Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

अंधविश्‍वास का समर्थन करती पेड न्‍यूज भास्‍कर की अंग्रेजी वेबसाइट पर

आज के युग में भले ही मीडिया कितना हाईटेक हो जाए, लेकिन जहां कमाई का जरिया हो तो वह अंधविश्‍वास की खबरों को भी बढ़ा-चढ़ाकर प्रकाशित/प्रसारित करने से नहीं चूकता। और अगर बात दैनिक भास्कर समूह की हो, तो उसके तो क्या कहने। कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है दैनिक भास्कर की अंग्रेजी वेबसाइट डेली भास्कर डाट कॉम पर।

आज के युग में भले ही मीडिया कितना हाईटेक हो जाए, लेकिन जहां कमाई का जरिया हो तो वह अंधविश्‍वास की खबरों को भी बढ़ा-चढ़ाकर प्रकाशित/प्रसारित करने से नहीं चूकता। और अगर बात दैनिक भास्कर समूह की हो, तो उसके तो क्या कहने। कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है दैनिक भास्कर की अंग्रेजी वेबसाइट डेली भास्कर डाट कॉम पर।

इस वेबसाइट पर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित घाटा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में आस्था के नाम पर होने वाले अंधविश्‍वास को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। वेबसाइट पर भूत-पिशाच, काला जादू तथा ऊपरी हवाओं के प्रभाव से मुक्त कराने संबंधी समाचार छपा है। इस समाचार में प्रकाशित किया गया है कि जर्मनी, नीदरलैण्ड, एम्स तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी के शोधार्थी, वैज्ञानिक तथा मनोचिकित्सक मेहंदीपुर बालाजी में इस बात की रिसर्च करने आ रहे हैं कि आखिर यहां लोगों के शरीर से भूत-प्रेत कैसे निकाले जाते हैं। खबर में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलाजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर पी.सी. जोशी के हवाले से कहा गया है कि इसके लिए जर्मनी और भारत के बीच प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

रिसर्च के लिए जर्मनी और भारत के शोधार्थियों के मेहंदीपुर जाने या इसकी तैयारियों संबंधी खबर में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सबसे अलग गोपनीय तथ्य यह है कि यह खबर तब प्रकाशित की गई है जब ईटीवी राजस्थान ने मेहंदीपुर बालाजी में आस्था के नाम पर अंधविश्‍वास के खिलाफ खबरों का निरंतर प्रसारण किया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घाटा मेहंदीपुर ट्रस्ट के प्रमुख महंत
किशोरपुरी महाराज ने एक पीआर एजेंसी से भी ईटीवी राजस्थान पर खबरों का प्रसारण रूकवाने के लिए सहायता ली, लेकिन डील फाइनल नहीं हो पाई। ऐसे में अब वेब और अन्य माध्यमों से यहां के माहौल को सामान्य बनाने की खबरों का प्रकाशन करवाया जा रहा है।

यह भी गोपनीय रूप से सूचना मिली है कि भास्कर समूह को इसके लिए करीब 15 लाख रुपए का भुगतान भी घाटा मेहंदीपुर ट्रस्ट की ओर से किया गया है। भास्कर ने करीब ढाई साल पहले भी इसी प्रकार के समाचार अपनी वेबसाइट और अखबार में प्रकाशित किए थे, दोनों के स्‍क्रीन शॉट नीचे दिए जा रहे हैं।

भास्‍कर की अंग्रेजी वेबसाइट

उल्लेखनीय है कि घाटा मेहंदीपुर बालाजी के गर्भगृह में स्थापित बालाजी की प्रतिमा के दर्शनों के लिए कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं लेकिन गर्भगृह के उपर स्थित ‘‘प्रेतराज के दरबार’’ में कई अंधविश्‍वासी लोग भूत-प्रेत, चुडैल और पिशाचों से मुक्ति दिलाने के लिए अपने परिजनों को यहां लेकर आते हैं। जहां मंदिर समिति के पण्डित उनका कथित इलाज करते हैं।

भास्‍कर की हिंदी वेबसाइट पर प्रकाशित खबर

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...