हाथरस में एएसपी ने सिपाही को थप्‍पड़ मारा, पुलिसवालों ने एएसपी को पीटा, बवाल

: खबर दिए जाने तक हालात बेकाबू : हाथरस में एक पुलिसकर्मी के साथ पुलिसिया व्‍यवहार दिखाना एएसपी को महंगा पड़ गया. एएसपी की थप्‍पड़ से गुस्‍साएं पुलिसकर्मियों ने एएसपी को भी पीट दिया. इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जमकर बवाल काटा, तोड़फोड़ की तथा डीएम-एसपी पर कुर्सी फेंका. कई पत्रकार व प्रेस फोटोग्राफर भी पीटे गए. कैमरे भी टूटे. डीएम के आश्‍वासन के बाद भी पुलिस वाले शांत होने को तैयार नहीं थे. उन्‍होंने आगरा रोड पर जाम लगा दिया था. दोपहर तक हालात बेकाबू थे.

बताया जा रहा है कि छठे चरण के मतदान के लिए मतदानकर्मियों की रवानगी के समय एएसपी अशोक कुमार ने एक पुलिसवाले को किसी बात को लेकर चमाचा जड़ दिया. जिस पुलिसकर्मी को थप्‍पड़ मारा गया वह पूर्वांचल के किस जिले से मतदान कराने के लिए आया था. इसके बाद पूर्वांचल से आये पुलिस फोर्स ने पहले एएसपी को धुना उसके बाद उपद्रव शुरू कर दिया. एएसपी की बदतमीजी पूरे सिस्‍टम पर भारी पड़ने लगी. नाराज पुलिसकर्मियों ने मैदान में लगा टेंट-तंबू उखाड़कर फेंक दिया. कुर्सियों से डीएम-एसपी पर भी हमला किया गया. प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी कर रहे वीडियोग्राफर का कैमरा तोड़ दिया गया. घटना कवर कर रहे पत्रकारों को भी पीटा गया. फोटोग्राफरों के कैमरे भी तोड़ दिए गए.

पूरा पुलिस विभाग खबर दिए जाने तक मानने को तैयार नहीं है. डीएम सुहाल एलवाई और एसपी चंद्रप्रकाश मौके पर जमे हुए हैं. अराजकता पर काबू पाने के लिए अर्द्धसैनिक बलों की भी मदद ली जा रही है. पर अब तक हालात काबू में नहीं आए हैं. डीएम सुहाल एलवाई ने माइक पर उपद्रव कर रहे पुलिसकर्मियों से माफी मांगी और आश्‍वासन दिया कि दोषी एएसपी के खिलाफ तहरीर तैयार करा ली गई है. उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाई जाएगी. विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा, पर पुलिसकर्मी एएसपी के बर्खास्‍तगी की मांग कर रहे थे. उससे कम कुछ भी मानने को तैयार नहीं हैं.

बताया जा रहा है कि नाराज पुलिसकर्मियों ने आगरा रोड पर जाम लगा दिया है. कुछ देर तक उन्‍होंने पुलिस पर पथराव भी किया. हालांकि एक अधिकारी से इस तरह के सड़क छाप व्‍यवहार की उम्‍मीद नहीं की जाती, पर जिस तरीके का व्‍यवहार अशोक कुमार ने किया उससे अपने अधिकारियों के व्‍यवहार को लेकर काफी पहले से सुलग रहे पुलिसकर्मियों को उद्देलित करने का ही काम किया. पुलिस कल्‍याण एसोसिएशन के अध्‍यक्ष सुबोध यादव ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक अधिकारी वर्दी में थप्‍पड़ मार रहे हैं इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. उन्‍होंने कहा कि अगर तत्‍काल इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे. चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत करेंगे. सुबोध ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अनुसाशन का पाठ सिखाने वाले अधिकारियों को पहले खुद अनुशासन सीखना चाहिए.

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