: अवैध खनन हादसे में गिरफ्तारी न होने पर जिला प्रशासन को दी चेतावनी : देश में अवैध खनन एक बीमारी का रूप ले चुका है. यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गोवा, झारखंड जैसे तमाम राज्यों में अवैध खनन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है. एमपी में आईपीएस नरेंद्र कुमार की अवैध खनन रोकने को लेकर दी गई शहादत ने इस मुद्दे को और अधिक भड़का दिया है. यूपी के सोनभद्र जिले में बीते 27 फरवरी को अवैध खनन के दौरान हुए हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई थी.
इसी मामले में सोनभद्र के पत्रकार विजय विनीत ने जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की मांग की है. विजय ने जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरतने तथा कई आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अगर 15 मार्च तक इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे 16 मार्च से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे. नीचे विजय विनीत द्वारा जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र.
सेवा में,
जिलाधिकारी
सोनभद्र
विषय- अवैध खदान हादसा में सरकारी कर्मचारियों पर व कुछ अन्य पर प्राथमिकी दर्ज न होने से भूख हड़ताल के संबंध में।
महोदय,
२७ फरवरी २०१२ को हुआ खनन हादसा कई सवाल जनमानस में छोड़ गया है। इस मामले में अभी तक सिर्फ १६ आम लोगों के खिलाफ १० श्रमिकों की मौत को लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। जबकि उस अवैध खनन में वर्षों से कुछ लोग लगे हुए थे। इसमें पूर्व के कई जिलाधिकारी, खान अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी समेत कई पत्रकार शामिल थे। वर्तमान में कई बार ओबरा थाना क्षेत्र के खनन इलाके में सदर तहसीलदार राजस्व निरीक्षक व कुछ लेखपाल जाकर खुलेआम वसूली करते रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, अभी तक उनकी गिरफ्तारी न होना इस बात का संकेत दे रहा है कि जिला प्रशासन कहीं न कहीं उन्हें बचने का मौका दे रहा है।
अतः जिला प्रशासन से निवेदन है कि इस मामले दोषी अधिकारीयों व अन्य स्थानों पर भी अवैध खनन में लिप्त राजनीतिक दलों के लोगों, पत्रकारों व जो भी इसमें लिप्त हैं उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाय। जिन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज है उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाय। अगर १५ मार्च तक यह कार्रवाई नहीं की गयी तो १६ मार्च से हम जिलाधिकारी कार्यालय के सामने भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
दिनांक-१३/०३/१२ विजय विनीत (पत्रकार)
फोन नं०-९४१५६७७५१३






