नंबर वन कहे जाने वाले चैनल के टेक्निकल विभाग से जुडे एनसीआर कर्मंचारियों के सब्र का प्याला छलक गया. पिछले दिनों सीनियर वीपी ने अपने एक खास आदमी को टेक्निकल के साथ एनसीआर की कमान भी सौंप दी. इसको लेकर कर्मचारियों में गुस्सा पनपा और सभी ने आपत्ति जताई. कर्मचारियों का कहना है कि जिस व्यक्ति को एनसीआर की जानकारी नहीं, उसके अंडर में वो काम नहीं कर सकते.
नंबर वन का दावा करने वाले आज तक में इन दिनों छंटनी को लेकर दहशत का माहौल है. कास्ट कटिंग के नाम पर नाकारा घोषित कर एक ओर छोटे कर्मचारियों को निकालने की तैयारी है, वही ढेलाभर का काम न करके मोटी सैलरी वाले बड़े ओहदे के लोग अपने खास लोगों को जगह जगह फिट कर रहे है. इसके लिए नई पोस्ट बनाकर उनकी सैलरी बढाई जा रही है. सबसे ज्यादा चर्चा टेक्निकल में पिछले दिनो डिप्टी मैनेजर बनाए गए शख्स को लेकर है.
इन पर सीनियर वीपी की मेहरबानी का आलम ये है कि उन्होंने अब उन्हें एनसीआर की भी जिम्मेदारी सौंप दी है. ऐसा इसलिए ताकि मालिकों को लगे डिप्टी मैनेजर के पास बहुत काम है, जबकि कोई सीनियर वीपी से पूछे कि सिवाय शेड्यूल बनाने के डिप्टी मैनेजर के पास क्या काम है? बाकी एमआईएस रिपोर्ट तो खुद टीम बनाकर देती है. डिप्टी मैनेजर केवल उसमें कट कॉपी पेस्ट करके हरा नीला करते हैं. ऐसे में केवल शेड्यूल बनाने और एमआईएस हरा नीला करने के लिए सीनियर वीपी मालिकों की जेब से पचास हजार रुपये वेतन निकलवा रहे हैं. यहां तक फिर भी सब ठीक था; हद तो तब हो गई, जब डिप्टी मैनेजर को एनसीआर की कमान भी सौंप दी गई. (कानाफूसी)
एक कर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






