संत शोभन ने मोदी से कहा- दीपक चौरसिया को लेकर मेरे आश्रम आइए… (पढ़ें पूरा पत्र)

संत शोभन सरकार ने नरेंद्र मोदी को जो चिट्ठी भेजी है, उसमें अगर किसी एक पत्रकार का नाम है तो वो हैं 'इंडिया न्यूज' चैनल के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया. शोभन सरकार ने पत्र में मोदी को कहा है कि वे संसद के प्रतिनिधियों और मीडिया की तरफ से दीपक चौरसिया को लेकर आश्रम आ जाएं और सारी शंकाओं का समाधान कर लें. बाबा ने यह भी कहा है कि अगर उनका दावा गलत निकल जाएगा तो दीपक चौरसिया के कहे अनुसार अपना सिर तलवार से अलग कर दूंगा.

शोभन सरकार की चिट्ठी से उन संपादकों और चैनलों के दिल पर सांप लोट रहा है जो दिन रात शोभन सरकार, सोना, खुदाई आदि चिल्लाते दिखाते रहते हैं पर जब शोभन सरकार की तरफ से नाम लेने की बारी आई तो बाबा को केवल दीपक चौरसिया याद आए. इससे जाहिर होता है कि हिंदी न्यूज चैनलों में दीपक चौरसिया सबसे ज्यादा पापुलर नाम हैं.

दीपक चौरसिया ने अपनी लोकप्रियता और तेवर के दम पर टीआरपी के मामले में इंडिया न्यूज को नंबर चार पर ले आए जो पिछले कई वर्षों में न्यूज चैनल और टीआरपी की दुनिया का सबसे बड़ा उलटफेर है. आसाराम प्रकरण में दीपक चौरसिया की मुहिम से इंडिया न्यूज घर घर देखा जाने वाला न्यूज चैनल बन गया. लगता है इसी कारण बाबा शोभन सरकार भी सिर्फ इंडिया न्यूज को देखते रहते हैं. सो, उन्हें सबसे पहले कोई पत्रकार याद आया तो दीपक चौरसिया का नाम आया. नीचे वो चिट्ठी भड़ास के हाथ लगी है जिसे शोभन सरकार ने लिखा है और मोदी को भेजा है. इसी चिट्ठी के आधार पर कई ब्रेकिंग न्यूज कई चैनलों पर चल रही है.

अगर उपरोक्त पत्र पढ़ने में दिक्कत आए तो पत्र के ठीक उपर एक बार क्लिक कर दें.

पत्र टेक्स्ट फार्मेट में यूं है…

आदरणीय नरेंद्र भाई,

कानपुर की धरती पर आपका स्वागत करते हुए विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि केंद्र सरकार और श्रीमती सोनिया गांधी पर हमला करने की हड़बड़ी में आपने संत की मर्यादा का भी उल्लंघन कर दिया है। सत्य संकल्प श्री स्वामी शोभन सरकार जी ने जो सपना देखा, वह इस राष्ट्र को विश्व की सबसे शक्तिशाली आर्थिक शक्ति बनाने का है। उसी सपने की तामीर के लिए स्वामी जी ने भारत सरकार को अमेरिका और ब्रिटेन दोनों देशों के कुल संयुक्त स्वर्ण भंडार से अधिक स्वर्ण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था, जिसके तहत उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया कि डौंडिया खेड़ा में एक स्थान की जांच जीएसआई से करा ली जाए और अगर जीएसआई जांच में तथ्य प्रमाणित हों तो खनन कार्य करा लिया जाए। तथा स्वर्ण संपदा भारत सरकार के मुद्रा कोष को सौंप दी जाए। यहां तो केवल 1 हजार टन सोने की बात है, शोभन सरकार जी ने तो राष्ट्र को 21 हजार टन स्वर्ण कोष उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।

आप जैसे प्रभावशाली नेता से गुजारिश है कि अनर्गल प्रलाप करके समय न व्यर्थ करें। देश के सराकारी अमले सहित संसद में सभी दलों के प्रतिनिधियों द्दारा मीडिया विशेषतः दीपक चौरसिया जी के साथ आईये। श्री स्वामी शोभन सरकार जी से एक बार याचना करके तो देखिए तत्क्षण यदि देश का आकांक्षये पूरी ना कर दें तो आपके मित्र दीपक चौरसिया जी के सामने सर कलम करवाने के लिए वहीं हाजिर रहूंगा। चौरसिया जी ने पूछा है यदि सोना नहीं निकला तो क्या ओम बाबा सर कलम करवाएंगे ? मेरा जवाब है हां। हम रघुवंशी है। शोभन सरकार रघुवंश शिरोमणि हैं प्राण जाए पर वचन ना जाए। हम कहते नहीं जीते हैं।

श्री शोभन सरकार जी के सपने पर आपकी प्रतिक्रिया  तो आ गई। श्री महंत नृत्य गोपाल दास जी, श्री लक्ष्मी कांत वाजपेयी तथा कानपुर के भाजपाई एवं विश्व हिन्दू परिषद के अगुवाकारों की प्रतिक्रिया भी अगर 3 बजे पूर्व कानपुर की जनता को सुनवा सकें तो सुनवा दीजिए। आपकी सरकार अटलजी के नेतृत्व में अपना कार्यकाल पूरा कर चुकी है। तब आपकी सरकार काला धन स्विस बैंक से क्यों नहीं ला पाई?

रामसेतू आपकी पार्टी की आस्था का वर्तमान विषय है। मेरा कहना है इस रामसेतू को स्वयं भगवान राम ने लंका विजय के बाद अयोध्या वापसी के समय पुष्पक विमान पर बैठने के बाद विभीषण के अनुरोध पर ध्वस्त कर दिया था। इस तथ्य की पुष्टि पद्म पुराण से की जा सकती है। कृप्या अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं विशेषतः सुधांशु मित्तल से कहिए कि अध्ययन कर लें उसके बाद आस्था का विवाद खड़ा करें। आज आप सोशल मीडिया के सबसे बड़े हिमायती हैं। क्या वो दौर भी देश की जनता को याद दिलाएंगे जब सैम पित्रोदा इस देश के कम्पयूटीकरण की बुनियाद सी डॉट परियोजना पर कार्य शुरू कर रहे थे तब आपकी पार्टी श्री अटल बिहारी वाजपयी जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व के नेतृत्व में गली गली यह दुष्प्रचार कर रहे थे कि यदि कम्पयूटरीकरण हो गया तो देश बेरोजगारी के भंवर जाल फंस जाएगा। क्या आज आप यह स्वीकार करने का साहस करेंगे कि आप लोगों का उस समय का स्टैण्ड गलत था।

बोफोर्स में दलाली के अलावा  आपने उसकी गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठाए थे जो सेना के मनोबल पर विपरीत्त प्रभाव डालती थी। आपकी सरकार के कार्यकाल में बोफोर्स दलालों का पर्दाफाश क्यों नही हो पाया तथा कारगिल युद्ध के समय यदि ये बोफोर्स ना होता तो आपके देश की स्थिति क्या होती क्या आप देश को बताएंगे।

टिहरीबांध के निर्माण के समय से ही अभी कुछ दिनों  पूर्व तक आपकी पार्टी इसे  देश के लिए भयंकर खतरा एवं अभिशाप बता रही थी। केदारनाथ त्रासदी के बाद ये बांध देश का रक्षक और वरदान बनकर देश के सामने आया। अगर ये नही होता तो टिहरी के नीचे तबाही का जो आलम होता उससे कम से कम आज आपकी जहां रैली हो रही है, कानपूर बच ना पाता।

मोदी जी एक सवाल और, आपकी पार्टी आपकी ब्रांडिंग करने के लिए जितना धन प्रतिदिन खर्च कर रही है वो काला है या सफेद? क्या आप बताने की कृपा करेंगे? आप मीडिया की नजरों में देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखे जा रहे हैं। आम जनता और देश का संत समाज कुछ बिंदुओं पर आपका नजरिया जानना चाहता है। मैं आम जनता और संतों के इन सवालों पर आपको सार्वजनिक बिंदुवार चर्चा के लिए सादर आमंत्रित करता हूं। एक लंगोटी, एक अचला और एक मोबाइल मेरी कुल प्रॉपर्टी है। राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है। लेकिन देश के आम अदने सड़कछाप नागरिक जो कुल वोटरों का लगभग 50 फीसदी होंगे, के सवालों के जवाब आपसे खुले मंच पर पूछना चाहता हूं।

एक प्रश्न और पूछना चाहता  हूं थल सेना अध्यक्ष के पद पर रहा वो व्यक्ति जो अपनी उम्र विवाद के कारण उस समय चर्चा में आए जब वो सेवानिवृत्ति के करीब था के बाद के मासूम कथनों पर आपका क्या नजरिया है। आपके सबसे बड़े हिमायती बाबा रामदेव जी ने अन्ना हजारे जी के आन्दोलन के बाद पंतजलि योगपीठ की 60 एकड़ अवैध कब्जे वाली ज़मीन किन परिस्थित्तियों में कब्जा मुक्त की थी। क्या आप प्रकाश डालेंगे यदि आप प्रधानमंत्री होते और खजाने की कोई सूचना आपको मिलती तो आप क्या कार्यवाही करते वर्तमान कार्यवाही में आपको देश की जग हसाई दिखाई दे रही है । मुद्दे बहुत हैं जो खुले मन से चर्चा हो तो ठीक रहेगा। अतः अनुरोध है कृप्या समय दे दीजिए, संवाद हो जाए ।

आभार, सम्मान एवं अभिवादन सहित…..

भवदीय,

ऊं

श्री शोभन आश्रम, शोभन कानपुर देहात

Email- ombabachitrakut@gmail.com
 


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