शाहीन और रेणु को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अफसरों को तत्काल सस्पेंड करो

Srijan Shilpi : इस मामले पर खुल कर बहस होनी चाहिए। लगातार ऐसे मामले देखने में आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि पुलिस वाले संविधान और क़ानून भूलकर नेताओं की चाकरी करने में लगे हुए हैं। यह मनमानी बंद होनी चाहिए। सच बोलना देश के नागरिकों का मौलिक कर्तव्य है और इसके लिए उसे संविधान के तहत मौलिक अधिकार मिले हुए हैं। जिस देश के नागरिक अपने मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य भूल जाते हैं, उस देश पर तानाशाहों का कब्जा हो जाता है! इस मामले में शाहीन और रेणु की गिरफ्तारी के लिए जिम्मेवार पुलिस अधिकारियों पर भी मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें तत्काल सस्पेंड करते हुए उचित विभागीय कार्रवाई शुरू होनी चाहिए।

Mohammad Anas : Taliban fears a girl with a book and Shiv Sena fears a girl with the facebook.

Mohammad Anas : दो अहम् और ज़रूरी सवाल… क्या मुंबई पुलिस की रिपोर्टिंग शिव सेना को है? …क्या कांग्रेस हम सब को मूर्ख बना रही है ?

Syed Faizur Rahman : क्या 'सवाल' उठाना, 'विरोध' करने की निशानी है ..??? . . अभी कुछ दिन पहले जब एक नन्ही-सी बच्ची ऐश्वर्या ने गाँधी के 'राष्ट्रपिता' होने बाबत 'सवाल' किया था तब, हम में से किसी ने भी उसे गाँधीजी का 'विरोधी' कतई नहीं माना था, माना भी नहीं जा सकता था ..!!! फिर, आज एक 'मराठी' मानुष पर 'सवाल' उठाने वालों को ये 'तथाकथित' (अ)राष्ट्रवादी देशभक्त हेय दृष्टि से क्यूँ देख रहें हैं ..??? बाल ठाकरे की स्वभाविक मौत के बाद … इसी तरह मुम्बई के पूर्ण बन्द पर -पालाघर की रहने वाली दो लड़कियों ने सवाल उठाया … नतीजा … 2000 ठाकरे भक्तो ने उनके चाचा ने क्लिनिक पर तोड़ फोड़ की … महाराष्ट्रा पुलिस ने भी उलट कार्यवाही करते हुये दोनों को आईपीसी की धारा 295 (ए) (धार्मिकभावनाएं भड़काना) और आईटी एक्ट,2000की धारा 64 (ए) के तहत गिरफ्तार किया है। एक का कसूर ये बताया जाता है कि उसने कंमेट किया था –

"ठाकरे जैसे लोग रोज पैदा होते और मरते हैं इसके लिए बंद करने की कोई जरूरत नहीं है।"

दूसरी ने उसे like किया था ।

अब बताइये मैं यह कैसे मान लू की मैं एक ऐसे लोकतंत्र में रहता हूँ जिसके संविधान ने "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" का अधिकार दिया है…… अगर इस तरह की घटना आप वाजिब मानते है कि उन लड़कियो को ' सबक' सीखाना जरुरी था … तो यह भी बता दो…तानाशाही किसे कहते है…. आज कही पढा था … ' Tiger' से ज्यादा खतरनाक है भीड़ … वो भीड़ जो अपने गली के शेर(?) की अंतिम यात्रा मे उमड़ी थी … जिसने एक बार फिर ये अहसास करा दिया कि इस देश मे लोकतंत्र नही भीड़तत्र है …

Suraj Yadav : तो महारष्ट्र के कांग्रेस- एन सी पी सरकार में फेसबुक पर कमेंट करने पर लड़कियों को गिरफ्तार किया जाता है. इसके पहले धोती वाले चिदंबरम के बेटे पर ट्वीट करने पर और उसके बाद धोती वाले का फोटो लेने पर एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. कैसी त्रासदी है? इस देश में आम आदमी को बोलने की आज़ादी नहीं है मगर नेताओं को भौंकने की है। दरअसल सरकार हर जगह आम आदमी को मिलने वाली सब्सिडी ख़त्म कर रही है और उसे लगता है फ्री स्पीच में जो 'फ्री' है वो सब्सिडी है! और 'मौन' मोहन सिंह का तो कहना है की,"फ्री स्पीच नहीं, मैं तो स्पीच के ही खिलाफ हूं.

A.k. Roy : भारत में आज़ादी तो केवल प्रभावशाली लोगो के लिए है। वो जो चाहे करे उन्हे पूरी छूट है ….। पर हम सब की तरफ से उन "साहसी शाहीन धड़ा और रेणु श्रीनिवासन "को बधाई की उन्होने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को बुलंद किया,वो तब देश का मीडिया अलग राग अलाप रहा था ……..। उन्हे हम सबका का "सलाम "……।

Pushkar Pushp : महाराष्ट्र पुलिस को चूड़ियाँ भेंट करनी चाहिए. शिवसैनिक और ठाकरे परिवार सरेआम गुंडागर्दी करते हैं तब महाराष्ट्र पुलिस महाराष्ट्र से गायब दिखती है. लेकिन एफबी पर कमेन्ट लिखने पर बड़ी फुर्ती से दो लड़कियों को गिरफ्तार कर लेती है. धन्य है …यदि आप मुंबई में हैं और फेसबुक पर हैं तो सोंच – समझकर एफबी पर लिखियेगा. नहीं तो मुंबई पुलिस आपको गिरफ्तार कर लेगी. हां एफबी पर लाइक भी कंजूसी से कीजियेगा. किसी शिवसैनिक ने आपकी शिकायत कर दी तो मुंबई पुलिस आपको दिसलाइक कर देगी… मुंबई पुलिस की तत्परता ऐसी चीजों में दिखती है… बाकी तो ………..

फेसबुक से.


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