नई दिल्ली : सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा ने सेबी और कुछ मीडिया घरानों के खिलाफ़ लगातार विज्ञापन दिए जाने के मसले पर सार्वजनिक माफ़ी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट में सहारा-सेबी मामले की सुनवाई से ठीक एक दिन पहले ये माफ़ीनामा कई अखबारों में छपा है. नपे-तुले शब्दों में दिए गए इस विज्ञापन में कहा गया है कि सेबी और मीडिया घरानों के खिलाफ़ पहले छपे विज्ञापन 'अवांछित मज़बूरियों' की वज़ह से दिए गए थे. सुब्रत रॉय इस समय जेल में बंद हैं और सुप्रीम कोर्ट से जमानत लेने की लगातार कोशिश कर रहे हैं.
हालिया विज्ञापन में कहा गया है कि हमने भारत की 34 फीसदी जनता, जिन्होंने हमारे विज्ञापनों को देखा, से लगातार संवाद किया. इन विज्ञापनों ने हमारे खिलाफ़ माहौल तैयार किया. मालूम हो कि बाज़ार पर नज़र रखने वाली संस्था सेबी ने सहारा ग्रुप को 24,000 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस करने के लिए कहा है और इसी मामले में सुब्रत राय अब तक जेल में बंद हैं और उन्हें ज़मानत भी नहीं मिल रही. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि सहारा समूह पहले 5,000 करोड़ नकद और 5,000 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराये, तभी सुब्रत राय को ज़मानत दी जायेगी.






