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सरकार के दबाव में जागरण के प्रबंधकों ने ली नवीन गौतम की बलि

दैनिक जागरण, देश का नम्‍बर एक अखबार, सबसे ज्‍यादा प्रसारित अखबार. पर इस अखबार का नाम लेते ही दिमाग में एक ऐसे अखबार की छवि बनने लगती है, जो अपनी सुविधानुसार कुछ भी कर सकता है. थूक कर चाट भी सकता है. इस अखबार के लिए जान की बाजी लगाकर काम करने वाले पत्रकारों को भी कभी भी दूध की मक्‍खी की तरह निकाल कर फेंक सकता है. यानी हर वो रास्‍ता अपना सकता है जिससे इस अखबार को किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो.

दैनिक जागरण, देश का नम्‍बर एक अखबार, सबसे ज्‍यादा प्रसारित अखबार. पर इस अखबार का नाम लेते ही दिमाग में एक ऐसे अखबार की छवि बनने लगती है, जो अपनी सुविधानुसार कुछ भी कर सकता है. थूक कर चाट भी सकता है. इस अखबार के लिए जान की बाजी लगाकर काम करने वाले पत्रकारों को भी कभी भी दूध की मक्‍खी की तरह निकाल कर फेंक सकता है. यानी हर वो रास्‍ता अपना सकता है जिससे इस अखबार को किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो.

इस अखबार से जनसरोकार की खबरों की उम्‍मीद करना तो बेकार है पर यह अपने फायदे के लिए अपनों की भी बलि ले सकता है, यह एक बार फिर साबित हो गया है. घिन्‍न आती है दैनिक जागरण की ऐसी पत्रकारिता देखकर. पैसे के लिए यह अखबार कितना भी नीचे गिर सकता है. ऐसा ही हुआ है जागरण के एक तेजतर्रार रिपोर्टर नवीन गौतम के साथ. नवीन की पत्रकारिता पर खुश होने के बजाय चाटुकारिता पसंद मैनेजमेंट ने नवीन गौतम को रिपोर्टिंग से हटाकर डेस्‍क पर भेज दिया है.

आइए अब आपको बताते हैं पूरा मामला. कल नवीन गौतम की एक बाइलाइन खबर छपी थी, जिसका शीर्षक था – गरीबी रेखा के नीचे बसर करते हैं राहुल गांधी! इस खबर में बताया गया था कि किस तरह से गुडगांव में राशन कार्डों में फर्जीवाड़ा हो रहा है. और ऐसा ज्‍यादातर राज्‍यों में होता है कि पैसा देकर आप कुछ भी, किसी के भी नाम से जारी करवा सकते हैं. कुछ समय पहले तक तो राशन कार्डों के साथ फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस तक जारी हो जाते थे, पर अब नई तकनीक आने के बाद कम से कम डीएल में यह फर्जीवाड़ा रूकी है.     

तो बात हो रही थी, राशन कार्डों की. नवीन को राहुल गांधी और सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा के सांसद पुत्र दीपेंद्र हुडडा के फर्जी राशन कार्ड मिले, जिसमें उनको गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड जारी किया गया था. इस खबर ने हरियाणा में चल रहे राशन विभाग के भ्रष्‍टाचार तथा फर्जीवाड़े की पोल खोलकर रख दी थी. बताया जा रहा है कि इस खबर पर अखबार के वरिष्‍ठों ने नवीन की पीठ भी थपथपाई थी. इस खबर को तानकर छापा गया था, यहां तक कि इसे राष्‍ट्रीय संस्‍करण में भी प्रमुखता से स्‍थान दिया गया था.

पर अचानक चौबीस घंटे के भीतर ऐसा क्‍या हो गया कि प्रबंधन ने नवीन गौतम को रिपोर्टिंग से हटाकर डेस्‍क पर बैठा दिया. आइए अब बताते हैं इसके पीछे का खेल. हरियाणा में भी बिहार जैसा मीडिया पर अघोषित सेंसरशिप है. यहां भी मीडिया वैसे ही मैनेज होती है, जैसे बिहार में नीतीश कुमार करते हैं. इस खबर के छपने के बार हरियाणा सरकार की अच्‍छी खासी किरकिरी हुई. बताया जा रहा है कि इसके बाद सीएम के चहेते सक्रिय हो गए. दैनिक जागरण के प्रबंधन को धमकाया गया कि अगर ऐसे ही रहा तो विज्ञापन बंद कर दिया जाएगा. और भी काफी कुछ सुनाया गया.

विज्ञापन बंद होने की धमकी मिलते ही दैनिक जागरण का चाटुकार प्रबंधन हरकत में आया. और आनन-फानन में मुख्‍यमंत्री के नजदीकी लोगों से संपर्क साधा. फिर बात खंडन छापने पर आई. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने इस मामले में सरकार की पोल खोलने की बजाय अपने हथियार डालते हुए सीएम के पैरों तले लोटने लगा. त्राहि माम त्राहि माम किया जाने लगा. नवीन गौतम के पक्ष में खड़ा होने की बजाय सरकारी इशारा मिलने के बाद उन्‍हें ही रिपोर्टिंग से हटाकर डेस्‍क पर भेज दिया गया. साथ अखबार ने इस बारे में खंडन भी छापा कि यह उन डिपो मालिकों की शरारत का हिस्‍सा है, जिनका डिपो निरस्‍त कर दिया गया था. 

तो सवाल यह उठता है कि आखिर डिपो मालिकों के पास यह राशन कार्ड पहुंचा कैसे. जब सारे राशनकार्डों पर नम्‍बरिंग होती है, उसको जारी करने वाले अथारिटी का सिग्‍नेचर होता है, मुहर लगता है, जांच होती है, इसके बाद भी इन राशन कार्डों का गलत तरीके से डिपो मालिकों ने कैसे बना डाला. जाहिर है कि इसमें गलती सिर्फ डिपो मालिकों की नहीं बल्कि सरकारी कर्मचारियों की भी है. भ्रष्‍टाचारियों की भी है. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय जब सत्‍ता और मीडिया की जुगलबंदी हो गई तो सच को तो मरना ही है. और इस बार सच को मार डाला एक अखबार ने. दैनिक जागरण ने.

नीचे मूल खबर :


                         गरीबी रेखा के नीचे बसर करते हैं राहुल गांधी!

नवीन गौतम

गुड़गांव : कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी गुड़गांव की अर्जुन नगर कालोनी में रहते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सुपुत्र व रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा राजेंद्र पार्क कॉलोनी के निवासी हैं। इन राजनीतिक हस्तियों के अलावा अंडरव‌र्ल्ड के कई बादशाह भी इसी शहर के बाशिंदे हैं। इनकी आर्थिक स्थित भी इतनी खराब है कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर बीपीएल राशन कार्ड पर राशन ले रहे हैं। यह सब जानकर आप तो हैरान होंगे ही, जिनके नाम ले रहे वे भी चौंक जाएंगे। लेकिन यह गुड़गांव में राशन कार्ड को लेकर चल रहे फर्जीवाड़े की हकीकत है। कुछ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से राशन माफिया गरीबों के हक पर सरेआम डाका डाल रहा है। इसे फर्जीवाडे़ को हाथ लगे दस्तावेज व राशन कार्ड के सहारे दैनिक जागरण उजागर कर रहा है। यह कारनामा राशन विभाग के कुछ अधिकारियों ने कर दिखाया है। इनके ऊपर लोग अक्सर आरोप लगाते है कि उन्हें राशन नहीं मिल रहा है और मिट्टी का तेल तो डिपो में पहुंचने से पहले ही गायब हो जाता है। अधिकारी हर बार इससे इंकार कर देते हैं और कभी दबाव की बात आती है तो जांच करवा रहे हैं कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जनता पेट के लिए चिल्लाती है और कई सालों से जमे यहां कुछ अधिकारी कोठी बनाओ का खेल खेलते हैं। राशन विभाग में भ्रष्टाचार की बानगी देखिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के नाम से राशन कार्ड संख्या 821481 बना है। उनका पता दिया गया है मकान नंबर 14, अर्जुन नगर जो कि वार्ड 14 में दर्शाया गया है। इसमे वितरण क्षेत्र का नाम गुड़गांव है और परिवार के मुखिया के तौर पर उनके पिता स्व. राजीव गांधी का ही नाम है। राशन विभाग के अधिकारियों ने रोहतक से सांसद दीपेन्द्र हुड्डा को भी नहीं बख्शा है। उनके नाम से 039095 पंजीकरण संख्या के तहत मकान 1530/30 राजेन्द्र पार्क पर राशन कार्ड बनाया गया है। इसमें पिता का नाम भूपेंद्र हुडा दिया गया है और दीपेंद्र की फोटो भी इस कार्ड के ऊपर लगी है। बताया जाता है कि राशन विभाग के अधिकारियों ने इनको बनाने के लिए तीन सौ से पांच सौ रुपये की रिश्वत ली और कार्ड जारी कर दिए। इन राजनेताओं के अलावा अंडरव‌र्ल्ड से जुड़े अनेक लोगों के कार्ड भी गुड़गांव के राशन विभाग के अधिकारियों द्वारा जारी किए गए हैं। इन फर्जी राशन कार्ड के नाम का राशन तो खुले बाजार में बेच ही दिया जाता है साथ ही सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। फर्जी कार्ड बनवा विभाग की हकीकत को सामने लाने वाले व्यक्ति का दावा है कि वह तीन सौ रुपये में किसी भी व्यक्ति राशन कार्ड बनवा सकता है। जिला उपायुक्त पी.सी. मीणा ने कहा कि यह किसी ने मजाक किया होगा। ऐसी चूक संभव नहीं हैं। फिर भी वह इस बात की तहकीकात कराएंगे कि जो कार्ड जारी किए गए हैं, वह रजिस्टर में चढ़े हैं या नहीं।


 

दैनिक जागरण में दूसरे से प्रकाशित खंडन की खबर :


                          डिपोधारकों की साजिश का शिकार थे राहुल-दीपेंद्र

चंडीगढ़ : खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि राहुल गांधी व दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम से बीपीएल के फर्जी राशनकार्ड उन डिपो मालिकों की शरारत का हिस्सा हैं जिनके राशन डिपो अनियमितताओं के चलते हाल ही में रद्द किए गए हैं। विभागीय जांच के दौरान उजागर हुआ कि गुड़गांव प्रशासन की बीपीएल सूची में राहुल गांधी और दीपेंद्र हुड्डा के नाम से कोई राशनकार्ड नहीं हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के महानिदेशक अरुण गुप्ता ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच उप निदेशक स्तर का अधिकारी करेगा। महानिदेशक के निर्देश पर गुड़गांव के जिला प्रशासन तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की पड़ताल भी की।


 

 

 
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