सोनभद्र पुलिस द्वारा प्रताड़ित पत्रकार ने की मुख्यमंत्री से शिकायत

सोनभद्र से निकलने वाले साप्ताहिक समाचार पत्र कूटचक्र के सम्पादक महेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर अनपरा के थानाध्यक्ष द्वारा वहां के एक पत्रकार के साथ मिलकर उन्हें प्रताड़ित करने की शिकायत की है। महेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लिखा है कि वे पिछले कई दिनों से सोनभद्र के एक पत्रकार सुल्तान शहरयार की कथित जालसाजियों के खिलाफ कूटचक्र में लिखते रहे हैं। जिसकी वजह से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
 
अपने खिलाफ खबरे छपने से नाराज सुल्तान शहरयार खान ने अनपरा के थानाध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार यादव के साथ मिलकर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा दिया और उनके खिलाफ गिरफ्तारी का दबाव बना रहे हैं। जिसकी वजह से वे दहशत में हैं और सोनभद्र से बाहर रह रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुलिस की ज्यादतियों से संरक्षण देने की मांग की है.
 
महेन्द्र अग्रवाल के द्वारा मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र दिया जा रहा है-
 
माननीय मुख्य मंत्री
उ0प्र0 शासन, लखनऊ
विषय – अनपरा सोनभद्र पुलिस द्वारा माफिया पत्रकारों के साथ गठजोड़ कर फर्जी मुकदमा में फंसाने, माफिया, जालसाज कथित पत्रकार सुल्तान शहरयार खॉ के खिलाफ लम्बित अनेकों शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं करने, संरक्षण देने के सम्बन्ध में
 
सन्दर्भ – पूर्व शिकायत पत्र संख्या 2378 दिनांक 24-09-2013, पत्र संख्या 2250 दिनांक 22-04-2013, पत्र संख्या 2196 दिनांक 08-03-2013, पत्र संख्या 2124 दिनांक 19-12-2012
 
माननीय महोदय,
आपका ध्यान अपने पूर्व सन्दर्भित शिकायत पत्रों की ओर आकृष्ट कराते हुए अत्यधिक खेद के साथ अवगत कराना हैं कि ‘भय तथा माफिया मुक्त शासन’ देने की आपकी महत्वाकांक्षी घोषणाओं की आपकी ही पुलिस के कथित कर्मठ तथा कर्तव्यनिष्ठ अनपरा थानाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार यादव धज्जियॉ उड़े रहे हैं। जालसाजी, ठगी करने वाले, टैक्स चोर सफेदपोश माफियाओं की पोल खोलने, करोड़ों रूपयों के टैक्स चोरी का पर्दाफाश कर सरकार को राजस्व का फायदा कराने वाले प्रार्थी (सम्पादक कूटचक्र साप्ताहिक समाचार) को आपके शासनकाल में अवैध धनउगाही कर निरकुंश हो चुके सफेदपोशों द्वारा लगातार उत्पीड़ित किया जा रहा हैं। इसी क्रम में आपका ध्यान अनपरा सोनभद्र के कथित पत्रकार (बिना किसी अखबार से जुड़े, ठगी, जालसाजी कर धनउगाही के बूते देश-विदेश घुमने वाले सुरक्षा के लिए खतरा बने) सुल्तान शहरयार खॉ के काले कारनामों, जालसाजी, ठगी के साथ-साथ फोन से जान-माल की धमकी देने, झूठी शिकायत करने, जाली लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भ्रमित करने वाला पत्र भेजने आदि के सम्बन्ध में उपरोक्त सन्दर्भित पत्रों द्वारा अवगत कराने, श्रीमान पुलिस महानिदेशक, श्रीमान प्रमुख सचिव गृह, श्रीमान प्रमुख सचिव सूचना आदि को भी सन् 2010 से लगातार दर्जनों पत्र लिखने, आपके निर्देश के बावजूद भी अनपरा जिला सोनभद्र की पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने, संरक्षण व शह देने के कारण मनबढ़ सुल्तान शहरयार खॉ की झूठी तहरीर पर थानाध्यक्ष अनपरा ने दिनांक 06-12-2013 को रपट संख्या 654/13 लिखकर मुझे फर्जी मुकदमें में न केवल फॅसा दिया है बल्कि जबरन गिरफ्तार करने के लिए ऐसा दहशत फैलाया कि मुझे अनपरा छोड़ कर भागना पड़ गया।
 
सुल्तान शहरयार खॉ द्वारा पहले तो माननीय अल्पसंख्यक आयोग में मेरे खिलाफ शिकायत पत्र दिया जो जॉचोपरान्त झूठी तथा पेशबन्दी की पाये जाने तथा किराया का लाखों रूपया बकाया होने पर अनपरा विद्युतगृह प्रशासन द्वारा अवैध तरीके से कब्जा किये टूरूम फील्डहास्टल के कमरे की बिजली लाइन काट देने पर दिनांक 28-06-2013 को मो0 नम्बर 9559194007 से जान-माल की धमकी दिया जिसकी शिकायत मैने थानाध्यक्ष अनपरा से किया तथा लिखित शिकायत पुलिस महानिदेशक सहित आलाधिकारियों से किया, जिस पर आज तक स्थानीय पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं किया। इसी बीच में सुल्तान शहरयार खॉ द्वारा मेरे समाचार पत्र का जाली लेटरपैड बनाकर फर्जी हस्ताक्षर कर श्रीमान निदेशक सूचना को भ्रमित करने वाला पत्र भेजा, जिसकी लिखित शिकायत पत्र संख्या 2378 तथा पत्र संख्या 2379 दिनांक 24-09-2013 श्रीमान जी की सेवा में तथा श्रीमान पुलिस महानिदेशक से किया। कोई कार्यवाही नहीं किये जाने पर शिकायत पत्र संख्या 2392 दिनांक 21-10.-2013 सीधे श्रीमानथानाध्यक्ष अनपरा सोनभद्र को लिखते हुए उसकी प्रतिलिपि श्रीमान पुलिस महा निदेशक, डीआईजी लखनऊ व मीरजापुर, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को प्रेषित किया। अत्यधिक खेद की बात हैं कि पुलिस के आलाधिकारियों के निर्देश पत्र व अनुस्मरण पत्र पहुंचने के बावजूद भी अनपरा पुलिस द्वारा आज तक सुल्तान शहरयार खॉ के खिलाफ कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं किया गया बल्कि थाने में बैठा कर शह और संरक्षण दिया जाता हैं जिसके कारण दिनांक 06-12-2013 को अनपरा पहुंचने पर तत्काल ही
 
थानाध्यक्ष महोदय दहशत फैला कर साजिशन पत्रकारिता की आड़ में टैक्स चोरी तथा नकली उत्पादों का व्यापार करने वाले, ठेकेदारी करने वाले सफेदपोशों के कथित दबाव में सुल्तान शहरयार खॉ द्वारा तीन बार बदली गई फर्जी तथा झूठी तहरीर ‘घर में घुस कर मारपीट करने’ का आरोप लगाते हुए बैक डेट में मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा संख्या 654/13 दर्ज कर अपनी कर्मठता, कर्तव्यपरायणता का बेहतरीन उदाहरण तो पेश किया ही हैं साथ ही सपा शासन में पुलिसिया तांडव के लगातार लग रहे आरोपों में अपना नाम भी लिखवा लिया हैं। श्रीमान थानाध्यक्ष के खिलाफ स्थानीय जनता की तमाम शिकायतें अलग
से आपकी सेवा में आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित करूंगा।
 
सविनय निवेदन हैं कि वर्तमान पदस्थ थानाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार यादव को तत्काल स्थानान्तरित करते हुए पेशबन्दी में फर्जी तथा झूठे तहरीर पर अनावश्यकरूप से दबाव बनाने के लिए साजिशन दर्ज किये गए रपट संख्या 654/13 को निरस्त करने, जालसाज माफिया सुल्तान शहरयार खां तथा पत्रकारिता की आड़ में टैक्स चोरी वगैरा करने वाले सफेदपोशों के खिलाफ लम्बित शिकायतों को दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही करने, गिरफ्तार कर जेल भेजने का स्पष्ट आदेश जारी करने का कष्ट करें अन्यथा ये लोग प्रार्थी तथा उसके परिवार को किसी भी हद तक जाकर अपूरणीय क्षति पहुंचा सकते हैं जिसकी भरपाई करना असम्भव हो।
 
प्रतिलिपि- सूचनार्थ एंव त्वरित कार्यवाही हेतु आग्रह के साथ-
1- माननीय अध्यक्ष, राज्य मानव अधिकार, लखनऊ
2- श्रीमान प्रमुख सचिव गृह, उ0प्र0 शासन, लखनऊ- शिकायत संख्या पीजी 05363838/लो.शि.2/2013
3- श्रीमान पुलिस महा निदेशक, उ0प्र0, लखनऊ
4- श्रीमान अपर पुलिस महा निदेशक लॉ एण्ड आर्डर, उ0प्र0, लखनऊ
5- श्रीमान पुलिस उप महा निरीक्षक, मीरजापुर रेंज, मीरजापुर
6- श्रीमान पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र
 
आपका-
 
महेन्द्र अग्रवाल
 
326-ए, प्रिंस काम्पलेक्स, हजरतगंज, 
लखनऊ-226001
मो-9415376117 
ईमेल- newskootchakra12@yahoo.com

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