Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

हरिनारायण सिंह और बैजनाथ मिश्र : बुरे दिनों में अदला-बदली

: कानाफूसी : रांची – खबर थोड़ी पुरानी है। राजधानी रांची के दो दिग्गज स्वनामधन्य पत्रकार (अच्छे ओहदे पर रहे, राजनीति गलियारे में अच्छी पकड़ वाले) संपादकद्वय हरिनारायण सिंह और बैजनाथ मिश्र के दिन अच्छे नहीं चल रहे। वैसे इन दोनों ने तो आसमान छुआ ही है। बैजनाथ मिश्र प्रभात खबर से उड़कर नये राज्य झारखंड में सूचना आयुक्त बने। अभी रिटायर ही हुए थे कि सन्मार्ग में संपादकी मिल गई। वैसे खबर है कि सूचना आयुक्त रहते मिश्र प्रभात खबर आते-जाते रहे, परंतु ज्यादा दिनों तक नहीं। उन्होंने उस दरम्यान हिन्दुस्तान को अपना ठिकाना बनाया और दूसरे नाम से कालम भी लिखना शुरू किया।

: कानाफूसी : रांची – खबर थोड़ी पुरानी है। राजधानी रांची के दो दिग्गज स्वनामधन्य पत्रकार (अच्छे ओहदे पर रहे, राजनीति गलियारे में अच्छी पकड़ वाले) संपादकद्वय हरिनारायण सिंह और बैजनाथ मिश्र के दिन अच्छे नहीं चल रहे। वैसे इन दोनों ने तो आसमान छुआ ही है। बैजनाथ मिश्र प्रभात खबर से उड़कर नये राज्य झारखंड में सूचना आयुक्त बने। अभी रिटायर ही हुए थे कि सन्मार्ग में संपादकी मिल गई। वैसे खबर है कि सूचना आयुक्त रहते मिश्र प्रभात खबर आते-जाते रहे, परंतु ज्यादा दिनों तक नहीं। उन्होंने उस दरम्यान हिन्दुस्तान को अपना ठिकाना बनाया और दूसरे नाम से कालम भी लिखना शुरू किया।

बाद में हिन्दुस्तान में बदलाव हुआ। मिश्र जी सिमट गये। सूचना आयुक्त का पद गया तो सन्मार्ग में प्रेम का प्यार मिला। प्रेम सन्मार्ग रांची संस्करण के मालिक हैं और राजनीतिक पैरवी के लिए प्रसिद्ध। खैर इनकी चल ठीक रही थी कि मिश्र को हिन्दुस्तान के पूर्व स्थानीय संपादक हरिनारायण सिंह से जोर का झटका लगा। हुआ यूं कि हरिनारायण को एक स्थानीय चैनल में मालिक जैसी धाक थी। वैसे न्यूज 11 चैनल का असली मालिक अरूप चटर्जी है। तेज तर्रार और जुगाड़ु अरूप जिसके धनबाद के बड़े कोल व्यवसायियों से अच्छे ताल्लुकात हैं, सहारा चैनल में काम कर चुका है और झारखंड के तमाम बड़े राजनेताओं आधिकारियों, व्यापारियों, सफेदपोशों से उसके गहरे संबंध हैं। अरूप और हरिनारायण की ज्यादा दिनों तक नहीं बनी। अरूप ने हरिनारायण को चैनल से निकाल दिया। हरिनारायण सन्मार्ग चले गये और बैजनाथ मिश्र न्यूज 11 की गोदी में जा बैठे।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपर उल्लखित तथ्यों में कमी-बेसी नजर आए तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए प्रतिवाद कर सकते हैं. या फिर प्रतिवाद लिखकर [email protected] पर मेल कर सकते हैं. अगर आप भी कानाफूसी लिखकर भड़ास तक पहुंचाना चाहते हैं तो [email protected] का सहारा लें. भेजने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...