हाईकोर्ट ने भड़ास से कहा- निर्मल बाबा को धोखेबाज लिखना गलत

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने विवादों में आए निर्मलजीत सिंह नरुला उर्फ निर्मल बाबा से लोगों को असंगत और अतार्किक समाधान देने से बचने के लिए कहा है। साथ ही बाबा के खिलाफ भड़ास मीडिया में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक लेख लिखने, वेबसाइट पर डालने पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा जिस प्रकार याची को धोखेबाज व उसके खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए बिना तथ्यों और साक्ष्यों के लेख लिखे गए हैं, वह गलत है।

निर्मल बाबा द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर ने कहा कि मूकदर्शक रहकर किसी को भी लोगों की भावनाओं के दोहन की इजाजत नहीं दी जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी साधु संत आध्यात्मिक प्रवचन दे सकता है और ऐसा करना उसका अधिकार है, लेकिन वर्तमान में लोगों को उनकी समस्याओं के जल्द समाधान के लिए उल्टे सीधे तरीके बताए जा रहे हैं, जो पूर्णत: गलत हैं।

अदालत ने कहा कि स्वास्थ्य, गरीबी, बेरोजगारी आदि से परेशान लोगों की न केवल भारत बल्कि दुनियाभर में कमी नहीं है। ऐेसे लोग समाधान के जल्द उपायों पर विश्वास कर लेते हैं। अदालत ने बाबाओं के रहन सहन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय बाबा भारत में ही नहीं, विदेशों में भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं और यह उनकी जीवन शैली व समृद्धि से पता चलता है।

अमर उजाला में प्रकाशित खबर


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