‘हिन्दुस्तान’ व ‘जागरण’ पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप, आरक्षण समर्थकों ने नारा लगाया ‘ब्राह्मणवादी मीडिया से सावधान’

इलाहाबाद। आरक्षण के नये फार्मूले पर इलाहाबादी मीडिया के कुछ संस्थानों द्वारा एक तरफा कवरेज पर समर्थक प्रतियोगी छात्रों में काफी गुस्सा है। आरक्षण के समर्थन में दो दिन से जगह-जगह हो रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मी भी उनके निशाने पर हैं। शनिवार व रविवार को कई जगहों पर समर्थकों के विशाल हुजूम से मीडिया के खिलाफ जमकर नारे बाजी की गयी। सपा जिलाध्यक्ष पंधारी यादव के घर घेराव व तोड़फोड़ के दौरान समर्थकों में मीडिया के खिलाफ गुस्से को देख फोटोग्राफर कवरेज करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे।

दरअसल लोकसेवा आयोग द्वारा लागू त्रिस्तरीय आरक्षण के मुद्दे पर शहर में हुए उग्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान कुछ बड़े मीडिया संस्थानों के पत्रकारों द्वारा की गई रिपोर्टिंग पर सवालिया निशान लग रहे हैं। खासकर मीडिया की आरक्षण विरोधी भूमिका पर। इस घटना की रिपोर्ट की विभिन्न समाचारों की प्रस्तुति में भिन्नता दिखायी देगी। विभिन्न भी घटना के दृश्यों मंे भी अपने-अपने तरीके से चुनाव किया गया। किसी भी पाठक और दर्शक के लिये यह एक उत्सुकता का प्रश्न हो सकता है कि आखिर एक ही घटना की प्रस्तुति में यह भिन्नता क्यों है। दरअसल समाचार लिखने वालों की पृष्ठिभूमि में भिन्नता है। इनमें कौन दलित, पिछड़े और सवर्ण हैं, यह साफ-साफ समझा जा सकते है।

आरक्षण समर्थकों ने मीडिया के खिलाफ गुस्से का इजहार एक पर्चा निकालकर किया है, जो इलाहाबाद में चर्चा का विषय बना हुआ है। पर्चे में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दौरान दैनिक हिन्दुस्तान के संपादक दयाशंकर शुक्ला ‘सागर’ व दैनिक जागरण के चीफ रिपोर्टर हरिशंकर मिश्रा पर एकतरफा रिपोर्टिंग का आरोप लगाया गया है। पर्चे में लिखा गया है कि इन दोनों लोगों ने पत्रकारिता के सिद्धांतों को ताक पर रख कर कवरेज कराया और अपने पत्रों में प्रमुखता से खबर छापी। उन पर ब्रह्मणवादी होने का आरोप है और पर्चे में कहा गया है कि ब्राह्मण वादी मीडिया से सावधान!

इलाहाबाद से राजीव चन्देल की रिपोर्ट.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *