सेबी को बिना पूरा कागज दिए विदेश नहीं जा सकते सुब्रत राय : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट से सहारा को नहीं मिली राहत… सहारा के चीफ सुब्रत रॉय की विदेश जाने की अर्जी आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी… देश की सर्वोच्च अदालत ने सहारा को अपने बैंक स्टेटमेंट और निवेशकों से जुड़ी जानकारी जमा करने को कहा है… मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी… सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों का धन लौटाने संबंधी विवाद में सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय को विदेश जाने की इजाजत मंगलवार को भी नहीं दी… न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस केहर की खंडपीठ ने कहा कि सहारा प्रमुख तब तक देश छोड़कर नहीं जा पाएंगे जब तक वह भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) को आवश्यक और मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा देते…

न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कहा, हम सहारा प्रमुख को देश से बाहर जाने की इजाजत तभी दे सकते हैं जब वह सेबी द्वारा मांगी गई जानकारियां उपलब्ध करा देते हैं.  सहारा प्रमुख ने व्यावसायिक कारणों से विदेश जाने की कोर्ट से अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने इससे पहले भी कहा था कि वह प्रथम दृष्ट्या इस बात से संतुष्ट हैं कि सहारा समूह ने उसके गत 28 अक्टूबर के आदेश का अक्षरश: पालन नहीं किया है. इसलिए सहारा प्रमुख और कंपनी के दो अन्य निदेशक देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं होगी. जब तक उसके संबंधित आदेश पर अमल नहीं हो जाता, तब तक कंपनी अपनी कोई सम्पत्ति नहीं बेच सकेगी.

कोर्ट ने सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लि. द्वारा वसूली गई राशि निवेशकों को नहीं लौटाने पर समूह को आडे हाथों लेते हुए 20 हजार करोड़ रूपए की सम्पत्ति के मूल दस्तावेज सेबी को सौंपने का गत 28 अक्टूबर को निर्देश दिया था. सेबी की दलील थी कि सहारा समूह ने अपनी परिसम्पत्तियों का तो बढ़ा-चढ़ाकर मूल्यांकन किया ही है, उसने जायदाद से संबंधित मूल दस्तावेज भी उसे जमा नहीं कराए हैं. सेबी का कहना था कि सहारा समूह ने जायदातों के दस्तावेज की फोटोस्टेट कॉपी ही उपलब्ध कराई है और वह भी अधूरी. सेबी ने निवेशकों का धन लौटाने के आदेश पर अमल नहीं करने को लेकर अदालत की अवमानना का मामला शीर्ष अदालत में दायर किया है.

इसे भी पढ़ें:

सुब्रत राय ने तो सुप्रीम कोर्ट-सेबी की सरेआम ऐसी-तैसी कर दी! (देखें वीडियो)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *