Vineet Kumar : 2 जी स्पेक्ट्रम के दौरान हरतोष सिंह बल को गौर से पढ़ना शुरू किया तो फिर एक भी स्टोरी नहीं छूटी. इनके बहाने ओपन मैगजीन के प्रति खास किस्म का लगाव हो गया. अब जब उनकी ये ट्वीट पढ़ी तो अफसोस नहीं हुआ बल्कि अच्छा लगा कि सब खत्म नहीं हो गया है.

इस मीडिया मंडी में कुछ नहीं तो ऐसे बाट भी थोड़े बचे हैं जो सबको एक ही तराजू से तौल नहीं सकते. इतना भी नहीं बचेगा तो मीडियाकर्मी दुपट्टे, पेटीकोट, ब्लाउज की चुनरी प्रिंट रगने थोड़े ही आया है. हां ये है कि इस प्रकरण से ओपन और कायदे से खुल गया..टायर-ट्यूब का धंधा करनेवाले आज न कल तो ये काम करते ही.
युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार के फेसबुक वॉल से.
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