शिवसैनिकों से पत्थर खाने के बाद जार्ज फर्नांडिस बोले- चलो बाल ठाकरे के घर पर काफी पीते हैं

बाल ठाकरे की मौत पर उनकी आत्मा शान्ति मिलने की कामना कर रहा हूँ. गो कि हमें वे कभी पसंद नहीं रहें. एक वाकये का जिक्र करना चाहता हूँ. जार्ज फर्नांडिस और बाल ठाकरे में कमाल की दोस्ती रही लेकिन सार्वजनिक रूप से जार्ज बाला के खिलाफ आग उगलते रहे. बांद्रा के आसपास कहीं जार्ज की सभा थी. बंबई में गैर मराठियों के सवाल पर. पानीवाली बाई मृणाल गोरे भी साथ में थी. जार्ज ने जब बोलना शुरू किया तो सैनिको ने जार्ज पर ईंट पत्थर फेकना शुरू किया लेकिन जार्ज रुके नहीं बल्कि कुछ ज्यादा ही तल्ख़ हो गए.

सभा समाप्त हुई तो जार्ज ने कहा चलो बाला के घर काफी पीते हैं. हमें हैरानी हुई. लेकिन हम गए. मृणाल जी को कहीं और जाना था सो वह चली गयीं. वहाँ जिस गर्मजोशी के साथ दोनों मिले वह ज्यादा हैरान करनेवाली बात थी. लेकिन पत्थरबाजी की कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं एक नयी जानकारी भी हुई कि किसी जमाने में रजा सूजा और हुसैन की तिकड़ी जहां अड्डेबाजी करते थे वहीं जार्ज और बाला भी मिला करते थे. बाद के दिनों में कभी कभी फोन पर जार्ज और बाला को बात करते सुना है. लेकिन मराठी और गैर मराठी के सवाल पर जार्ज अडिग रहे हैं.

लेखक चंचल काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे हैं. आर्टिस्ट और एक्टिविस्ट हैं. उनका यह लिखा उनके फेसबुक वॉल से लिया गया है.

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