सीएनईबी के ब्‍यूरो होंगे बंद, सभी हेड तलब किए गए

: चैनल का स्‍वरूप छोटा करने की तैयारी : ये खबर इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के लिए अच्‍छी नहीं कही जा सकती है. न्‍यूज टाइम के बंद होने की खबरों के बीच सीएनईबी चैनल भी इसी राह पर चलता दिखाई दे रहा है. बड़ी जोरदार तरीके से लांच हुआ चैनल अब अपना स्‍वरूप छोटा कर रहा है. चर्चाएं चैनल बंद करने की है परन्‍तु प्रबंधन इससे इनकार कर रहा है. कहा जा रहा है कि चैनल चलता रहेगा पर नम्‍बर गेम में शामिल होने के लिए नहीं बल्कि समूह के दूसरी कंपनियों के शेल्‍टर के रूप में. कास्‍ट कटिंग के नाम पर जो भी कदम उठाए जा रहे हैं उससे कर्मचारी सहमे हुए हैं.

ताजा सूचना है कि सीएनईबी प्रबंधन ने अपने सभी ब्‍यूरो हेडों को नोएडा तलब किया है. सभी से ब्‍यूरो का सामान लेकर आने को कहा गया है. प्रबंधन का कहना है कि ऑडिट कराया जाना है इसलिए सामान की जरूरत है. हालांकि पहले भी प्रबंधन ने ऑडिट कराया है, परन्‍तु कभी ब्‍यूरो से सामान नहीं मंगाए गए. कहा जा रहा है कि चैनल अपने सभी ब्‍यूरो को बंद करने वाला है. इसी कारण सारे सामान मंगवाए जा रहे हैं. कंपनी अब बड़े पैमाने पर चैनल का संचालन करने की बजाय खर्च को कम करना चाह रही है.

सूत्रों का कहना है कि सीएनईबी प्रबंधन का चिटफंड से जुड़ा हुआ कारोबार भी है, इसलिए कंपनी चैनल को पूरी तरह से बंद नहीं करेगी, क्‍योंकि इसका इस्‍तेमाल इन कारोबारों को शेल्‍टर देने के लिए किया जाएगा. कंपनी इसका आकार छोटा कर देगी. सिर्फ एक हेड और कुछ लोगों के भरोसे चैनल चलेगा और खुद के जिंदा रहने का एहसास कराता रहेगा. चैनल के डिस्‍ट्रीब्‍यूशन एवं अन्‍य मद में कोई खर्च नहीं किया जाएगा. प्रबंधन चैनल के बढ़े खर्च और कम आमदनी से परेशान है. पिछले दिनों चैनल से कुछ लोगों की छंटनी भी की गई है.

खर्च कटौती के नाम पर चैनल में पिक अप, ड्रापिंग और रिपोर्टरों को गाड़ी मिलनी पहले ही बंद कर दी गई थी. सूत्रों का कहना है कि रिपोर्टरों की छंटनी की जाने की योजना बनाई जा रही है. अन्‍य विभागों में भी कटौती की जाएगी. कुल मिलाकर खर्च को एक न्‍यूनतम स्‍तर पर लाया जाएगा ताकि प्रबंधन को ज्‍यादा घाटा नहीं उठाना पड़े. चैनल आजाद न्‍यूज और लाइव इंडिया के स्‍टाइल में चलता रहेगा. इस संदर्भ में जब चैनल के मालिक अमनदीप सारान से बात की गई तो उन्‍होंने चैनल बंद होने की खबरों को गलत बताया. उन्‍होंने कहा कि अब न्‍यूज कम किया जा रहा है. इसलिए ये कवायद की जा रही है.


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