हिन्दुस्तान वाले काम करते समय पता नहीं अपना दिमाग कहां रखते हैं. आए दिन बड़ी-बड़ी गलती करते ही जा रहे हैं. पिछले दिनों उन्होंने ऐसी ही गलती की थी, जिसमें खबर कुछ और हेडिंग कुछ और था. इस खबर को भी भड़ास पर प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद इसमें सुधार कर लिया गया. हिंदुस्तान के ऑन लाइन संस्करण में शनिवार को भी एक ऐसी ही गड़बड़ी देखने को मिली है.
इस खबर में भी हेडिंग और न्यूज का कोई तालमेल नहीं है. आखिर हिंदुस्तान वाले किस स्थिति में अपने ऑन लाइन एडिशन को अपडेट करते हैं. आए दिन इस तरह की गलतियां होना कहीं न कहीं यह बताता है कि अक्षम लोग हिंदुस्तान से जुड़ गए हैं, क्योंकि गलतियां होनी बड़ी बात नहीं है बल्कि कई दिनों तक गलतियों को सुधारा ना जाना या फिर खबर अपडेट करने वाले का दुबारा खबर को पढ़कर चेक ना करना उनकी लापरवाही को दिखाता है. नीचे आप भी देखिए खबर की लिंक और स्क्रीन शॉट..

गाजीपुर से केके की रिपोर्ट.






