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साकाल बेला का अधिग्रहण करेंगे एनआरआई प्रसून मुखर्जी!

पश्चिम बंगाल में पत्रकारों की नौकरी न जाए इसके लिए राज्य सरकार ने अपनी ओर से प्रयास तेज कर दिया है। राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने प्रवासी भारतीय उद्योगपति प्रसून मुखर्जी से संपर्क किया है ताकि उनके द्वारा शारदा समूह के बांग्ला अखबार सकाल बेला का अधिग्रहण कर उसे बंद होने से बचाया जा सके। इसी सप्ताह शारदा समूह ने अपने सभी मीडिया संस्थानों को अचानक बंद करने की घोषणा कर दी थी जिससे इनमें काम करने वाले करीब 1200 से ज्यादा पत्रकार बेरोजगार हो गए हैं।

पश्चिम बंगाल में पत्रकारों की नौकरी न जाए इसके लिए राज्य सरकार ने अपनी ओर से प्रयास तेज कर दिया है। राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने प्रवासी भारतीय उद्योगपति प्रसून मुखर्जी से संपर्क किया है ताकि उनके द्वारा शारदा समूह के बांग्ला अखबार सकाल बेला का अधिग्रहण कर उसे बंद होने से बचाया जा सके। इसी सप्ताह शारदा समूह ने अपने सभी मीडिया संस्थानों को अचानक बंद करने की घोषणा कर दी थी जिससे इनमें काम करने वाले करीब 1200 से ज्यादा पत्रकार बेरोजगार हो गए हैं।

प्रवासी भारतीय कारोबारी के साथ हो रही बातचीत की पुष्टि करते हुए राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, 'हमलोगों ने मुखर्जी से संपर्क स्थापित किया है और उनसे इस मामले में मदद करने का आग्रह किया गया है। बातचीत चल रही है। आगे देखते हैं कि इस मामले को किस तरह हल किया जा सकता है।' शारदा समूह के कई मीडिया प्रतिष्ठान बंगाल पोस्ट, सकल बेला, तारा म्यूजिक, तारा न्यूज, सेवन सिस्टर पोस्ट अचानक बंद हो गए हैं जिससे इसमें काम करने वाले तकरीबन 1200 पत्रकारों की रोतों-रात नौकरी चली गई। हालांकि राज्य सरकार ने इनके लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। वैसे सरकार के प्रयास का अब तक कोई खास असर नहीं दिखा है।

जब मुखर्जी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, 'अभी हम इस मामले पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।' इस मामले से जुड़े सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मुखर्जी से सकल बेला के लिए बातचीत चल रही है। मुखर्जी विविध कारोबार से जुड़े युनिवर्सल सक्सेस इन्टप्र्राइज (यूएसई) के संस्थापक हैं। राज्य में बांग्ला अखबार सकाल बेला  की पहले 22,000 प्रतियां बिकती थी लेकिन बाद में इसकी प्रसार संख्या घटकर 12,000 से 13,000 प्रतियां रह गई। इस अखबार में करीब 200 लोग काम करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुखर्जी के साथ सरकार की बातचीत यदि सफल रहती है और सभी कर्मचारियों को फिर से नौकरी मिल जाती है तो यह कदम सरकार के पक्ष में जाएगा।

बहरहाल शारदा समूह के मीडिया संस्थानों को तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का साथ देने के लिए जाना जाता है। मुखर्जी के संबंध बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और से काफी अच्छे रहे हैं। इस समूह के ग्रुप सीईओ कुणाल घोष तृणमूल कांग्रेस से ही राज्‍य सभा सांसद हैं। इसलिए वाम दल के लोग बंगाल सरकार पर सुदीप्‍त सेन को बचाने के आरोप लगा रहे हैं।

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