सुप्रीम कोर्ट को भी सहारा पर भरोसा नहीं, सेबी से सहारा वालों की संपत्ति के कागजात जमा कराने को कहा

सहारा का असली चेहरा सामने आता जा रहा है. इस कंपनी ने जनता को मूर्ख बनाकर हजारों करोड़ रुपये इकट्ठा किया और जब गलत तरीके से इकट्ठे किए गए पैसे को लौटाने के लिए कहा गया तो यह ग्रुप तरह-तरह से आनाकानी कर रहा है. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि उसे सहारा कंपनी पर बिलकुल भरोसा नहीं. सेबी-सहारा मामले में सहारा ग्रुप को तगड़ा झटका लगा है. आज मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को 20,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के असली दस्तावेज सौंपने को कहा है.

साथ ही जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जेएस खेहर की पीठ ने निवेशकों का पैसा वापस लौटाने के मामले में सेबी की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दो टूक शब्दों में कहा है कि सहारा ने सेबी और सुप्रीम कोर्ट से बार बार सच छुपाया है और कंपनी पर बिलकुल विश्वास नहीं किया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को प्रॉपर्टी दस्तावेज तीन हफ्ते में सेबी को सौंपने के लिए कहा है. सहारा के दस्तावेज नहीं मिलने पर सुब्रत रॉय के देश छोड़ने पर रोक लगाई जा सकती है. सहारा का कहना है कि सेबी को 2,500 एकड़ जमीन के दस्तावेज सौंपेगे.  संपत्तियों के मालिकाना हक के ये दस्तावेज सहारा को 2008-09 में बांड जारी कर एकत्र किए गये धन की वापसी की जमानत के तौर पर जमा कराने हैं. समूह की दो कंपनियों- सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉर्प और सहारा सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्प ने 2008 में-09 में बांड जारी कर आम लोगों से धन जुटाया था. इसे लेकर पूंजी बाजार नियामक सेबी ने आपत्ति जताई थी. सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 31 अगस्त को सहारा समूह को निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपये 30 नवंबर तक वापस करने का आदेश दिया था.

सोमवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने सहारा के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा, 'लुका-छिपी का खेल बहुत हुआ, वह अब निवेशकों का पैसा देने से नहीं बच पाएगा.' कोर्ट ने सहारा को संपत्ति के मालिकाना हक के मूल दस्तावेज उनकी मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ सेबी के पास जमा कराने का आदेश दिया. सेबी सहारा की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों व मूल्यांकन रिपोर्ट की जांच करेगा। इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी.

सहारा के वकील सी सुंदरम ने संपत्तियों के मालिकाना हक के मूल दस्तावेज जमा कराने का विरोध करते हुए कहा था कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कंपनी की जमीन की सिक्योरिटी ट्रस्टी बनने को राजी है. पहले सहारा की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच की जाए. इसके अलावा कंपनी की ओर से जमा कराए गए 5,120 करोड़ रुपये का आकलन किया जाए. अगर फिर भी पैसा कम पड़े तो पंजाब नेशनल बैंक की ओर से दी गई सिक्योरिटी को बेचकर बकाया पैसा ले लिया जाए. कंपनी की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच से पहले ही संपत्तियों के मालिकाना हक के कागजात लेने से रीयल एस्टेट के बिजनेस में लगी कंपनी को अपूरणीय क्षति होगी. लेकिन सहारा के इस सुझाव पर सेबी के वकील राजी नहीं हुए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *