हफ्तावसूली के आरोप में गिरफ्तार कर पत्रकार की निर्मम पिटाई

: पुलिस-ठेकेदार के गठजोड़ ने दिया काम को अंजाम : मुंबई में एक पत्रकार को पुलिस ने बेरहमी से पीटा. उस पत्रकार की गलती बस इतनी थी कि वो मुंबई के धारावी इलाके में होने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा तथा जिसके चलते कई निजी ठेकेदारों का अवैध निर्माण नगर निगम ने तुड़वा दिया था. पत्रकार को पुलिस ने हफ्तावसूली के आरोप में गिरफ्तार करके के बाद उसके परिवार वालों से बात भी नहीं करने दिया. कोर्ट में जब उन्‍हें पेश किया गया तो जज ने मामला संदिग्‍ध पाते हुए उन्‍हें जमानत दे दिया.

घटना सात जून की है. मुंबई के धारावी इलाके से साप्‍ताहिक मुंबई धारा को प्रकाशित करने वाले पत्रकार मोहम्‍मद इसरार शेख को एक स्‍थानीय ठेकेदार नादिर कई बार फोन करके अपने ऑफिस बुलाया. इसरार को कहा गया कि उनके अखबार में विज्ञापन देने के संदर्भ में बात करनी है. इसरार जब काम निपटाकर नादिर से मिलने पहुंचे तो वहां उनके जेब में जबर्दस्‍ती पांच हजार रुपये डाल दिए गए तथा वहां पहले से सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्‍हें पकड़ लिया. आरोप लगाया गया कि इसरार हफ्ता वसूली करने आए थे.

बताया जाता है कि जब इसरार ने अपने लोगों से इस मामले में बात करने को कहा तो उनको बात भी नहीं करने दिया गया. धारावी पुलिस स्‍टेशन लाकर उन्‍हें नंगा करके बेल्‍ट से पिटाई की गई. कहा गया कि क्‍या कर लोगे ज्‍यादा से ज्‍यादा शिकायत ही करोगे ना, इसके बाद तुम्‍हे फिर देखा जाएगा. अभी तो दो दिन रिमांड पर लेकर हमलोगों के अधिकारी भी तुम्‍हारी सच लिखने की खुजली को मिटाएंगे. आठ जून को इसरार को बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद माननीय जज ने पुलिसिया कहानी कमजोर पाते हुए उन्‍हें जमानत दे दी. इसरार ने मानवाधिकार आयोग समेत तमाम जगहों पर शिकायत की है.


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