बेंगलुरू/ नई दिल्ली। आप अगर सोचते हैं कि सोशल मीडिया पर आपकी प्रायवेसी बरकरार है तो यह आपका भ्रम है। बगैर किसी शोर-शराबे के सरकार ने पिछले महीने एक प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इससे उसे देश के पूरे टेलीकम्यूनिकेशन नेटवर्क का एक्सेस मिल जाएगा।
इसमें ऑनलाइन एक्टिविटी, फोन कॉल्स, टेक्स्ट मैसेज और यहां तक कि सोशल मीडिया भी शामिल है। इसे सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम नाम दिया गया है। यह ऐसी सिंगल विंडो होगी जिसके जरिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी या टैक्स अथॉरिटी जैसी सरकारी एजेंसियां हर तरह के कम्युनिकेशंस पर एक जगह से नजर रख सकेंगी।
इससे प्राइवेसी और इंटरनेट फ्रीडम एक्टिविस्ट्स चिंता में है। उन्हें डर है कि सिक्योरिटी के नाम पर सरकार लोगों की जासूसी कर सकती है। यह इस सिस्टम का बेजा इस्तेमाल होगा। आम लोग इसका निशाना बन सकते हैं। (एजेंसियां)





