नई दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की कंपनियों स्टार इंडिया और जी समूह का गठजोड़ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की निगरानी में आ गया है। सीसीआई को शुरुआती जांच में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि स्टार इंडिया और जी समूह बाजार में अपनी एकाधिकार की स्थिति का दुरुपयोग कर सकते हैं। दोनों की संयुक्त रूप से बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत की है।
सूत्रों के मुताबिक प्रतिस्पर्धा आयोग ने शुरुआती प्रमाणों के आधार पर महानिदेशक (खुफिया) को इस मामले में आगे छानबीन करने को कहा है जिससे यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह गठजोड़ प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन तो नहीं कर रहा है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक 60 फीसदी बाजार हिस्सेदारी पर एकाधिकार चिंता पैदा करने वाली बात है। हमने दोनों कंपनियों को नोटिस भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस साल मई में स्टार डेन मीडिया सर्विसेज और जी टर्नर लिमिटेड ने देश में अपने चैनलों के बुके के वितरण के लिए संयुक्त उद्यम की घोषणा की थी। फिलहाल जी के चैनलों का वितरण जी टर्नर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। जी टर्नर जी की मूल कंपनी एस्सल समूह और टर्नर इंटरनेशनल का संयुक्त उद्यम है।
आम तौर पर इस तरह के बड़े गठजोड़ के लिए आयोग की मजूरी जरूरी होती है लेकिन इस गठजोड़ की घोषणा प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा पांच और छह प्रभावी होने की तारीख एक जून से पहले की गई थी। इसलिए आयोग इस गठजोड़ से धारा तीन और चार के उल्लंघन की जांच कर रहा है। धारा पांच और छह के जरिए विलय के लिए कंपनियों को आयोग की मंजूरी लेना अनिवार्य किया गया है। जबकि धारा तीन और चार के तहत प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते और एकाधिकार की स्थिति से निपटने के उपाय किए गए हैं। साभार : एजेंसी






