श्रीमान अरविन्द केजरिवाल जी, आपके लिये यह संदेश है, कृपया ध्यान दें…

श्रीमान अरविन्द केजरिवाल जी, आपके लिये यह संदेश है। कृपया ध्यान दें।

1. जनता ने आपको नेतृत्व और प्रतिनिधित्व दिया है ताकि आप उनके लिये निर्णय लें। आप हर काम जनता से पूछकर करेंगे तो आपका नेतृत्व किस काम का?

2. जनता ने आपको विधायक बनाया है, सर्वेक्षण का काम नहीं सौंपा।

3. जनता बेचारी रोजी-रोटी की तकलीफों में व्यस्त है। उनसे किन-किन निर्णयों पर एसएमएस की उम्मीद रखते हैं आप?

4. लीडर हैं तो फैसले लीजिये, इतना सुरक्षित खेलेंगे तो जनता का विश्वास खो देंगे।

5. डरिये मत, आपसे चमत्कार की उम्मीद किसी को नहीं है।

6. दिल्ली में पूरी की पूरी सीटें भी आप जीत जाएँ और केंद्र में सरकार भी बना लें तो भी चमत्कार नहीं कर पाएँगे।

7. केवल इतना कीजिये कि प्रशासन में कसावट ला दीजिये, "थोड़ी" घूसखोरी कम करवा दीजिये, कुछ बुनियादी मुद्दों पर ध्यान दीजिये।

8. इतना करने के लिये आपको विधानसभा में काँग्रेस के सहयोग की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासकीय सूझ-बूझ और नेतृत्व कौशल चाहिये बस। मेरा विश्वास है कि आपमें यह दोनों गुण हैं।

9. नेता वह है जो दम दिखाये, खतरे उठाने की क्षमता रखे, आपने दोनों गुणों का प्रदर्शन चुनावों के दौरान किया है। अब सरकार चलाने का मौका है, तब भी इन्हीं गुणों का प्रदर्शन करने की आवश्यकता है।

10. आप यह न कहिये कि सरकार न बनाने के पीछे रणनीति है। बार-बार चुनावों में एक जैसी हवा बनाना और परिणाम लाना मजाक नहीं है। और जैसा कि मैंने पहले ही कहा, पूरी सीटें ले भी आए तो भी चमत्कार तो होने से रहा, उससे अच्छा यही है कि अवसर का लाभ उठाएँ और सरकार बनाएँ। इससे करदाता का चुनावों में खर्च होनेवाला बहुत सा पैसा बच जाएगा।

11. जब आप सरकार बना लें, तो कृपया अधिकांश फैसले स्वयं लीजियेगा। जनता अच्छा नेता चुनने का फैसला लेती है, आगे का काम नेता का होता है। यही लोकतंत्र है।

12. मेरी बातों का बुरा न मानियेगा। सदभावना और सदिच्छा से ही लिखा है।

सादर शुभकामनाओं सहित,

हितेन्द्र अनंत

हितेंद्र अनंत के फेसबुक वॉल से.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *