हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला : पटना हाई कोर्ट ने शोभना भरतीया की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

 

मुंगेर। विश्व के सनसनीखेज 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान के विज्ञापन घोटाले से जुड़े मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445/2011 में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय ज्योति शरण ने अभियुक्त संख्या 01 मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष एवं ऐडिटोरियल डायरेक्टर भोभना भरतीया की गिरफ्तारी और उनके विरूद्ध अन्य पुलिस कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। न्यायालय ने इस सनसनीखेज मुकदमे में यद्यपि अनुसंधान जारी रखने का आदेश दिया है।
 
अभियुक्त शोभना भरतीया राज्य सभा की माननीय सदस्य रही है और वर्ष 2005 में पद्मश्री अवार्ड पा चुकी हैं। उन्हें द इकानामिक टाइम्स न्यूजपेपर ने बिजनस वुमन आफ द इयर, 2007, द वर्ल्ड इकानामिक फोरम, दावोस ने द ग्लोबल लीडर फार टुमारो 1996 और पी0ए0डी0चैम्बर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री ने द आउटस्टैंडिंग बिजनस वुमन आफ द इयर 2001 के सम्मान से सम्मानित किया है। उन्हें नेशनल प्रेस इंडिया अवार्ड 1992 से भी सम्मानित किया गया है।
 
न्यायमूर्ति माननीय ज्योति शरण ने क्रिमिनल मिसलीनियस नं0-2957/2012 में अपने 30 जनवरी, 2012 के आदेश में लिखा है कि ‘‘In the meantime,although ,the investigation shall continue,but no coercive measures shall be taken by the Investigating Agency against the petitioner,Shobhna Bharatiya until further orders of the court.''
 
पटना उच्च न्यायालय का 30 जनवरी, 2012 का यह आदेश बीते सप्ताह मुंगेर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में प्राप्त हुआ। इस बीच, मुंगेर कोतवाली कांड संख्या 445/2012 में विश्व के सनसनीखेज 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान के विज्ञापन घोटाले में पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन के निर्देश पर आरक्षी उपाधीक्षक अरूण कुमार पंचालर ने पुलिस पर्यवेक्षण रिपोर्ट में नामजद अभियुक्त मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष शोभना भरतीया, मुद्रक और प्रकाशक अमित चोपड़ा, प्रधान संपादक शशि शेखर, कार्यकारी संपादक अकु श्रीवास्तव और स्थानीय संपादक बिनोद बंधु के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420/471/476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स् एक्ट, 1867 की धाराएं 8 बी,14 और 15 के तहत लगाए गए सभी अभियोग को प्रथम दृष्टया सत्य घोषित कर दिया है।
 
इस बीच, नवीनतम पुलिस रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस उपाधीक्षक की पर्यवेक्षण रिपोर्ट के आलोक में पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन ने इस कांड में ‘पुलिस रिपोर्ट -।।‘ जारी कर दिया है। रिपोर्ट -।। के जारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। प्रथम अभियुक्त शोभना भरतीया को छोड़कर पुलिस अधीक्षक अन्य नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई किसी भी वक्त कर सकते हैं। स्मरणीय है इस सनसनीखेज मुकदमे में सूचक सामाजिक कार्यकर्ता और आर0टी0आई0 कार्यकर्ता मंटू शर्मा हैं।
 
श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट। इनसे संपर्क मोबाइल नं0-09470400813 के जरिए किया जा सकता है।

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