप नहीं देंगे, सड़क नहीं बनवायेंगे तब तक हम लाश नहीं उठने देंगे. रौतेला ने देश के विकास को रोकने में सैनिकों के परिवार के इस व्यवहार को मुख्य कारण बताया.

उर्वशी शर्मा का कहना है कि राजीव रौतेला ने अपने वक्तव्य में सैनिकों की सेवा बारह वर्ष होने, सैनिकों को पेंशन देने, शहीद सैनिकों को मुआवजा देने आदि सरकारी नीतियों की सार्वजनिक रूप से भर्त्सना की, जो सेवा नियमों के तहत दंडनीय अपराध है. इसलिए मैने प्रदेश सरकार और भारत सरकार से अलीगढ़ के जिलाधिकारी द्वारा शहीदों के प्रति की गयी शर्मनाक टिप्पणियों पर देशद्रोह, मानवाधिकार उल्लंघन एवं सेवा नियमों का उल्लंघन होने के प्रकरण में राजीव रौतेला को तत्काल निलंबित करने और जांच कराकर नियमानुसार दण्डित करने की कार्यवाही करने का अनुरोध किया था.

नियुक्ति विभाग के उपसचिव अनिल कुमार सिंह ने शिकायत पर आगे कार्यवाही हेतु उर्वशी शर्मा से शपथ पत्र देकर शिकायत किये जाने की पुष्टि करने एवं समुचित साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है. शर्मा ने शीघ्र ही राजीव रौतेला के भाषण के सम्बन्धित अंश के वीडियो की सीडी को साक्ष्य के रूप में शामिल करने हेतु शिकायती शपथ पत्र नियुक्ति विभाग को उपलब्ध किये जाने की बात कही है.

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