सरबजीत हत्या के बाद सीमा पर हाई एलर्ट, बीएसएफ डीजी बोले- हर हालत के लिए हम तैयार

बाड़मेर । सरबजीत सिंह की हत्या के बाद सीमा पर हाई अलर्ट हैं और भारत की सीमाओ की निगेहबानी करने वाली सीमा सुरक्षा बल भी सीमा को सीज करके किसी भी हलचल पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। ऐसे हालातो में बाड़मेर के सीमावर्ती इलाको का सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक सुभाष जोशी ने निरीक्षण किया और अत्याधुनिक सीमा चौकी का भी लोकार्पण किया। हरसाणी फांटा स्थित सीमा सुरक्षा बल के 99 बटालियन परिसर मे पत्रकारों से बातचीत में महानिदेशक ने कई मुद्दों पर चर्चा करते हुए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल सरबजीत सिंह की हत्या के बाद से नहीं बल्कि हमेशा से सतर्क और चौकस रहती हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने रात्रि और दिन को रेतीले सीमावर्ती इलाके में होने वाली गश्त और अन्य प्रक्रियाओं का निरीक्षण किया हैं और वो सतर्क सीमा सुरक्षा बल के काम काज से पूरे संतुष्ट हैं। महानिदेशक ने सीमा पर जवानो से मुलाक़ात की और उनका हौसला बढ़ाया। पत्रकारों के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम और तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सीमा की चौकसी में कोई ढील नहीं छोड़ी जा रही हैं। चीन की लद्दाख में घुसपैठ के मामले में महानिदेशक ने कहा कि वो क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल के अधिकार में नहीं हैं इसलिए वो इस पर कोई टिप्पणी करे यह सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारी फ़ोर्स हर वक्त सीमा पर जहां उनको जिम्मेदारी दी गई हैं वहां पर सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोडती। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने कहा कि बीएसएफ को अत्याधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स के द्वारा आगामी पांच सालो में दो हजार करोड़ रूपए खर्च किये जाने की योजना की जानकारी भी पत्रकारों को दी।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत यह राशि खर्च की जाएगी। बीएसएफ के महानिदेशक सुभाष जोशी की माने तो केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक दिन पहले इस बजट के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और अब यह राशी सीमा सुरक्षा बल के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जायेगा। दरअसल दो दिनों से महानिदेशक बाड़मेर के सीमावर्ती इलाको में हैं। गुरुवार को पश्चिमी सीमा की नवनिर्मित अत्याधुनिक सुविधाओं युक्त सीमा चौकी का भी उन्होंने उद्घाटन किया। उन्होंने बाड़मेर में स्थित बीएसएफ कैम्प में जवानो से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा बल के जवान सबसे अच्छी भूमिका निभा रहे है और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित कर रहे हैं और यह कहते हुए वे गर्व महसूस करेंगे। पश्चिमी सीमा पर मौजूदा माह में तापमान पर जवानों की स्थिति पर बोलते हुए जोशी ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की सीमा पर 50 डिग्री तापमान में भी ड्यूटी निभाते हैं और पूरी भारतीय सीमा सुरक्षित है।

सीमा सुरक्षा बल में स्वेच्छिक सेवानिवृति और जवानो में आत्महत्या में वृद्धि के मामलों से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक से पूछे एक सवाल में उन्होंने कहा कि हमने बहुत गंभीरता से इस स्थिति को संभाल लिया है और फ़ोर्स इस गम्भीर मामले पर बेहतर समन्वय का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के मामलों के पीछे मुख्य कारण कर्मियों की पारिवारिक समस्याओं का हैं। महानिदेशक जोशी के अनुसार सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए एक विशेष पोशाक बनाने के लिए 'डीआरडीओ' द्वारा कार्य करने का अनुरोध किया है गया हैं जिसे पहन कर इस पोशाक से को सैनिकों बाहरी तापमान से 15 प्रतिशत तक की राहत मिल जाएगी। जोशी के मुताबिक पाक जेल में भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की मौत की हाल की घटना के बाद पश्चिमी सीमा पर कोई प्रभाव नहीं है, लेकिन हम  सतर्क और स्थिति देखते हुए चौकस है।
बाड़मेर से दुर्गसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *