खबर है कि सतीश के सिंह, कादंबिनी शर्मा और मेहराज दुबे अब सरकारी नौकरी करने वाले हैं. इन तीनों की तैनाती दूरदर्शन में हो गई है. सतीश के सिंह का पद नेशनल चैनल एडवाइजर का है. मेहराज दुबे को डीडी के रीजनल चैनल्स का एडवाइजर बनाया गया है. ऐसा ही कोई बड़ा पद कादंबिनी शर्मा को भी दिया गया है. कादंबिनी और मेहराज अभी एनडीटीवी में कार्यरत हैं. माना जा रहा है कि ये लोग जल्द एनडीटीवी छोड़कर दूरदर्शन को अपनी सेवाएं देंगे.
उधर, इन नियुक्तियों पर कुछ लोगों ने जातिवाद का आरोप लगाया है. ये नियुक्तियां दूरदर्शन महानिदेशक त्रिपुरारी शरण और सूचना सचिव रंजन ठाकुर के नेतृत्व में की गई हैं. ये दोनों ही भूमिहार हैं. नियुक्त हुए तीन में से दो लोग सतीश के सिंह व कादंबिनी शर्मा भी भूमिहार हैं. यह भी चर्चा है कि अजीत राय को दृश्यांतर मैग्जीन के अलावा दूरदर्शन में भी एक बड़ा पद सवा लाख रुपये करीब का दे दिया गया है. अजीत राय भी भूमिहार हैं और त्रिपुरारी शरण के दुलारे माने जाते हैं. इन नियुक्तियों को लेकर मीडिया में कुछ लोगों ने सवाल किया है कि आखिर क्या अब जातिवाद ही पैमाना रह गया है नियुक्तियों के मामले में?
भड़ास को भेजे एक मेल में कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि मीडिया में ब्राह्मणवाद के बाद अब कट्टर भूमिहार वाद का दौर शुरू हो चुका है. न्यूज24 और न्यूज नेशन चैनलों के बाद अब दूरदर्शन भूमिहारों के लिए सबसे बड़ा सेंटर बन चुका है. दलितों, पिछड़ों और अन्य गरीब तबकों, जातियों को मीडिया के मठाधीश अपने यहां बिलकुल स्थान नहीं दे रहे हैं.
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