शारदा समूह में निवेश करने वाली महिला ने की आत्‍महत्‍या

कोलकाता : शारदा समूह और इसके प्रवर्तक सुदीप्त सेन आज भी सुर्खियों में बने रहे। शारदा में अपने जीवन की पूरी कमाई लगाने वाली वाली एक महिला ने आज आत्महत्या कर ली। महिला ने उस समय अपने आप को आग लगा ली जब उन्हें ऐसा लगा कि उनका सारा पैसा अब डूब चुका है। उन्हें गंभीर हालत में शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके अलावा शारदा के कम से कम दो एजेंटों के आत्महत्या की कोशिश की भी खबरें सामने आ रही है।

ग्रीनबंग में अपना पैसा लगाने वाले लोगों ने जलपाइगुड़ी स्थित शारदा के कार्यालयों पर हमला किया। जमाकर्ता अपना पैसा वापस किए जाने की मांग कर रहे थे हालांकि ग्रीनबंग का शारदा से कोई लेना देना नहीं है। इसी बीच पूरे मामले में तृणमूल कांग्रेस अपने आप को राजनीतिक तौर से घिरा हुआ पा रही है क्योंकि एजेंटों और पैसा जमा कराने वाले लोगों का कहना है कि शारदा के प्रति उनके भरोसे की वजह इसका तृणमूल कांग्रेस और उसके नेताओं से निकट संबंधों का होना है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कई लोगों को यह लगता है कि शारदा एक सरकारी संगठन है।

पूर्व वित्त मंत्री असीम दासगुप्ता ने आज कहा कि वर्ष 2009 में वाम मोर्चे की सरकार ने चार कंपनियों के खिलाफ जांच की शुरुआत की थी और शारदा भी इनमें से एक है। दासगुप्ता ने पूछा, 'हमने तो भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड को इस बारे में इतिला दी थी जिसने शारदा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मौजूदा सरकार ने जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में क्या किया है।'

उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने चिट फंड को नियंत्रित करने के लिए एक विधेयक को तैयार किया था जिसे राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलनी बाकी है। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दासगुप्ता ने कहा, 'सुदीप्त सेन को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। देरी से जांच पर असर पड़ रहा है।' वहीं राज्य सरकार के वकील ने कहा कि सेन कोलकाता से भाग गए हैं और वह देश छोडऩे की कोशिश कर रहे हैं। कल गिरफ्तार हुए एक निदेशक मनोज कुमार नागेल ने कहा कि उन्हें इस मामले में सेन ने फंसाया है। फिलहाल नागेल को पांच दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। बतौर कारोबारी सुदीप्त सेन की पूरी यात्रा काफी रहस्यमय रही है। शारदा की कई कंपनियां हैं और इनमें से कुछ कंपनी पंजीयक के साथ पंजीकृत भी है। अन्य बड़ी कंपनियों में शारदा रियल्टी, शारदा कंसट्रक्शन, शारदा टूर्स ऐंड ट्रैवल्स शामिल हैं।

शारदा उस समय घर घर लोकप्रिय हो गई जब उसने वर्ष 2009 बंगाली समाचार चैनल चैनल 10 की शुरुआत की और इसके तुरंत बाद वर्ष 2010 में अंग्रेजी दैनिक बंगाल पोस्ट और बंगाली दैनिक शकलबेला की शुरुआत की गई। यह सब कुछ काफी तेजी से हुआ। हालांकि कुछ ही ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने सुदीप्तो सेन से मुलाकात की है हालांकि उससे भी कम लोग इस बात का दावा कर सकते हैं कि वे सेन को जानते हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कुणाल घोष शारदा ग्रुप मीडिया के मुख्य कार्याधिकारी थे। (बीएस)

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