Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

अखबार नहीं घुसने दिया तो दैनिक जागरण वालों ने मुजफ्फरनगर के डीएम को तानाशाह लिखा

कुछ लोगों का कहना है कि दैनिक जागरण एकपक्षीय खबरें छापता है और खासकर हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने का काम करता है, इसलिए इस अखबार पर दंगों के दौरान पाबंदी पूरी तरह उचित है. इस पाबंदी से बौखलाए दैनिक जागरण के लोगों ने मुजफ्फरनगर के डीएम को तानाशाह करार दिया है और अखबार न बेचे देने को मीडिया पर सेंसरशिप के विशेषण से नवाजा है.. ये वो खबर है जो दैनिक जागरण की वेबसाइट पर फ्लैश हुई है…

कुछ लोगों का कहना है कि दैनिक जागरण एकपक्षीय खबरें छापता है और खासकर हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने का काम करता है, इसलिए इस अखबार पर दंगों के दौरान पाबंदी पूरी तरह उचित है. इस पाबंदी से बौखलाए दैनिक जागरण के लोगों ने मुजफ्फरनगर के डीएम को तानाशाह करार दिया है और अखबार न बेचे देने को मीडिया पर सेंसरशिप के विशेषण से नवाजा है.. ये वो खबर है जो दैनिक जागरण की वेबसाइट पर फ्लैश हुई है…

तानाशाह डीएम मुजफ्फरनगर ने मीडिया पर लगाई 'सेंसरशिप'

मुजफ्फरनगर : पुलिस-प्रशासन की नासमझी से दंगे की आग में जल रहे मुजफ्फरनगर में अब डीएम कौशलराज शर्मा पूरी तरह तानाशाही पर उतर आए है। दंगा नियंत्रण के हर मोर्च पर विफल साबित होने वाले जिला प्रशासन ने रविवार को अप्रत्याशित कदम उठाते हुए पूरे शहर में समाचार पत्रों के वितरण पर पाबंदी लगा दी। इतना ही नही डीएम ने पूरे जिले के उपद्रवग्रस्त इलाकों में मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हाल फिलहाल मीडिया पर ऐसी पाबंदी देखने में नही आई है। डीएम के इस अबूझ निर्णय पर आम नागरिकों के साथ-साथ पूरे मीडिया समूह में जबरदस्त नाराजगी है।

डीएम के अकर्मण्यता से पूरे जिले में फैली दंगे की आग को देखकर शायद अब पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए है। उपद्रवग्रस्त स्थानों पर सेना और अ‌र्द्धसैनिक बलों को उतारने के बावजूद बेकाबू हो रहे इस दंगे में अब प्रशासन को यह नही सूझ रहा है कि अगला कदम क्या उठाया जाए। कवाल की घटना के एक पखवाड़ा के बाद भी हाथ पर हाथ धरे पुलिस प्रशासन के इस निकम्मेपन का नतीजा यह है कि आज पूरा जिला यहां तक की गांव की गलियां हिंसा के दवानल में समा गई हैं। प्रशासन एक जगह स्थिति संभालता नही है, कि दो अन्य स्थानों में उपद्रव शुरू हो जाता है। पूरे जिले में मारकाट और खून खराबा चल रहा है। फौज बेशक तैनात है, लेकिन हालात इतने संगीन है कि प्रशासन का गला सूखा हुआ है।

शायद अपनी प्रशासनिक विफलता का यह नतीजा देख डीएम मीडिया पर खीज उतारने में लग गए है। लोकतंत्र में सूचना पाने के संवैधानिक अधिकार को डीएम खुलेआम रौंदने पर आमादा है। हद तो तब हो गई जब रविवार सुबह तमाम समाचार पत्रों के वितरण पर प्रशासन ने पाबंदी लगा दी। अखबार से लदे वाहनों को पुलिस ने जिले की सीमा में प्रवेश करते ही अपने कब्जे में ले लिया।

इसके बाद तमाम कोशिशों के बाद डीएम अखबार के वितरण पर सहमत नही हुए। पूरे शहर के किसी इलाके में किसी भी समाचार पत्र का वितरण नही होने दिया। निश्चित तौर पर जिला प्रशासन के इस कदम को खुद की नाकामी छिपाने की एक अलोकतांत्रिक साजिश माना जा रहा है। जिले में तमाम उपद्रव और हिंसा की वारदातें हुई हैं, लेकिन अब तक ऐसा नाकारा प्रशासन मुजफ्फरनगर की जनता ने नही देखा है कि सूचना पाने के अधिकार से ही उसे वंचित कर दिया गया हो। माना जा रहा है कि प्रशासन अखबार के वितरण पर पाबंदी लगाकर दंगे की वीभत्सता और खुद के नाकारा पन को ढकने की कोशिश कर रहा है। डीएम से इस बाबत बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि शहर में दंगा-फसाद हो रहा है, बाद में बात करूंगा।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...