हमें नहीं पता था कि आसाराम के कमरे में चोर दरवाजा है जिससे वह बेटी के कमरे में घुस गए

आसाराम पर बलात्कार की गूंज संसद से सड़क तक हो रही है। आसाराम द्वारा अपने ही शिष्य की बेटी के साथ बलात्कार करने घटना के बाद पूरे देश में आसाराम की गिरफ्तारी की मांग हो रही है। वहीं आसाराम खुले आम घूम रहा है। पुलिस उसे क्यो गिरफ्तार नही कर रही है? आसाराम को कोई बचा रहा है? अभी मुम्बई में एक पत्रकार के साथ गैंग रेप के मामले में मुम्बई पुलिस ने 72 घंटे में पांचों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पर आसाराम को गिरफ्तार करने में राजस्थान पुलिस को पसीना क्यो आ रहा है? आशाराम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की का पिता आज मीडिया के सामने आया और सीबीआई जांच की मांग की। साथी ही कहा कि आसाराम को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
 
लड़की के पिता ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। बापू के आश्रम से फोन अया कि आपकी बेटी की तबियत खराब है। हम और हमारी पत्नी बेटी से मिलने आश्रम पहुंचे आश्रम में बताया गया कि यहा पर कुछ भूत-बाधा है। बापू से मिलो वह अनुष्ठान कर के बेटी को ठीक कर देंगे। हम बेटी को लेकर दिल्ली गए वहां पर बापू से मुलाकात नहीं हुई। हमने बापू के साथ रहने वलों से बात की तो पता चला कि बापू राजस्थान में आश्रम में है हम वहां पहुंचे तो वहां पता चला कि बापू एकांतवास में हैं। वहां गया तो बपू शाम को मिले और बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि ऐसा अनुष्ठान करूंगा कि बेटी बहुत तेज हो जाएगी। जब बापू ने मुझे देख तो बोले, तेरी बेटी है। बाबा ने चटाई बिछा दी और दूध दे दिया व मंत्र जपने को कहा। बाबा ने हमसे कहा कि तुम जा के आराम कर लो। हमने कहा कि हम भी जप कर लेगे। बापू अपने कमरे में चले गए। हमें दिख रहा था कि बापू अपने कमरे में है। यदि वह बेटी के कमरे में जाएंगे तो हमको दिखेंगे। पर हमें यह नहीं पता था कि बापू के कमरे में एक चोर दरवाजा है जिससे वह बेटी के कमरे में चले गए। 
 
हम बेटी का इंतजार करने लगे। एक बार सेवादार आया बोला कि अभी तक तक आप लोग गए नहीं। बाबा द्वारा खुद को निर्दोष बताए जाने पर पीड़ित लड़की के पिता ने कहा कि वह तो अपने को निर्दोष बताएंगे ही, पर मेरी बेटी का जीवन बर्बाद हुआ है, मेरे परिवार पर क्या बीत रही है, यह हम ही जानते हैं। एफआईआर में लिखाई गई एक-एक बात सच है। आसाराम चोर दरवाजे से बेटी के कमरे में पहंचे और बेटी के साथ जोर जबरदस्ती की। मैं 11 साल से बापू का अनुयायी हूं। जब बाबा के खिलाफ मीडिया में कोई खबर आती थी तो अन्य अनुयायियों की तरह मैं भी मीडिया वालों को गाली देता था। बाबा कहता था कि इसाई मिशनरी ने मीडिया को खरीद रखा है। लोगों की आस्था हिन्दू धर्म से खत्म हो जाए और संतो के प्रति द्वैश हो जाए। मेरे सामने जब तक इसका चेहरा सामने नहीं आया था तो मैं आसाराम को भगवान मानता था। आसाराम की गिरफ्तारी न होने पर पिता बोला कि नेताओं कि गलती है। इसीलिए बाबा की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। मुझे पुलिस और कानून पर विश्वास है। बाबा खुला घूम रहा है। यह तो देश के कानून के रक्षकों की गलती है। उसे पकड़ कर बंद कर देना चाहिए था।
 
मेडिकल में घपलेबाजी पर बोले कि 15 अगस्त की घटना है। 20 को मेडिकल कराया गया है। मुझे बाबा की तरफ से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। गोविंद तनेजा ने धमकियां दी की आप ठीक नहीं कर रहे हैं। मैं ऊपर तक लड़ाई लडूंगा। कानून को एसे आदमी को फांसी पर लटका देना चाहिए। आश्रम में जब मैंने बेटी से पूछा कि बाबा कैसे हैं तो वह रोने लगी और कहा कि पापा घर चलो, यह बाबा नहीं, ढोंगी है। बेटी को लेकर हम घर आ गए। 19 अगस्त को बेटी ने पूरी घटना अपनी मां को बताई तो वह सन्न रह गई। मेरी जानकारी में आने पर मैं तुरंत ही बाबा से मिलने दिल्ली सत्संग स्थल पहुंचा और बाबा से मुलाकात की। सामने ही पुलिस का आफिस था। तो मेरी पत्नी ने पुलिस से मदद लेने की बात कही। मेरी पत्नी ने थाने जाकर महिला पुलिस अधिकारी को सारी घटना बताई, जिसके बाद मेरा मुकदमा लिख लिया गया।
 
शाहजहांपुर से पत्रकार सौरभ दीक्षित की रिपोर्ट. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *