सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को फटकारा, निवेशकों की सूची सौंपने का दिया निर्देश

सहारा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को निवेशकों की सही सूची सौंपने के निर्देश दिए हैं और एक हफ्ते के भीतर सूची मांगी है. मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सेबी द्वारा दायर अवमानना मामले में जवाब नहीं देने के कारण सहारा समूह और उसके मुखिया सुब्रत रॉय को आड़े हाथ लिया.

गौरतलब है कि सेबी ने सहारा की दो कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और निवेशकों की सूची सौंपने के निर्देश दिए थे. सहारा समूह ने सेबी की अपील पर 22 अप्रैल को होने वाली सुनवाई को टालने के लिये सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सेबी ने न्यायालय से सहारा समूह के अध्यक्ष सुब्रत रॉय सहारा को हिरासत में लेने और उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिये अर्जी दायर की थी.

न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन के नेतृत्व में खंडपीठ ने कहा था कि वह 22 अप्रैल को यह फैसला लेगी कि सहारा की याचिका पर विचार किया जाये या नहीं. 15 मार्च को सेबी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा की गिरफ्तारी और उनके देश छोड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी. सहारा समूह की दो कंपनियों ने अपने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपये वापस करने के आदेश का पालन नहीं किया था.

सेबी ने अदालत से सहारा के मालिक सुब्रत सहारा को गिरफ्तार करने और हिरासत में रखने की अनुमति की मांग की थी. छह फरवरी को कोर्ट ने सहारा समूह को नोटिस जारी किया था और यह कहते हुये चार सप्ताह में जवाब मांगा था कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाये. न्यायालय ने यह भी कहा था कि सहारा समूह की दो कंपनियों के खाते और संपत्ति को जब्त करने के लिये सेबी स्वतंत्र है. यह दो कंपनियां हैं- सहारा इंडिया रियल एस्टेट कापरेरेशन और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉपरेरेशन. (आजतक)

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