सी एक्सप्रेस कार्यालय को बना डाला मधुशाला

उत्तर प्रदेश के आगरा से प्रकाशित द सी एक्सप्रेस के कासगंज कार्यालय को रिर्पोटर ज्ञान त्रिवेदी ने मधुशाला बना डाला है। कासगंज कार्यालय में दिनभर शराब और शबाब का दौर चलता है। रिर्पोटर ज्ञान त्रिवेदी के शराब के नशे में धुत होकर कवरेज करते हैं, इससे सी एक्सप्रेस की छवि तो धूमिल हो रही है और साथ ही अखबार के मालिक नीरज जैन की नीतियों का खुला उल्लंघन भी किया जा रहा है।

14 फरवरी को कासगंज में वेलेंटाइन-डे का विरोध कर रहे शिव सैनिकों और दूसरे समुदाय के लोगों के बीच जीजीआईसी इंटर कालेज बंद कराने को लेकर मारपीट हो गई। पुलिस ने शिव सैनिकों पर लाठियां फटकारीं थीं, इससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। इसी दौरान शराब के नशे में धुत सी एक्सप्रेस के रिर्पोटर ज्ञान त्रिवेदी और गुड्डू यादव कोतवाली पहुंचे। ज्ञान त्रिवेदी कोतवाली में मौजूद लोगों से अभद्रता और गाली गलौज करने लगे, इससे पुलिस और शिव सैनिकों का पारा चढ़ने लगा। स्थिति को भांपते हुए वहां मौजूद पत्रकारों ने सी एक्सप्रेस के दोनों पत्रकारों को वहां से भगा दिया। शराब के नशे में धुत दोनों पत्रकार कोतवाली के निकट तहसील रोड़ पर बाइक लेकर गिर पड़े। सी एक्सप्रेस के शराबी पत्रकार लडखड़ाते हुए एसपी आफिस पहुंचे और वहां भी वह बाइक लेकर गिर गए। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी जमकर खिल्ली उड़ाई, तो वह अपना-सा मुंह लेकर अपने आफिस पहुंचे और वहां भी बाइक समेत गिर पड़े, तो वहां मौजूद लोगों ने उनका मजाक उड़ाया।

जैन धर्म के लोग मांस-मदिरा के सेवन से घृणा करते हैं, लेकिन सी एक्सप्रेस के कासगंज कार्यालय में तैनात रिर्पोटर ज्ञान त्रिवेदी को अखबार के मालिक नीरज जैन की नीतियों से कोई सरोकार नहीं है। बताते चलें कि द सी एक्सप्रेस के मालिक नीरज जैन ने मुस्लिमों के त्यौहार बकरीद पर पशुओं की कुर्बानी को जैन धर्म की नीतियों के खिलाफ बताते हुए बकरीद और ईद-उल-जुहा शब्द के प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया। अखबार में बकरीद और ईद-उल-जुहा शब्द प्रकाशित न किए जाने पर कासगंज कार्यालय में तैनात रिर्पोटर अमन पठान ने सवाल किया तो सी एक्सप्रेस के प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया। बकरीद की पर्व संध्या पर बकरीद और ईद-उल-जुहा शब्द के प्रकाशन को लेकर रिर्पोटर अमन पठान की प्रशासनिक अधिकारियों से कहासुनी हो गई और नौबत इस्तीफे तक पहुंच गई, लेकिन ब्यूरो चीफ ने अमन पठान को सी एक्सप्रेस छोड़कर जाने से रोक लिया।

एक दिसम्बर 2012 को ज्ञान त्रिवेदी और गुड्डू यादव ने सी एक्सप्रेस ज्वाइन किया। पांच दिसम्बर 2012 की शाम समाचार सम्पादक राजीव दधीच ने अमन पठान पर संस्थान की नीतियों के आवाज उठाने का आरोप लगाते हुए संस्थान से निष्कासित कर दिया। राजीव दधीच अखबार के मालिक नीरज जैन नीतियों और ज्ञान त्रिवेदी के इतिहास से अच्छी तरह वाकिफ थे, उसके बाबजूद राजीव दधीच ने प्रतिभाशाली रिर्पोटर अमन पठान के स्थान पर शराबी पत्रकार ज्ञान त्रिवेदी को रख लिया। ज्ञान त्रिवेदी संस्थान की नीतियों की धत्‍ता बताने के साथ-साथ सी एक्सप्रेस की छवि और गरिमा को भी धूमिल करने में लगे हुए हैं। ज्ञान त्रिवेदी और गुड्डू यादव की करतूतों से बार-बार अवगत कराया जा रहा है, उसके बाबजूद संस्थान मूकदर्शक बना हुआ है। जिस कारण कासगंज का सी एक्सप्रेस कार्यालय मधुशाला में तब्दील हो चुका है।

अमन पठान

amanpathanetah@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *