शिवसैनिकों की गालियां, धमकियां और पत्थर खाने का सौभाग्य अपन को भी मिला : राहुल देव

Rahul Dev : शिवसैनिकों की गालियां, धमकियां और पत्थर खाने का सौभाग्य अपन को भी मिला। अपना सबसे गौरवशाली समय मुंबई में रहना, पत्रकारिता करना रहा।

Rahul Dev : एक और ठाकरे अंतर्विरोध- दो अखबारों के संपादक, कार्टूनिस्ट होने के बावजूद आलोचक अखबारों-पत्रकारों पर हमले करवाए। निखिल वागले, कुमार केतकर पर।

Rahul Dev : He ensured Marathis got heard & their dues. He united a section of Marathis but divided d nation on religious & regional identities.

Rahul Dev : 3 big tests for Thackrey legacy.1-did he unite or divide Indians? strengthened or weakened Maharashtra? enhanced or lowered Marathi image?

Rahul Dev : लीजिए इस नाचीज के लिए गालियां, धमकियां शुरू हो गई हैं। इंतजार था। धन्यवाद नवनाथ राजवाडे साहब।

वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने ये कुछ टिप्पणियां ट्विटर और फेसबुक पर की हैं.

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