हमले के बाद वेंटिलेटर पर सरबजीत सिंह, हालत अत्‍यंत गंभीर

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में 22 सालों से बंद भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर जानलेवा हमला हुआ है। कैदियों के हमले में सरबजीत के सिर में गंभीर चोटें आईं हैं। जेल अधिकारियों ने सरबजीत को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सरबजीत को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उसकी हालत कोमा जैसी है। डॉक्टरों के मुताबिक सरबजीत के लिए अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं।

सरबजीत पर हमले की खबर से पंजाब के तरनतारन में रह रहे उनके परिवार को लोग बेहत चिंतित हैं। सरबजीत की रिहाई के लिए वर्षों से मुहिम चला रही उनकी बहन दलबीर कौर ने हमले के पीछे साजिश की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि जानबूझकर सरबजीत पर हमला करवाया गया है। लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत सिंह पर जेल के ही दो कैदियों ने हमला किया। कैदियों ने सरबजीत पर ईंटों और ब्लेड से हमला किया और उसकी जमकर पिटाई की। इस हमले में सरबजीत के सिर में गंभीर चोटें आईं।

सरबजीत पर जेल में यह हमला उस वक्त हुआ जब कैदियों को एक घंटे के ब्रेक के लिए बंदी कोठरी से बाहर लाया गया था। जेल अधिकारियों ने सरबजीत को गंभीर हालत में लाहौर के जिन्ना अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। सरबजीत की हालत इतनी गंभीर है कि अस्पताल में उसकी सर्जरी की तैयारी चल रही है। लेकिन खून ज्यादा बहने की वजह से डॉक्टर फिलहाल सर्जरी नहीं कर पा रहे। अगले 24 घंटे सरबजीत के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

भारत में मुंबई हमले के दोषी अजमल कसाब तथा संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी की सजा के बाद से ही कोट लखपत जेल में सरबजीत की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद सरबजीत पर ये हमला हो गया। भारत ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्‍तान से नाराजगी जताई है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने अपने दो अधिकारियों को सरबजीत का हाल जानने के लिए मौके पर भेजा है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि सरबजीत को हर संभव इलाज दिया जाए और उसकी हर संभव मदद की जाए।

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