समाचार बनाने के लिए लड़की का चीरहरण करवाया चैनल के पत्रकार ने

गुवाहाटी। टीम अन्ना के सदस्य और आरटीआई कार्यकर्त्ता अखिल गोगोई ने स्थानीय टेलीविजन चैनल न्यूज लाइव को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ चैनल के मालिक, प्रबंधक और संपादक के साथ घटना का कवर करने वाले संवाददाता गौरव ज्योति नेउग को गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछले 9 जुलाई की रात एक लड़की के साथ सरेआम बदसलूकी की घटना को न्यूज लाइव के पत्रकार गौरव ज्योति नेउग ने न्यूज तैयार करने के लिए घटना को अंजाम दिया था और पत्रकारिता को कलंकित करने वाले इस पत्रकार को न्यूज लाइव प्रबंधन बचाने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि चैनल के संपादक ने वीडियो को संपादित कर असली मसले को छिपाने का कार्य किया। इसलिए इस चैनल को ब्लैक लिस्टेड करने के साथ चैनल के मालिक तथा राज्य के शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डा. हिमंत विश्व शर्मा, चैनल के निदेशक रिंकी भुयां शर्मा, संपादक अतनु भुयां और प्रबंध संपादक जरीर हुसैन के साथ घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने वाले संवाददाता गौरव ज्योति नेउग को सरकार गिरफ्तार करे।

आरोपों को साबित करने की इलेक्ट्रानिक मीडिया फोरम की चुनौतियों के जवाब में अखिल ने आज एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर घटना की वीडियों फुटेज दिखाई। अखिल ने दावा किया है कि वीडियो फुटेज सुनाई दे रहे आपतिजनक व उकसाने वाले शब्द गौरव के हैं। सबसे अहम बात यह है कि फुटेज में गौरव पीड़ित लड़की से घटना के बारे में जानना चाहते हैं और लड़की कहती है-" मैं तो बर्थ डे पार्टी से घर लौट रही थी, आपने ही यह सब करवा दिया।'

दूसरी तरफ किसान नेता ने आज घटना की सीडी प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और केन्द्रीय महिला आयोग को भी सौंपा है। असंपादित फुटेज दिखाने से इनकार करते हुए किसान नेता ने कहा कि उनके पास जो फुटेज है उसे हू-ब-हू दिखाना संभव नहीं है। जरूरत पड़ने पर यह किसी सरकारी एजेंसी को ही सौंपा जाएगा। क्योंकि लड़की के साथ हुई बदसलूकी की यह घटना को सभ्य समाज को कोई व्यक्ति अपने आंखों से नहीं देख सकता। घटना वीभत्स है और दुनिया के सामने आने के बाद न केवल असम का पत्रकारिता जगत बल्कि पूरा असमिया समाज के लिए लज्जाजनक होगा। क्योंकि सड़क पर एक मासूम लड़की बचाओ-बचाओ चिल्ला रही थी और नर पिशाच उसके कपड़े फाड़ कर आबरू से खेल रहे थे और कोई समाचार बनाने के लिए वीडियो रिकार्डिंग कर रहा था।

इधर 24 घंटे के अंदर आरोपों को साबित करने का समय दे चुके इलेक्ट्रानिक मीडिया फोरम के अध्यक्ष नव ठाकुरिया ने कहा है कि अखिल द्वारा दिखाए गए फुटेज की जांच सरकार को करानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि अखिल ने जो फुटेज दिखाएं हैं उसकी वैज्ञानिकता की जांच करने के लिए फारेंसिक प्रयोगशाला में भेजा जाना चाहिए।

गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.

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