सत्ता, सेक्स और सीडी का सच

सत्ता, सेक्स और सीडी जब भी करीब आते हैं, राजनीति के गलियारों में भूचाल आ जाता है। सियासत में फिर ऐसा गुबार उठता है, मानों यह देश-दुनिया की सारी गंदगी को उड़ा ले जाएगा। हालांकि, बिगड़ैल आंधी की तरह यह टीन-टप्पर को तहस-नहस (किसी को पदमुक्त) करने के बाद शांत हो जाती है, मगर सियासत का बवंडर थम जाने के बाद भी आम लोगों की जिज्ञासाएं हिलोरें लेती रहतीं हैं। वे उस सच को जानने की जुगत में जुट जातीं हैं, जो राजनीति की गहराई में छुपी होती हैं। यह अलग बात है कि हर मुमकिन कोशिश के बाद भी वह अपने टास्क को पूरा करने में नाकाम रहतीं हैं।

अलबत्ता, आम लोगों की बेचैनी का नेता पूरा ख्याल रखते हैं। तभी तो कुछ अंतराल के बाद वह उनको सच को सामने लाने का टास्क देते रहते हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाजपा के संगठन महामंत्री संजय जोशी और राजस्थान की सत्ता में काबिज कांग्रेस सरकार के दबंग मंत्री रहे महिपाल मदेरणा व भंवरी देवी की सेक्स सीडी का ज्यादातर लोग सच्चाई जानने में असफल रहे तो कांग्रेस के प्रवक्ता और केंद्र सरकार में स्थाई समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी की सेक्स सीडी ने उनको टास्क दे दिया है। इस मामले को अभी कुछ महीने ही गुजरे थे कि नया मामला मध्य प्रदेश के ग्यावालिर से आ गया। बताया जाता है कि मुरैना-चंबल संभाग के जौरा विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी विधायक मनीराम धाकड़ की सेक्स सीडी ने यहां नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।

सत्ता, सेक्स और सीडी का रिश्ता नया नहीं हैं। दिमाग पर जोर डालेंगे तो एहसास होगा कि पिछले कुछ सालों से नियमित अंतराल के बाद किसी न किसी नेता या फिर किसी चर्चित शख्सियत की सेक्स सीडी खूब सुर्खियां बटोरतीं रहीं हैं। अब इसी कड़ी में नया नाम जुड़ा है बीएसपी विधायक मनीराम धाकड़ का। दावों के मुताबिक ग्वालियर के किसी होटल में बनी सीडी में धाकड़ किसी महिला का साथ अपत्तिजनक स्थिति में हैं। महिला कैलारस क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि उसका पति फौज में नौकरी करता है। हालांकि, धाकड़ ने इसे राजनीतिक साजिश करार देकर सीडी को ही फर्जी बता दिया है। अलबत्ता, सीडी कांड में सियासत पहली बार शर्मसार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई ऐसे कांड हुए हैं, जिन्होंने देश की छवि को धूलित किया है। इनमें वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी,  उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाजपा के संगठन महामंत्री संजय जोशी और राजस्थान के कांग्रेसी मंत्री रहे महिपालमदेरणा के अलावा पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री शांतिभूषण एवं पूर्व सपा नेता अमरसिंह की सीडी का नाम शामिल है।

वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से जुड़ी सेक्स सीडी इंटरनेट पर आई, तभी से राजनीति के गलियारों से लेकर सोशल नेटवर्किंग साइटों और आम लोगों के बीच वह चर्चा का विषय रही। बताया जाता है कि सीडी में वह एक महिला वकील के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिख रहे हैं। सीडी के मुताबिक वह महिला को जज बनाने का लालच देकर उसके साथ संबंध बनाते हैं। सीडी की शुरुआत में ही महिला उनसे कहती है, 'जज कब बना रहे हो"। इतना ही नहीं कुछ लोगों का तो यहां तक दावा है कि सीडी में जो जगह दिख रही है, वह कोर्ट परिसर का ही हिस्सा है। यदि यह हकीकत है तो वाकई शर्मसार करने वाला है, मगर हकीकत कब पता चलेगी, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। गौरतलब है कि सिंघवी पिछले साल लोकपाल बिल की वजह से सुर्खियों में आए थे। उनकी अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की सिफारिश के आधार पर ही सरकार ने बिल तैयार किया था। हालांकि, सीडी के प्रसारण पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है और सिंघवी  ने भी इसे उनके खिलाफ साजिश करार दिया है, मगर लोग कयास लगाने लगे हैं। कयास लगाना लाजिमी भी है। दरअसल, धुआं वहीं उठता है, जहां आग होती है। सीडी में सिंघवी के वाहन के पूर्व चालक का नाम भी लिया जा रहा है। कोर्ट ने एक मीडिया हाउस और पूर्व चालक को नोटिस भी भेजा है। अलबत्ता, हकीकत क्या है, यह जानने के लिए सभी उत्सुक हैं।

एनडी तिवारी की सेक्स सीडी वर्ष 2009 में तब सुर्खियों में आई थी, जब वह आंध्रप्रदेश के गर्वनर थे। एक तेलगू टीवी चैनल ने सीडी का खुलासा किया था। उसके मुताबिक सीडी में पूर्व यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर एनडी तिवारी दो जवान महिलाओं के साथ विस्तर पर देखे गए हैं। महिलाओं के साथ विस्तर पर तिवारी बिना पायजामा के हैं। बाजार में सीडी आने के बाद राजनीति में कई साल गुजारने वाले तिवारी की खासी आलोचना हुई थी। आधे घंटे के वीड़ियो ने उनकी राजनीति कॅरिअर में ऐसा तूफान मचाया कि उनको अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। भाजपा के संगठन महामंत्री संजय जोशी करीब छह साल पहले विवादित सीडी को लेकर यकायक चर्चा में आए थे। भाजपा में काफी असरदार साबित हो रहे जोशी भी सीडी में एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए। सीडी ने उनके राजनीतिक कॅरिअर में ऐसा ग्रहण लगाया कि उनको कई साल गुमनामी में काटने पड़े। हालांकि कुछ समय पहले ही वह सक्रिय राजनीति में वापस आ गए हैं, मगर सीडी की हकीकत अभी भी सामने नहीं आई है।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा और नर्स भंवरी देवी की सीडी ने तो राजस्थान की राजनीति में ऐसा तूफान खड़ा किया कि कई दिनों तक यह खबर देश के प्रमुख अखबारों और चैनलों पर प्रमुखता से प्रकाशित की गई। सीडी में मदेरणा के साथ दिखने वाली भंवरी की हत्या ने इस मामले को और तूल दे दिया। हालांकि, मदेरणा के साथ ही उनकी पत्नी ने सीडी को साजिश करार दिया। इतना ही नहीं मदेरणा की पत्नी ने तो यहां तक कह दिया कि सीडी को भंवरी ने ही बनवाया था। वह मदेरणा को ब्लैकमेल करना चाहती थी। यह मामला राजस्थान सरकार को गले की फांस बनता दिखा तो उसने इसे सीबीआई को सौंप दिया। काफी पड़ताल के बाद भंवरी की हत्या की पुष्टि हो गई। इतना ही नहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपियों ने उन वस्तुओं को भी उपलब्ध करा दिया, जिससे उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने उस नदी से भंवरी की कुछ वस्तुओं को भी गोताखोरों के जरिए इकट्ठा कर लिया, जिसमें उसको जलाने के बाद उसकी राख फेंकी गई थी। वर्ष 2006 में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का सेक्स सीडी में तब नाम उछला जब पुलिस ने एक सबीना नाम की महिला को गिरफ्तार किया। सबीना ने कई चौकाने वाले खुलासे किए थे। नतीजा, इस मामले में कई पूर्व मंत्रियों और अधिकारियों का नाम चर्चा में आया। दो पूर्व मंत्री, एक आईएस अधिकारी, एक डीआईजी और दो डीएसपी के साथ ही 18 लोगों की इस मामले में गिरफ्तारी हुई तो पूरे राज्य में हंगामा हो गया। पड़ताल के बाद उमर को इस मामले में दोषमुक्त करार दिया गया।

कई सफेदपोश पर लगे बलात्कार के आरोप

सेक्स सीडी में नाम उछलने के अलावा भी कई मर्तबा सफेदपोशों ने जनता के भरोसे को तार-तार किया है। भोली जनता की अस्मत लूटने में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ही नहीं साउथ के नेता भी पीछे नहीं रहे। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में उनके कुछ मंत्रियों के साथ ही विधायकों पर भी बलात्कार के आरोप लगे थे। यूपी के कद्दावर नेता अमरमणि त्रिपाठी और कवयित्री मधुमिता के बीच संबंधों के किस्सों ने भी उस समय खूब सुर्खियां बटोरीं थी। पिछले दिनों साउथ में हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट की सरगना फिल्म अभिनेत्री तारा चौधरी ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कई सनसनीखेज खुलासे किए थे। उसने अपने बयान ने बताया कि न केवल पुलिस वाले उस पर सेक्स के लिए दबाव डालते थे बल्कि वह उससे लड़ियों को हायर कर नेताओं के बिस्तर तक पहुंचाते थे।

लेखक धर्मेंद्र सिंह राजावत पत्रकार हैं.

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