पंजाब के वेरका में सड़क हादसे में घायल एक बच्चे की मौत की कवरेज करने गुरु रामदास अस्पताल गए मीडिया कर्मियों पर सिक्योरिटी इंचार्ज ने हमला करवा दिया। हमले में तीन मीडिया कर्मी जख्मी हो गए। इस हमले में एक मीडिया कर्मी का कैमरा तोड़ दिया गया व एक का कैमरा छीन लिया। करीब डेढ़ दर्जन मीडिया कर्मियों को लगभग एक घंटे तक अस्पताल में ही बंधक बनाए रखा गया। इसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने अमृतसर-मेहता मार्ग पर जाम लगा दिया।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह लगभग पांच बजे फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर साइकिल सवार एक लड़की समेत तीन लोगों को बोलेरो ने कुचल दिया। इसमें 16 वर्षीय हरप्रीत सिंह, 19 वर्षीय कंवलजीत कौर व इनके पिता सूबा सिंह निवासी नंगली भट्ठा नीचे गिर गए। हरप्रीत व कंवलजीत गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहां वेंटीलेटर न होने पर हरप्रीत को गुरु रामदास अस्पताल वल्ला शिफ्ट कर दिया गया। सूबा सिंह ने बताया कि अस्पताल में समय पर इलाज न होने से हरप्रीत की मौत हो गई।
घटनाक्रम की कवरेज और जानकारी लेने के लिए जब दो पत्रकार डा. जसबीर सिंह के कमरे में गए तो वह नशे में थे। वह बात करने तक की स्थिति में नहीं थे। लिहाजा वे लोग इसकी कवरेज करने लगे। इसी बीच अस्पताल के सिक्योरिटी इंचार्ज व सुपरवाइजर ने दोनों पत्रकारों से बदतमीजी की और धक्के देकर बाहर निकाल दिया। इसकी सूचना मिलते ही जिले के तमाम मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और घटना की कवरेज करनी शुरू कर दी। फिर सिक्योरिटी इंचार्ज, सुपरवाइजर समेत बीस सुरक्षा कर्मचारियों ने पत्रकारों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं।
इसी बीच सिक्योरिटी इंचार्ज ने इलेक्ट्रोनिक मीडिया के एक कर्मी का कैमरा छीनकर तोड़ दिया व एक पत्रकार की पगड़ी उतार दी। सिक्योरिटी इंचार्ज ने अस्पताल का गेट बंद कर पत्रकारों को बंधक बनवा लिया तथा सुरक्षा गार्डों को आदेश देकर पत्रकारों को बुरी तरह से पिटवाया। किसी तरह बाहर निकले चार मीडिया कर्मियों ने पुलिस को सूचित किया। इस पर चौकी वल्ला की पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल का गेट खुलवाकर पत्रकारों को मुक्त करवाया।
घटना के बाद गुस्साए पत्रकारों ने अमृतसर-मेहता मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर अस्पताल प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना लगा दिया। धरने में लड़के के परिजन भी शामिल हुए। मौके पर पहुंचे एसीपी राजबीर सिंह ने कहा कि अस्पताल के सुरक्षा इंचार्ज समेत तीन कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अन्य सुरक्षा कर्मियों को भी जांच के बाद हिरासत में लिया जाएगा। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आरोपी पाए जाने वालों सभी कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। इस दौरान कई दलों के नेता भी धरने में शामिल हुए।






