सुब्रत रॉय के विरोध के बाद भी श्रीनिवासन ने अपनाया अडि़यल रवैया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के विवादित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन अब खुलकर अड़ियल रवैया अपना रहे हैं। तमाम दबावों के बावजूद वे अपनी कुर्सी थामकर बैठे हुए हैं। अब यह संदेह बढ़ चला है कि क्रिकेट में स्पॉट फिक्सिंग का मायाजाल आईपीएल के कुछ मैचों तक ही सीमित नहीं रहा। इस गंदे खेल की जड़ें बहुत गहरी लगती हैं। स्पॉट फिक्सिंग के मामले में चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक गुरुनाथ मयप्पन्न पूरी तौर पर शक के घेरे में आ चुके हैं।

24 मई को उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। पूछताछ के दौरान मयप्पन्न ने मैच फिक्सिंग के मामले में कई खुलासे भी किए हैं। मयप्पन्न, बीसीसीआई के प्रमुख श्रीनिवासन के दामाद हैं। आरोप है कि वे क्रिकेट मैच की अंदरूनी रणनीति की जानकारी सट्टेबाजों को दे देते थे, ताकि करोड़ों रुपए की कमाई हो सके। स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स आईपीएल टीम के एस. श्रीशांत सहित तीन खिलाड़ी धरे गए हैं। इस मामले में करीब दो दर्जन सट्टेबाज भी गिरफ्त में आ चुके हैं। सट्टेबाजी के इस नापाक खेल में मयप्पन्न की बड़ी भूमिका रही है। इसी से श्रीनिवासन के इस्तीफे का दबाव कई दिनों से है। लेकिन, श्रीनिवासन अपनी कुर्सी से हटने को तैयार नहीं हैं। जबकि, क्रिकेट के नामी प्रमोटर और सहारा कंपनी के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा, श्रीनिवासन के खिलाफ खुलकर सामने आ चुके हैं।

सुब्रत रॉय ने कह दिया है कि श्रीनिवासन की भूमिका के चलते भारतीय क्रिकेट की साख गिर रही है। इसके विरोध में उन्होंने क्रिकेट की स्पांसरशिप से हाथ खींच लेने की भी धमकी दी है। श्रीनिवासन के इस्तीफे के लिए बीसीसीआई के सदस्य एवं केंद्रीय राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी खुली पहल कर दी थी। अब केंद्रीय मंत्री एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार ने भी श्रीनिवासन के खिलाफ हुंकार भर दी है। चौतरफा घिर जाने के बाद भी श्रीनिवासन कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जिस क्रिकेट के लिए देश के करोड़ों लोग दिन-रात दीवाने रहते हों, उसका शीर्ष प्रबंधन यदि इतनी बेशर्मी के लिए तैयार है, तो सोचना होगा कि ‘बीमारी’ कहीं ज्यादा गंभीर है। महज, श्रीनिवासन की ‘सफाई’ से ही रोग दूर नहीं होने वाला।

लेखक वीरेंद्र सेंगर डीएलए (दिल्ली) के संपादक हैं। इनसे संपर्क virendrasengarnoida@gmail.com के जरिए किया जा सकता है।

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