सुब्रत राय के तिहाड़ जेल में बंद होने का असर सहारा के कर्मचारियों पर पड़ने लगा है. बताया जा रहा है कि सहारा कर्मियों को मार्च की तख्वाह देर से मिलेगी. निवेशकों का पैसा लौटाने के मुद्दे पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ कानूनी लड़ाई का दबाव झेल रहे सहारा समूह ने कर्मचारियों को सूचित किया है कि मौजूदा प्रतिकूल परिस्थितियों तथा बैंक खातों पर रोक की वजह से उनको मार्च का वेतन मिलने में देरी हो सकती है.
समूह अपनी ओर से चीजों को सामान्य करने का पूरा प्रयास कर रहा है. समूह ने कहा है कि कर्मचारियों का मार्च, 2014 का वेतन कल जारी किया जाना था, लेकिन इस ‘अप्रत्याशित वजहों’ से इसमें विलंब हो सकता है. सहारा इंडिया परिवार के मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) गौरव शर्मा ने सभी कारोबारी खंडों व विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे कर्मचारियों को इस विलंब के बारे में सूचित करें और इस चुनौती के समय एकजुट रहें. समूह ने कर्मचारियों से चुनौती की इस घड़ी में ‘एकजुट बने रहने’ की अपील की है.
सहारा समूह की दो इकाइयों द्वारा निवेशकों से जुटाए गए 24000 करोड़ रुपए के अधिक की रकम को निवेशकों को लौटाने के मुद्दे पर प्रतिभूति बाजार विनियामक सेबी और सहारा के बीच लम्बे समय से यह मामला चल रहा है. सहारा समूह के मुखिया सुब्रत राय 4 मार्च से तिहाड़ जेल में हैं. उच्चतम न्यायालय ने इसी महीने यह प्रस्ताव किया है कि राय को अंतरिम जमानत मिल सकती है, लेकिन इसके लिए समूह को 10,000 करोड़ रुपए जमा कराने होंगे. इसमें से 5,000 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी होगी.





