साहस के साथ खतरे मोल लेना यशवंत की आदत है

साहस के साथ खतरे मोल लेना यशवंत की आदत में शुमार है और इसी लिए उसकी इज्ज़त करता हूँ. यशवंत की जगह और कोई होता तो लीक पर काम करना छोड़ कर एक ऐसे काम में हाथ नहीं डालता जहाँ सफलता की गुंजाईश कम और हारने का डर ज्यादा रहता. आज भड़ास का पूरे देश में जो नाम है और शोहरत, वो यशवंत के दम पर है. अपनी आलोचना को भी छापना और गलत को गलत साबित करने के लिए जुट जाना यशवंत की पहचान है. भड़ास पर कई संकट आये मगर यशवंत ने परवाह नहीं की. आज देश की कई अदालतों में भड़ास पर केस हैं पर ये साइट उसी तेवर के साथ चल रही है.

मीडिया जगत के कई लोगों का भड़ास ने भला किया और कई की कलई भी खोली. आज मैं भी जनता हूँ कि बरसों पुराने सम्बन्ध होने के बावजूद यशवंत मेरे खिलाफ भी कुछ आ जाये तो उसे छापने से परहेज नहीं करेगा और मुझे पहले बुरा लगता था, पर अब सोचता हूँ कि यशवंत अपनी जगह सही है. भड़ास की सालगिरह पर मेरी ढेरों बधाई यशवंत को और इस ताकीद के साथ की इसे चलते रहना है और अभी कई मुकाम हासिल करना है.

हेमंत तिवारी

नेशनल सेक्रेंटरी

इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्‍ट


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