सलमान खुर्शीद बनाम आजतक : फेसबुक पर हो रही दीपक शर्मा की जय-जय…

Qamar Waheed Naqvi : All praise for Deepak Sharma. Did extremely good job today and confronted Salman Khursheed very well. Congratulations Deepak.

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Neeraj Agrawal : Deepak sharma had revived the investigative journalism's new trend. Keep it up, TV today group also deserves a big thank for backing the reporter in such a strong manner.

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Vivek Tripathi : इसको कहते हैं असली पत्रकारिता. दीपक भैया बहुत बहुत बधाई… जिस निर्भीकता से आपने आज सवाल किये, इससे बहुत कुछ सीखने को हम लोगों को मिलेगा… एक बार हृदय से बधाई… आज तक न्यूज़ चैनल के संवाददाता दीपक शर्मा जी ने जिस तरह के सवाल आज कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से किये, वो काबिलेतारीफ़ था… इस जनपक्षीय कार्य के लिए दीपक शर्मा जी को हृदय से बधाई….. पत्रकारिता कैसे किया जाता है,  ये बात आज तक न्यूज़ चैनल के संवाददाता दीपक शर्मा जी से आज के पत्रकारों को सीखना चाहिए…..

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Akhilesh Shrivastava : is bebaak patrakaar ka naam DEEPAK SHARMA he jo des ke gair kanooni mantri salmaan khursheed ke saamne aaj seena taan kar khada raha.

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प्रशान्त पटेल : जिस तरह पूरी प्रेस कांफ्रेंस में खुर्शीद अरूण पुरी..अरूण पुरी कहकर चिल्ला रहे थे, मुझे डर था कहीं वो जेब से अपना राम पुरी न निकाल लें।

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Rita Das : हमारे मीडियाकर्मियोँ मेँ एकता का अभाव है। एक पर हमला करे, तो दूसरा मजा लेता है। आज तक के पत्रकार को कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने प्रवेश से मना किया था, तो उसी समय सभी पत्रकारोँ को प्रेस-कांफ्रेस का बहिष्कार करना चाहिए था!

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Bhavesh Nandan : इसे कहते हैं पानी पिला देना.. आज केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' में पत्रकारों के सवाल के जवाब देने के क्रम में 12 बार पानी पीना पड़ा.. घपले की खबर को उजागर करने वाले आजतक के पूरे टीम को बधाई..

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Rajendra Singh : आज तक के दीपक शर्मा को सलाम… मजबूती से तने, डटे रहे… कानून मंत्री जनाब सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस को दीपक के सवाल का जवाब देते नहीं बन रहा था… पत्रकारिता के छात्रों के लिए सीखने योग्य था… लाइव डिबेट पर दीपक अपने प्रश्न पर डटे रहे… साफ है सलमान के पास उनके सवालों के जवाब नहीं है…

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Prashant Pathak : अकेले दीपक शर्मा ही क्यों समूचा आजतक ….परदे के पीछे भी लोग और परदे के आगे भी लोग….. तब कही जाकर पर्दा उठता है और चीज़े पर्दे पर नज़र आती है परत दर परत तब उधडती है जब समूचे एक मत होते है आजतक ने ऐसा ही करके जगह बना ली…

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Ravish Kumar : भयावह थी प्रेस कांफ्रेंस । एक बार लगा कि सलमान ख़ुर्शीद नहीं सलमान ख़ान की कांफ्रेंस है । तथ्यों पर बात करने का मौका सलमान ने ख़ुद गंवा दिया । कल की अच्छी कापी जो वो प्रेस को देना चाहते थे आप देख लेना सलमान की बौखलाहट से भरे होंगे । मैं नतीजे के सुर में बात नहीं कर सकता लेकिन जो भी हुआ शर्मनाक था । सलमान दोषी हैं कि नहीं बात इसकी नहीं है बात है उस क़ानून मंत्री की जिसका आटोग्राफ कभी युवा लिया करते थे । सलमान को जानते होंगे कि हम ऐसे आटोग्राफ का क्या करते हैं । कब कबाड़ा में बिक जाता है पता भी नहीं चलता । सलमान संयम बरतते तो आज तक के सवालों पर अपने सवाल को ठीक से पहुँचा सकते थे । ठीक है कि उनको गुस्सा आया होगा लेकिन वे ट्विटर या फेसबुक पर रिएक्ट नहीं कर रहे थे । वे क़ानून मंत्री की हैसियत से अपने घर में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे । इतनी अच्छी जिसकी ज़ुबान हो वो किसके म्यान से तीर चला रहा था आज।

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Ajit Anjum : कई सालों बाद किसी टीवी रिपोर्टर की अपनी ऐसी इन्वेस्टीगेटिव स्टोरी आई है, जिससे मंत्री को मुंह छिपाने के लिए जगह नहीं मिल रही है …..थेथर और भोथर सिस्टम अब भी उन्हें अपना सिरमौर बनाए रखे तो कोई आश्चर्य नहीं लेकिन उनके इस्तीफे के लिए आजतक की ये रिपोर्ट काफी है ….आजतक के लिए ये रिपोर्ट तैयार की है वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा ने …जैसा कि शोरगुल में हमेशा होता है कि जिसकी रिपोर्ट होती है, उसका नाम गुम हो जाता है …इसलिए मैं खास तौर से दीपक शर्मा का जिक्र कर रहा हूं ….और हां, अगर केजरीवाल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से न उठाया होता तो शायद ये मामला इतना तूल नहीं पकड़ता ….बधाई दीपक ….और श्रेय आजतक को भी …जिसने तमाम जोखिम मोल लेकर ये खुलासा किया ….. अब इंतजार है कि होता क्या है ……. बकौल खुर्शीद- थर्ड रेट के लोगों ने उन्हें बदनाम किया है …….. तो समझ लीजिए अगर आपने भी यहां उनके खिलाफ कुछ लिखा तो आप भी थर्ड रेट वाली लिस्ट में शामिल हो जाएंगे ………. ( कई सालों बाद इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि कई बार हम किसी सोर्स से स्टोरी उठाते हैं, कभी किसी रिपोर्ट से तो कभी सीएजी से तो कभी किसी जांच एजेंसी से ……लेकिन यहां पूरा श्रेय रिपोर्टर को जाता है) …सलमान खुर्शीद आज तीन बजे अपने बचाव में क्या बोलने वाले हैं ………….. इंतजार है ….खबर है कि अब वो इस्तीफा देने की बजाय टीवी टुडे के चेयरमैन अरुण पुरी से ही इस्तीफा मांग रहे हैं …अब सलमान खुर्शीद अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में कहीं अपने ट्रस्ट में हुए घोटालों को खुलासा करने वाले दीपक शर्मा से लेकर आजतक के एडीटर सुप्रिय प्रसाद को ब्लैकमेलर घोषित करते हुए इस्तीफे की मांग न कर दें …विरोध करने वालों को खुर्शीद थर्ड रेट के लोग पहले ही कह चुके हैं , अब कही केजरीवाल के ( आईएसी से ) इस्तीफे की मांग न कर दें ….पहले दर्जे वाले खुर्शीद अब तीसरे दर्जे वाले हर आदमी पर हमला करने वाले हैं …….जो भी खुर्शीद के खिलाफ है, वो थर्ड रेट है …..सबका रेट खुर्शीद साहब तय कर चुके हैं …..

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Ravish Kumar : ख़ुर्शीद जी को तीसरे दर्जे से नफ़रत हो रही है। पहले दर्जे की ज़ुबान का आप ही नमूना पेश कर रहे हैं। बौख़लाहट खलबलाहट और तिलमिलाहट सामान्य है। आप सबक सीखाने का मंत्रालय खोल लीजिए और उसके कबीना सगीना बन जाइये। जे बात रही कि ये लोग पार्टी बनाने के लिए कर रहे हैं तो पार्टी चलाने के लिए आप भी तो वही कर रहे हैं न । कूल डूड कूल। रिलैक्स। चील करो। डेढ़ साल और सरकार चलने वाली है। कुछ तूफ़ानी करो वकील साहब। बहस करना ही है तो लेवल क्यों फिक्स करते हैं। रिपोर्टर संपादक से कर लीजिए न। क्यों वो भी तीसरे दर्जे के होते हैं। आप ही पहले दर्जे के हैं क्या। अपनी सज्जनता क्यों दांव पर लगा रहे हैं। पर ठीक है आपको लगता है कि किसी ने आपके ईमानदार इक़बाल को ललकार दिया है तो फाइट इट आउट डूड। दे विल डू द सेम। अपना संडे स्प्वायल मत करो।

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Himanshu Dwivedi : सलमान ने हीरो बनाने के चक्कर में आखिरी समय पर आज तक के पत्रकार को न बुलाने का निर्णय बदल दिया और यहीं चूक हो गयी ! उस जैसे ताकत के दम्भी नेता को आँखों में आँखें डालकर बात करने वाला पत्रकार पल्ले पड़ गया जो उसकी घुड़कियों से डर ही नहीं रहा था !

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Prashant Pathak : प्रेस कान्फ्रेंस में कन्फेश कर रहे सलमान ने अपनी लुईस, जो बार बार उनका कुरता खींच रही थी तहजीब न तोड़ने के लिए, पीसी खत्म होने के बाद यह कहते सुना की मेरी जिन्दगी में तुम एक महत्वपूर्ण फ़ाइल की तरह हो जैसे मालदार फ़ाइल की याद दफ़्तर के बाबू को सपने में भी आती रहती है वैसे ही मैं हमेशा तुमको याद करता रहूगा तुमने फाईल नयी अच्छी बनायीं झूठ छिपाने के लिए 6.37 लाख रुपये ट्रस्‍ट ने अपने पास से खर्च किया वोह तुम्हारे हुए मेरी तरफ से…..

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अमित दुबे : एक तरफ दीपक शर्मा ने सलमान जैसे कांग्रेसी की खटिया खडी कर दी वहीं दूसरी ओर संजय झा नाम का चू…. एबीपी न्यूज पर काँग्रेसी का काम कर रहा है जबकि वो काँग्रेस का प्राथमिक सदस्य भी नहीं है उसने सिर्फ इतना सा काम किया है कि बस एक वेबसाइट बना ली और उसपर काँग्रेस का गुणगान करता है दोनों में कितना फर्क है ना????? और दोनों ही पत्रकार हैं!!!!!

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शशांक शेखर : आज तक ने मुद्दा दिया…केजरीवाल सबूत ला रहे हैं…इन सब के बीच भाजपा …कहां है…कहां है…. अगर सलमान खुर्शीद जेलमंत्री होते तो पत्रकारोँ को क्या कहते ?आय विल सी यू इन द जेल ..!!

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Love India : I believe that Deepak is just a pawn and real players are the group chairman Mr. Puri. Now the ball is in the court and Khurshid should be credited that he has dared to challenge the might of English channels, it is the first time in the Indian history that a politician has shown guts to do that and it needs lots of courage and self belief because court takes into account only fact and not the fictions….

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Shravan Kumar Shukla : अब समझ में आया कि कांग्रेसी हर लफड़े से साफ़ कैसे निकल जाते हैं……. आखिर उनके साथ पूरी जमात जो है!

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Surjeet Nehra : खुर्शीद जैसे बड़े मंत्री को दो घंटे तक पत्रूकारों से लडते झगड़ते, बहस करते, चिल्लाते देख समझा जा सकता है कि आज की तारीख में पैसा कमाना कितना मुश्किल है।

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Pushkar Pushp : सलमान खुर्शीद के प्रेस कॉंफ्रेंस में यूँ तो आज दीपक चौरसिया भी थे लेकिन आज के स्टार रिपोर्ट तो आजतक के दीपक शर्मा ही रहे. सच और झूठ का फैसला तो बाद में होगा , लेकिन अपनी रिपोर्ट के लिए दीपक शर्मा को जमकर लड़ते हुए देखना अच्छा लग रहा था. वे आक्रामक थे और अपने स्टैंड पर कायम थे, तभी पहले आक्रामक दिख रहे सलमान बाद में बैकफूट पर चले गए और उनकी बात सुनी जाए , इसके लिए रिरियाते नज़र आए.

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Surjeet Nehra : दो घंटे की प्रेस कांफ्रेंस के बाद खुर्शीद का हक बनता था कि वो आज रात चैन से सोएं। मगर खबर है कि केजरीवाल उनके खिलाफ कल कुछ और सबूत पेश करने वाले हैं।

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Himanshu Vashishtha : best ' ilaaj ' of khurshid sahab will be fielding a physically challenged person against him in lok sabha elections

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Vikas Kapil Sharama : Salman Khursid Abhi Bhi Aaj Tak Ke Kuch Importent Sawalo Ka Jawab Kyon Nahi De Pa Rahe Hai ? Kuch To Gadbad Hai

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Dilnawaz Pasha : पहली बार 'मैंगो मैन' मजे ले रहा है… देश के सबसे बड़े दो चोरों— पत्रकारिता और राजनीति का मल्लयुद्ध जारी है… जबरदस्त है…समझ नहीं आ रहा है कौन बड़ा चोर है…दोनों ही क्षेत्रों को पारंगत खिलाड़ियों के पसीने छूटते देख 'मैंगो मैन' मुस्कुरा रहा है…

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Madan Tiwary : इस देश का दुर्भाग्य है कि अरुन पुरी जैसे लेखन चोर, टीवी चैनल के मालिक हैं। हेड लाइंस टुडे और आज तक दोनों उसका है। अरुन पुरी दुसरे अखबार में छपे हुये को कापी करके अपने नाम से संपादकीय में प्रकाशित करने के दोषी रह चुके हैं। ४०० शब्दों के लेख में से २५० शब्द चुराये थे और मात्र एक शब्द को, जो स्माल में था, उसे कैपिटल मे बदला था। इसके लिये बाद में जब हो हल्ला हुआ तो माफ़ी भी मांग चुके हैं। अरुण पुरी की चोरी को भारत के किसी भी अखबार या टीवी ने नही छापा। यह है मीडिया का माफ़िया तंत्र।

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Pushkar Pushp : आपको जबाव देना होगा… किसी पत्रकार को ऐसी हिम्मत के साथ किसी नेता को कहते हुए आखिरी बार कब आपने सुना था. आज दीपक शर्मा ऐसे ही सलमान खुर्शीद से कह रहे थे. सलमान खुर्शीद के प्रेस कॉंफ्रेंस में दीपक चौरसिया भी नज़र आ रहे थे. लेकिन मेरे ख़याल से उन्होंने एक भी सवाल नहीं पूछा. आश्चर्यजनक. भले खबर आजतक की है लेकिन अब सार्वजनिक होने के बाद मामला देश का है. बाकी के पॉलिटिकल रिपोर्टर / पत्रकार की तरफ से भी कोई सवाल नहीं…

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Shravan Kumar Shukla : दीपक शर्मा अपने लिए लड़ रहे थे तो वहीँ दीपक चौरसिया कानून मंत्री का साथ देने के लिए चुपचाप खड़े रहे! दीपक चौरसिया जी.. शर्म नहीं आई? बिना सवालों के ही प्रेस कांफ्रेंस में खड़े हो गए?

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Vishal Thakur : देखा गरीब कितना ज़रूरी होता है. कानूनमंत्री ने जाता दिया. प्रेसकोंफ्रेंस में गरीब आदमी के लिए कानूनमंत्री ने अपनी कुर्सी छोड़ दी. कोग्रेस की कुर्सी गरीबों के लिए ???

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Pushya Mitra : एक तथ्य सलमान खुर्शीद के समर्थन में है, उन्हें 71 लाख रुपये के लिए दो घंटे जवाब देना पड़ा… मनमोहन सिंह ने 1,73 हजार करोड़ के घोटालों के आरोपों को तो एक शेर में निबटा दिया था…

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Om Thanvi : एक केन्द्रीय मंत्री की इतनी सफ़ाई क्या यह जताने के लिए काफ़ी नहीं कि दाल में काला है। या दाल ही काली है?

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Zafar Irshad : मैं न सलमान खुर्शीद का और न ही कांग्रेस का प्रशंसक हूँ..लेकिन आज सलमान ने जिस कॉन्फिडेंस से एक से एक धुरंदर पत्रकारों का डटकर मुकाबला किया वो काबिले तारीफ है..उन्होने एक चॅनेल मलिक को धमकी तक दे दी की वो इस्तीफा दे दे मैं भी दे दूंगा..दोनो की जांच हो जाये..अब टीवी के पत्रकार जो स्टिंग के नाम पर लोगो को ब्लॅकमेल कर सनसनी फैलाते थे शायेद अब उस पर लगाम लग जाये..मैं ये नही कह रहा हूँ की सलमान सही है और चॅनेल गलत..लेकिन अब जब जांच की बात चली है तो नैतिकता तो यही कहती है की दोनो को इस्तीफा देकर किसी सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करा लेनी चाहिये..कम से कम सच तो सामने आना चाहिये…

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Shankar Anand : अगर एक खोजी पत्रकार हर एक खबर के लिए अपना इस्तिफा देते रहे रहे तो …उसका हाल वही हो जाएगा की 6 महिना रोजगार और 6 महिने बेरोजगार रहकर मुकदमा के सिलसिले में कोर्ट का चक्कार काटने में लगाना होगा …मैं तो उस खबर और पत्रकार का गवाह हुं जो खबर पुरे देश के लोकतंत्र में बहुत बडा सवाल खडा कर दिया था …11 सांसदों का सवाल पुछने के नाम पर पैसे की मांग करना ..और उन मुकदमा का फैसला 8 साल के बाद पत्रकारों में पक्ष में आया ऐसे -ऐसे कई स्टोरी और खोजी पत्रकारिता का भी गवाह रहा हुं ..ऐसे में क्या करना उचित रहेगा ..कृप्या ये तो बताये

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Om Thanvi :  रंगी मिस्त्री को देखते ही लुईस खुर्शीद की बाछें खिल गयीं। पर मिस्त्री देर तक नहीं बोला तो नहीं ही बोला। जैसे फ़िल्मों में बताते हैं, आसपास के सब जुट गए। कि बस एक बार मुखारविंद खोलो, मिस्त्री! बोलो! बोलो! और मिस्त्री बोल उठा। आला (मशीन) किसने दिया था? पीछे खड़े बन्दे की तरफ़ देखते उसने जवाब बोल दिया, इसने। पर वह तो कोई और था, ऐसा लुईस की सकपकाहट से ज़ाहिर हुआ। ख़ैर, पर बात कुछ बन गयी थी। जश्न जैसी किलकारियां फूट उठीं। असल बात यह है कि टीवी के सामने मिस्त्री अकस्मात् बोला था; यहाँ उनके साथ खड़े होकर उनके कहे से बोला, जो उसे गाँव से लेकर आए थे। समझे आप? … बहरहाल, सफ़ाई बहुत लम्बी रही, पर शुरुआत बुरी नहीं। पार्टी प्रवक्ता की जगह वही शख्स अपना बचाव करे, जो आरोपों से घिरा है। जनता सही-ग़लत ख़ुद भांप लेगी। हाँ, अब जो-जो इस तरह ख़ुद बचाव के लिए आगे नहीं आएगा — या जिसका बचाव पार्टी वाले ही करते फिरेंगे — उसे जनता गुनहगार मान कर चले तो इसमें दोष क्या छुपने वाले का ही नहीं होगा?

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Jitender Aggarwal : यही अरुण पूरी टीवी टुडे ग्रुप छोड़ देंगे तो वो भी मंत्री पद छोड़ देंगे .. यानि ये स्वीकार करता है कि इसने घोटाला किया है .

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Vineet Kumar : यकीन मानिए, प्रेस कॉन्फ्रेंस का बड़ा हिस्सा पीपली लाइव की चोरी लगी. अनुषा और महमूद को कॉपीराइट को लेकर क्लेम करने चाहिए..

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Om Thanvi : जहाँ तक अरुण पुरी का सवाल है मेरे भाई, एक बात बताऊँ। आज तक की आलोचना में भूल-चूक को लेकर अरुण पुरी ने हम पर ही मुकदमा ठोक दिया था। तो मौक़ा बदला निकालने का था, उनका पक्ष लेने का तो नहीं! पर विवेक उसे कहते हैं जो ठीक लगे उसे ठीक वक़्त पर ठीक कहें, ग़लत लगे उसे ग़लत।

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Deepu Nasir : आज तक के पत्रकारों का रवैय्या ठीक नहीं था. उन्हें अगर यह लगता है कि सलमान असत्य बोल रहे हैं,तो उनके पास अपना चेनल है,वे वहां सलमान के बखिया उधेड़ सकते थे.लेकिन वे बहस में उलझना चाहते थे.

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Mohak Sharma : रंगी मिस्त्री..द रियल नत्था…!!! ख़रीदा हुआ ईमानदार मिस्त्री…!!! सलमान साहब हिज़ड़ों की तरह ताली बजाने से कुछ नही होगा..मोर की तरह नाच तो रहे हो लेकिन ये भी याद रखो मोर जब नाचता है तो असल में वो नंगा हो रहा होता है…!!!!

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Vishal Thakur : लगता है सलमान खुर्शीद के प्रेस कॉंफ्रेंस में पूरा आजतक ही आ गया है/ प्रेस कॉंफ्रेंस आजतक बनाम सलमान खुर्शीद बनकर रह गय, दूसरे चैनल के पत्रकार मूकदर्शक………/

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Nitin Thakur : बेचारे खुर्शीद..बस रो ही नहीं पड़ रहे हैं। सोनिया गांधी के लिए जान देने का दावा करनेवाले सलमान जी को जान बचाना भारी हो रहा है…ये जान छोड़ दो भाई..

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Ashutosh Dubey : सलमान खुर्शीद की गुंडागर्दी वाली प्रैस कॉन्फ्रेंस लेकिन दीपक शर्मा ने भी रखा है दम… सलमान खुर्शीद की आवाज़ काँप रही है फिर भी लड़ाई चल रही है… प्रैस कॉन्फ्रेंस अभी जारी है…इस तरह की होंगी अब आगे प्रैस कॉन्फ्रेंसें…इस मंत्री और सरकार का अब कोई मतलब नहीं…!!

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Pushya Mitra : सलमान खुर्शीद आज प्रेस कांफ्रेंस नामक गेम खेल रहे थे… उन्होंने सभी पत्रकारों को शुरुआत में ही गेम के रूल समझा दिये… कानून मंत्री नियमों को लेकर इतने स्ट्रिक्ट हैं कि एक पत्रकार ने रूल तोड़ा और उन्हें उसे कह दिया तुम्हें तो कोर्ट में देख लेंगे….

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Pushkar Pushp : आजतक झूठा या सलमान खुर्शीद सच्चे, ये तो बाद में पता चलेगा. लेकिन आज पत्रकार अपनी रिपोर्ट के लिए देश के कानून मंत्री की फजीहत कर रहे हैं. ब्रांड / मैनेजमेंट जब पत्रकार के साथ खड़ा हो जाता है तो यही मामूली पत्रकार कितना सशक्त दिखता है.

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 ((उपरोक्त टिप्पणियां-तस्वीरें फेसबुक से बटोरी गई हैं.))

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