‘हे शिवजी, लंबी उम्र दो बाल ठाकरे को वरना सैनिक आपको भी नहीं छोड़ेंगे’

Prashant Pathak : बाल ठाकरे देश के बहुत बड़े नेता हैं, टीवी देखकर पता चला … हे शिव जी बाला साहब को लम्बी उम्र दो वरना…सैनिक आपको भी नहीं छोड़ेगे, कल कुछ को ही ठोका था


Avinash Das : सुनने में आ रहा है कि बाल ठाकरे गया। वह "टाइगर" चला गया, जिसकी बेमतलब दहाड़ को देश का "खाप-समूह" अपना राष्‍ट्र-गान मानता था। मुझे सन सत्तर में लिखी बाबा नागार्जुन की एक कविता याद आ रही है…

बाल ठाकरे ! बाल ठाकरे !

कैसे फासिस्‍टी प्रभुओं की —
गला रहा है दाल ठाकरे !

अबे संभल जा, वो आ पहुंचा बाल ठाकरे !

सबने हां की, कौन ना करे !
छिप जा, मत तू उधर ताक रे !

शिव-सेना की वर्दी डाटे जमा रहा लय-ताल ठाकरे !
सभी डर गये, बजा रहा है गाल ठाकरे !
गूंज रही सह्यद्रि घाटियां, मचा रहा भूचाल ठाकरे !
मन ही मन कहते राजा जी; जिये भला सौ साल ठाकरे !
चुप है कवि, डरता है शायद, खींच नहीं ले खाल ठाकरे !
कौन नहीं फंसता है, देखें, बिछा चुका है जाल ठाकरे !
बाल ठाकरे! बाल ठाकरे! बाल ठाकरे! बाल ठाकरे !

बर्बरता की ढाल ठाकरे !
प्रजातंत्र के काल ठाकरे !
धन-पिशाच के इंगित पाकर ऊंचा करता भाल ठाकरे !
चला पूछने मुसोलिनी से अपने दिल का हाल ठाकरे !
बाल ठाकरे ! बाल ठाकरे ! बाल ठाकरे ! बाल ठाकरे !

    Anuradha Jha Kya fayada hua……Raj thakre ko to yahi chod kar chala gya
 
    Vikrant Kishore ….कोई भी नेता अपने supporter की वजह से होता है और उतनी उसकी राजनितिक लाइफ होती है… अगर लालू , रामविलास जैसे नेता इस देश का दुर्भाग्य हो सकते है तो TIGER भी बैलेंसिंग force की तरह ही है
 
    Ravindra Nath Mishra …..और बुड्ढा सटक गया। दुख इस बात का है कि अपने पीछे आग मूतने वालों की बारात सजा हुआ छोड़कर गया…..
 
    Rupa Singh …pakistan ki demand karne wale Jinna ko …bhayanak bimari thi…use pata tha …jaldi hi wo satakne wala hai….par khun ki pyas madak hoti hai shayad…kabr me pair latkaye baithe buddhhe netao ko pata hai…jaldi hi satakna hai fir bhi….jai rathyatra….
 
    Mayank Mishra kya kavita hai…wah wah…
   
    Mritynjoy Thakur Andar kee khabar yahi hai, nahi to virodhi dal ke log nahi milne gaye hote.
    
    Keshav Karna वाह…! शायद किसी प्रकाशक में इसे छापने की हिम्मत नहीं रही होगी। इसी लिए हालिया प्रकाशित बाबा जी के संकलन इस से वंचित हैं।
     
    Rajshekhar Vyas बाबा बिशम्भर नाथ पांडे …इतिहासकार थे कवि नहीं पर उन्होंने भी बल ठाकरे पर बाबा नागार्जुन से भी खतरनाक कविता लिखी थी मेरी फिल्म ""'शताब्दी के गवाह ""मैं उन्होंने उसका पाठ भी किया हैं .उस कविता को भी किसी प्रकाशक ने छपने का सामना नहिओ किया
     
    Abhinaw Upadhyay aisa sahas baba nagarjun he kar sakte the. lajwab
     
    Vijay Kumar kya avinash bahi ap her jagah khap ko ghasitte rahte hain….khap me kuchh gambhi contradiction ho sakti hain…but still we need to look at it from a positive perspective as well…
     
    Sunil Badal बाल ठाकरे जैसे लोग क्यों पनपते हैं और उनकी बात सुननेवाले क्यों मिलते हैं, ये भी एक सवाल है


 Yashwant Singh :  Uska jeena khatarnaak, uska marna bhi khatarnaak… Maha on high alert!

   Amit Angira HMMMM BUT DONT SAY ELSE ABOUT IT NOW BHAI IT COULD BE SENSITIVE YOU KNOW
 
    Narendra Kumar Thakur उसकी देशभक्ति शंका से परे है ….वो भारत माता का सच्चा सपूत है …उसने हमेशा निर्भयता के साथ आवाज बुलंद की …/
 
    Srikant Saurav नरेंद्र जी,जरा पक्षपात का बेढंगा चश्मा उतार कमेन्ट कीजिये. इतना देशभक्त है ठाकरे तो कभी बिहार या यूपी क्यों नहीं गया. औकात की बाट लग जाती उसकी. और देशभक्ति का चोला उतर जाता.
   
    Anil Sakargaye dil-o-dimaag khush kar diya ……….boss


Mayank Saxena : अब पाकिस्तान से देश को कौन बचाएगा? अब बड़ी समस्याओं के वक्त औल फौल बयान दे कर मुद्दे से ध्यान भटकाएगा? अब कौन सबक देगा कि हर बूढ़े का सम्मान नहीं किया जा सकता? अब कैसे मराठी राजनीति में ज़हर का अभाव पूरा हो पाएगा? अब ख़बर न होने पर टीवी चैनलों को किसके बयान को बवाल बनाना होगा? अब सामना क्यों बिकेगा?


Mayank Saxena : अच्छा बताइए आगे मुंबई में 'उधम' का 'राज' होगा या फिर राज का उधम?


Mayank Saxena : ठाकरे वाकई ग़ज़ब हिम्मती लोग हैं…उद्धव ने ऐसे वक्त में भी मज़ाक करना नहीं छोड़ा है… बोले हैं, 'शिवसैनिक संयम रखें…धैर्य से काम लें…मातोश्री का नाम न बदनाम करें…' ग़ज़बै सेंस ऑफ ह्यूमर…


Mohammad Anas : बड़े बड़ों की मौत की खबर देने वाले पत्रकार साथी आखिर 'इत्ते बड़े ' आदमी की मौत पर चुप क्यों हैं, अब क्या सरकारी प्रेस रिलीज निकालेगी, अरे छाप दो, दिखा दो…. मुसोलिनी चल बसा…



Zafar Irshad : रात 2 बजे ही आंख खुल गयी..बहुत देर तक सोचता रहा की आखिर नींद क्यो नही आ रही है तो उठ कर टीवी खोला तो देखा बाला साहिब ठाकरे की हालत बहुत नाज़ुक है.. अब बाला साहिब से मेरा क्या रिश्ता ? ये तो मेरी समझ मे नही आया, मैं तो कभी उनसे मिला भी नहीं.. फिर बाला साहिब का बीमार होना और मुझे नींद न आना.. कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है, कन्फ़ुज़िया गया हूं लगता है…


प्रशांत, अविनाश, यशवंत, मयंक, अनस, जफर के फेसबुक वॉल से साभार.

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