सोशल मीडिया ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को छेड़ा… जानिए, अराजकता किसे कहते हैं महामहिम!

शेखर कपूर ने बहुत साफ-साफ शब्दों में प्रणव मुखर्जी को बताया कि अराजकता किसे कहते हैं. फिल्मकार शेखर कपूर काफी समझदार और स्पष्ट विजन वाले शख्स माने जाते हैं. अभी उनके द्वारा बनाया गया 'प्रधानमंत्री' नामक एक सीरिज का प्रसारण एबीपी न्यूज पर किया गया जो काफी लोकप्रिय था. वहीं, अराजकता के मसले पर राष्ट्रपति की निशानेबाजी को लेकर फेसबुक व ट्विटर, दोनों जगह राष्ट्रपति के विरोध में कमेंट आ रहे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह और अमिताभ श्रीवास्तव ने भी सच्चाई बयान किया है. किस तरह सत्ता-सिस्टम, बाजार, कारपोरेट से किसी भी रूप में जुड़ा हर शख्स 'आम आदमी पार्टी' को निशाना बना रहा है, इसके बारे में लोगों ने बताया, लिखा है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आम आदमी पार्टी के लोग सच में आम जनों के लिए न सिर्फ बात कर रहे हैं, बल्कि लड़ रहे हैं और कई दशकों की सत्ता-सिस्टम की जड़ता को तोड़ते हुए संपूर्ण यथास्थितिवादियों को चुनौती दे रहे हैं. जो लोग काली कमाई कर, वोट बैंक की पालिटिक्स कर, पूंजीपतियों से पैसे लेकर सत्ता लाभ लेते चले आ रहे हैं, केंद्र में या प्रदेशों में, उन्हें आम आदमी पार्टी से दिक्कत महसूस हो रही है क्योंकि उन्हें उनके दिन खत्म होते हुए दिख रहे हैं.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया


Amitaabh Srivastava : राष्ट्रपति का इतना तीखा और सीधा राजनैतिक संदेश आम आदमी पार्टी के खिलाफ! हैरानी हो रही है। कांग्रेस की सरकारों में वित्त और वाणिज्य जैसे विभाग संभाल चुके प्रणव मुखर्जी इस चुनावी साल में क्या बोल गये- सुनकर हैरत हो रही है। अराजकता का जिक्र करके अरविंद केजरीवाल पर बिना नाम लिये निशाना साधा। एक तरफ राहुल गांधी आम आदमी के वोट लेने के लिए यूपीए सरकार से सिलेंडर तक बढ़ाने के लिए खुलेआम कहते हैं और दूसरी तरफ राष्ट्पति महोदय कह रहे हैं कि सरकार कोई charity shop यानी दान खाता नहीं है। सब्सिडी पर सोच अपनी जगह लेकिन अरे महामहि्म- आप तो देश के प्रथम नागरिक है- आम आदमी के हक में बोलना चाहिए था। जिस पार्टी से आपका रिश्ता रहा है कहीं उसे चुनाव में लेने के देने न पड़ जाएँ । सरकार का डर आपके इस संबोधन में साफ दिख रहा था महामहिम।

Sheetal P Singh : राष्ट्रपति की "लोकलुभावन अराजकता" वाली टिप्पड़ी समेत सोमनाथ भारती प्रकरण पर बीजेपी और कांग्रेस के स्वर एक ही ध्वनि पैदा कर रहे हैं। बीजेपी धीरे-धीरे अपने आरोप को खो देगी जिसमें वह "आप" को कांग्रेस की बी टीम ठहरा रही थी। बात फिर वहीं पहुँच रही है कि सारी पार्टियाँ यथास्थितिवादी हैं और "आप" के ख़िलाफ़ एक हैं।

AAM AADMI PARTY 272+ : युगांडा लडकियों के वकील का नाम है हरीश साल्वे और बिजली कम्पनियों के CAG ऑडिट के खिलाफ भी कम्पनियों के वकील है हरीश साल्वे। Is it mere coincidence?

Sheetal P Singh : हरीश साल्वे की फीस देश के सबसे मंहगे वकीलों में शुमार होती है, जिसे अंबानी तो दे सकते हैं, पर चार पाँच हज़ार रुपये किराये के कमरे में तीन-तीन लोगों द्वारा शेयर करने वाली अंगोलन लड़कियाँ कहाँ से दे सकती हैं?

Shahid Khan : केजरीवाल बाबू ने एक रिक्शेवाले से एक नए अस्पताल का उदघाटन कराया! देश में पहली बार भाजपाई और कांग्रेसी स्पौन्सर्ड हिन्दू-मुस्लिम तुष्टीकरण से इतर गरीबों के तुष्टिकरण की ये जो शुभ बेला आई है… उस पर नाक-भौं ना सिकोड़ें! बल्कि इस इतिहास-बनाऊ क्षण का साक्षी बन बालकोनी पर खड़े हो जायें और वहीँ से खंचिया भर गेंदा फूल 'मफलरिया' बाबु पर झर-झर गिराएं!

Sanjay Tiwari : एक और 'लोकलुभावन अराजकता'. रिक्शाचालक से अस्पताल का उद्घाटन करवा दिया. हद है. ऐसा कैसा गणतंत्र बना रहा है यह अराजक आदमी? आदमी बोल भी कहां पाता है प्रणब दा? कुर्सियां बोला करती हैं. गनतंत्र के व्यवस्थित लूटतंत्र में 'अराजकता' के लिए कोई जगह होती भी कहां है, प्रणव दा. मुझे दिल्ली में रहते एक दशक से दो साल ज्यादा हो गया है. लेकिन इन बारह सालों में बीते दस बारह दिनों से पहली बार इतने साफ पानी की सप्लाई आ रही है कि मेरा बोतल (पानी की) खरीदने का खर्चा खत्म हो गया है. क्या हुआ पता नहीं, लेकिन कुछ तो हुआ है.

Rising Rahul : कल राष्‍ट्रपति ने राष्‍ट्र को संबोधि‍त करके साफ बता दि‍या है कि भारत अभी ब्रि‍टि‍श राज की मानसि‍कता से मुक्‍त नहीं। ब्रि‍टि‍श राज की वि‍शेषता थी कि सबसे पहले उसने ही हिंदू को मुस्‍लि‍म अलग कि‍या, वैमनस्‍य की शुरुआत की। राष्‍ट्रपति का एक एक अंग्रेजी का शब्‍द भारत की संप्रभुता पर वि‍देशी आक्रमण की तरह टूटता लगा मुझे। हमारी गंगा जमुनी तहजीब जि‍से पि‍छले तीन सौ सालों से लगातार तोड़ने की कोशि‍श की जा रही है, जि‍से अंग्रेजों ने शुरू कि‍या और अब कांग्रेस-भाजपा बढ़ा रहे हैं, उसकी अकड़ मुझे राष्‍ट्रपति के हर अंग्रेजी के शब्‍द में दि‍खी। साथि‍यों, अभी हमें अपनी ही सरकार से और संघर्ष करना है…बार बार करना है जब तक उनके दि‍माग में संवि‍धान की सारी बातें सही तरीके से नहीं भर जातीं।

Vimal Kumar : किस मीडिया की तारीफ करूँ जो मोदी या राहुल को लाइव टेलीकास्ट करता है या केजरीवाल को अब गरियाता है.

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