हैदराबाद ले जाये जाने वाले खाली कोच का गेट पकड़ कर लटके थे राजीव गौड़!

दैनिक भास्कर डाट काम में राजीव गौड़ की मृत्यु को लेकर जो स्टोरी प्रकाशित है उसमें बताया गया है कि जिस कोच का गेट पकड़ कर राजीव गौड़ लटके थे, वह खाली कोच था और उसे हैदराबाद भेजा जाना था. राजीव को एसी डिब्बे के बाहर लटकता देख उन्हें छोड़ने आए रामशरण ने दौड़कर सहायक स्टेशन मास्टर अरविंद साहू से गाड़ी रोकने के लिए मिन्नतें की और गाड़ी रोकने के बदले में होने वाले नुकसान की भरपाई करने की भी बात की. लेकिन सहायक स्टेशन मास्टर साहू ने यह कहकर ट्रेन रोकने से इंकार कर दिया कि इस बारे में भोपाल डीआरएम से बात कर लें. इस बीच ट्रेन कुल्हार स्टेशन पार कर चुकी थी. वहां भी ट्रेन को नहीं रोका गया. पूरी खबर पढ़िए…

दर्दनाक हादसा! एसी कोच का गेट नहीं खुला और 11 किमी तक लटकते रहे राजीव गौड़

राजीव गौड़


गंजबासौदा।  जेपी पावर प्लांट के एक्जीक्यूटिव प्रेसीडेंट राजीव गौड़ की दक्षिण एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। एसी कोच का गेट नहीं खुलने की वजह से वे करीब 11 किमी तक चलती ट्रेन के गेट पर लटके रहे। वे गेट खुलवाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। लेकिन हाथ छूट जाने से ट्रेन से नीचे गिर गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।  
 
40 वर्षीय गौड़ रविवार सुबह हजरत निजामुद्दीन-हैदराबाद दक्षिण एक्सप्रेस से भोपाल जाने के मंडीबामोरा स्टेशन आए थे। 9.14 बजे ट्रेन आई। लेकिन जिस एसी कोच में उन्हें सफर करना था उसके गेट नहीं खुले। इस बीच ट्रेन चलने लगी और गौड़ दूसरे एसी कोच के गेट पर लटक गए। यह हैदराबाद ले जाया जा रहा खाली कोच था। गौड़ गेट पर लटके रह गए और ट्रेन ने गति पकड़ ली। 10 किमी बाद कुल्हार स्टेशन पर भी ट्रेन नहीं रुकी। यहां से करीब एक किमी आगे ट्रेन से गिर जाने पर उनकी मौत हो गई।  गौड़ के सूटकेस में रुपए, लैपटाप तथा बीना से भोपाल तक का एसी कोच का टिकट मिला है। जेपी कंपनी बीना रिफायनरी में पावर प्लांट लगा रही है।  

राजीव को एसी डिब्बे के बाहर लटकता देख उन्हें छोड़ने आए रामशरण ने दौड़कर सहायक स्टेशन मास्टर अरविंद साहू से गाड़ी रोकने के लिए मिन्नतें की। उन्होंने इसके बदले में होने वाले नुकसान की भरपाई करने की भी बात की। लेकिन साहू ने यह कहकर ट्रेन रोकने से इंकार कर दिया कि इस बारे में भोपाल डीआरएम से बात कर लें। इस बीच ट्रेन कुल्हार स्टेशन पार कर चुकी थी। वहां भी ट्रेन को नहीं रोका गया।

सुबह 9.20 बजे पटरी पर गिरे राजीव गौड़ के शव को पुलिस ने निरीक्षण के बाद दोपहर 2.40 बजे उठाया। राजीव जेपी इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जयप्रकाश गौड़ के भतीजे थे। अंतिम संस्कार के लिए शव उप्र के बुलंदशहर ले जाया जा रहा है।

इस मामले में भोपाल रेल मंडल के डीआरएम राजीव चौधरी ने कहा कि रेलवे का कोई भी नियम किसी की जान बचाने से नहीं रोकता।  स्टेशन मैनेजर को जो कदम उठाना चाहिए था, वह उसने नहीं उठाया। उसका लाइन ऑफ एक्शन सही नहीं था। प्रथम दृष्टया इससे उसकी असंवेदनशीलता उजागर हो रही है। इसलिए फिलहाल उसे सस्पेंड किया गया है। इसके बाद मामले की जांच में ही सामने आ सकेगा कि आगे की कार्रवाई किस तरह की जाएगी।


राजीव गौड़ से संबंधित अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें- राजीव गौड़ डेथ स्टोरीज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *