सुभाष चंद्रा, सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया पर झूठ बोलने का आरोप, पुलिस वाले लाई डिटेक्टर टेस्ट पर अडे़

नई दिल्ली : कोल ब्लाक आवंटन घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल से जुड़ी खबर प्रसारित नहीं करने की एवज में सौ करोड़ रुपये मागने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जी समूह चेयरमैन सुभाष चंद्रा व गिरफ्तार दो संपादकों का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहती है। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने साकेत कोर्ट में अर्जी दायर की है। वहीं दो दिन की रिमांड पूरी होने पर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है।

क्राइम ब्रांच ने अदालत में सोमवार को अर्जी दाखिल कर सुभाष चंद्रा की लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की। पुलिस ने आवेदन में कहा कि सुभाष चंद्रा व जी न्यूज के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका 8 दिसम्बर को पुलिस के समक्ष पेश हुए। दोनों गिरफ्तार संपादकों को सुभाष चंद्रा व पुनीत गोयनका के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, लेकिन वे मामले में सच छिपा रहे हैं। इस परिस्थिति में सच पता लगाने के लिए सुभाष चंद्रा का लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की जरूरत है।

वहीं क्राइम ब्रांच ने 8 दिसंबर को दोनों संपादकों को दो दिन की रिमांड पर लिया था। उन्हें सोमवार को अदालत में पेश कर 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में भेजने की अर्जी दाखिल की गई। इस पर अदालत ने दोनों को 22 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच ने दोनों संपादकों की आवाज के नमूने लेने व उनका लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए भी अर्जियां दाखिल की।

सुधीर व समीर का लाई-डिटेक्टर टेस्ट की मांग वाली अर्जी में क्राइम ब्रांच ने कहा कि ये दोनों भी सच्चाई छिपा रहे हैं। दोनों संपादकों को रुपयों की मांग करते हुए गुप्त कैमरे से कैद किया गया है। इसकी ऑडियो-विडियो में जिंदल स्टिल व पावर लिमिटेड के अधिकारियों से बातचीत करते रिकार्ड किया गया है। उनकी आवाज का मिलान कराने के लिए लोदी रोड सीजीओ कंप्लेक्स स्थित सीएफएसएल (सेंट्रल फारेंसिक साइंस लेबोरेट्री) में उनकी आवाज की जांच करानी है। इसलिए तिहाड़ जेल-4 के अधीक्षक को निर्देश दिया जाए कि दोनों को सीएफएसएल लेबोरेट्री में आवाज का नमूना लेने के लिए पेश करे। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है।

बता दें कि बता दें कि पुलिस ने 2 अक्टूबर, 2012 को कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल स्टील पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) की शिकायत पर जी समूह चेयरमैन सुभाष चंद्रा, प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका, जी न्यूज संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस हेड समीर अहलूवालिया के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था कि दोनों संपादकों ने कोल आवंटन से संबंधित खबरें नहीं दिखाने के लिए बतौर विज्ञापन सौ करोड़ रुपये की मांग की। पुलिस ने दोनों को 27 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था।


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zee jindal

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